महाराष्ट्र: एकनाथ खडसे ने बीजेपी से दिया इस्तीफा, एनसीपी में शामिल होने की अटकलें तेज़

मुंबई
महाराष्ट्र में बीजेपी के कद्दावर नेता एकनाथ खडसे ने बुधवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। काफी दिनों से खडसे के बीजेपी छोड़ने की अटकले थीं। कहा जा रहा है कि 22 अक्टूबर को खडसे एनसीपी में शामिल होंगे। खडसे की ओर से एनसीपी में शामिल होने को लेकर इशारे मिलने लगे हैं। चर्चा है कि जल्द ही पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें उद्धव सरकार में मंत्री पद से नवाजा जाएगा।

प्रदेश में सत्ता से बाहर बैठी बीजेपी के लिए खडसे का पार्टी छोड़ना बड़ा झटका है। महाराष्ट्र बीजेपी में खडसे ओबीसी समुदाय का बड़ा चेहरा माने जाते थे। ऐसे में खडसे के पार्टी छोड़ने के बाद तकरीबन 40 फीसदी ओबीसी वोटरों को लुभाने के लिए फिलहाल बीजेपी के पास कोई बड़ा चेहरा नहीं है। ऐसा माना जाता है कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करने के लिए बीजेपी के पास तीन बड़े चेहरे थे। इनमें गोपीनाथ मुंडे, विनोद तावड़े और एकनाथ खडसे प्रमुख थे। मुंडे की कार दुर्घटना में मौत हो गई, जिसके बाद उनकी बेटी पंकजा मुंडे प्रदेश की राजनीति में काफी सक्रिय दिखीं। हालांकि, वह भी काफी समय से पार्टी में हाशिए पर हैं।

देवेंद्र फडणवीस से छत्तीस का आंकड़ा
उनके अलावा विनोद तावड़े को पार्टी ने लंबे समय से साइडलाइन किया है। एकनाथ खडसे की भी पार्टी के साथ साल 2016 से ही खटपट चल रही है। देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री रहे खडसे को भूमि कब्जे के मामले में अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। खडने ने इसे देवेंद्र फडणवीस की साजिश बताया था। उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंचों से इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद उन्हें बीते विधानसभा चुनाव में पार्टी की ओर से टिकट भी नहीं दिया गया। उनकी जगह खडसे की बेटी रोहिणी को टिकट दिया गया था, जो चुनाव हार गई थीं।एनसीपी में हो सकते हैं शामिल!

काफी समय से पार्टी से नाराज चल रहे खडसे को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह बीजेपी छोड़ एनसीपी में शामिल होंगे। इसे लेकर जब देवेंद्र फडणवीस से बीते दिनों सवाल किया गया था तो उन्होंने जवाब दिया था कि ऐसे मुहुर्त की बातें हर रोज होती हैं और वह इस बारे में कुछ नहीं बोलेंगे। वहीं, इससे पहले एनसीपी चीफ शरद पवार ने जरूर खडसे की सराहना की थी और उन्हें एनसीपी में शामिल होने के लिए इशारों में आमंत्रित किया था। पवार ने बीजेपी में खडसे को दरकिनार किए जाने का हवाला देते हुए उनसे कहा था कि उन्हें ऐसी पार्टी में होना चाहिए, जो उनके कठिन मेहनत की सराहना करती है।

6 बार बीजेपी विधायक रहे खडसे
एकनाथ खडसे पार्टी के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं। वह 6 बार पार्टी के टिकट से विधायक बने हैं। इसके अलावा वह साल 1995 में शिवसेना-बीजेपी सरकार में जल मंत्री रह चुके हैं। साल 2009-14 के बीच उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई है। साल 2014 में भी बीजेपी को सरकार बनाने का मौका मिला तो उन्हें कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके पास दर्जन भर विभागों का कार्यभार था।मैं बीजेपी से नाराज नहीं हूं। मैं सिर्फ एक व्यक्ति से नाराज हूं। मेरी नाराजगी देवेंद्र फडणवीस से है। जब मुझ पर आरोप लगा था, उस वक्त मैंने खुद सीएम से कहा था कि मुझ पर आरोप लगा रहे हो? उसके बाद जांच की गई लेकिन उसमें कुछ नहीं निकला।एकनाथ खडसे 

उस समय सीएम फडणवीस के बाद सरकार में खडसे दूसरे नंबर के नेता माने जाते थे। हालांकि, साल 2016 में जमीन विवाद में नाम आने के बाद उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से ही उनकी पार्टी से नहीं बन रही थी। कई दिनों से चल रही अटकलों को विराम देते हुए खडसे ने आखिरकार पार्टी से इस्तीफा दे ही दिया।

फडणवीस पर निकाली भड़ास
पार्टी छोड़ने के बाद एकनाथ खडसे ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर जमकर भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि बीते 4 सालों में उन्हें अपनी ही पार्टी में काफी बदनामी सहनी पड़ी है। खडसे ने कहा, ‘मैं बीजेपी पर नाराज नही हूं बल्कि एक व्यक्ति पर हूं। मेरे ऊपर जो आरोप लगा, उस पर जांच हुई लेकिन उसमें कुछ नहीं मिला। बाकी नेताओं पर आरोप लगे लेकिन उनको क्लीन चिट दी जाती है और मुझे नहीं।’

खडसे ने कहा कि मैं किसी को लेकर अपनी नाराजगी नही जताता रहा हूं। मेरे पीछे जनता है और मैंने अपना इस्तीफा दिया है। मैं एनसीपी में शामिल होऊंगा। उन्होंने कहा कि मेरी नाराजगी देवेंद्र फडणवीस से है। जब मुझ पर आरोप लगा था, उस वक्त मैंने खुद सीएम से कहा था कि मुझ पर आरोप लगा रहे हो? उसके बाद जांच की गई लेकिन उसमें कुछ नहीं निकला। उन्होंने कहा कि इतने सालों में आज तक मुझ पर किसी भी तरह का कोई आरोप नहीं लगा है।

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