
वर्तमान समय में हो रही घटनाओं को देखकर लग रहा है कि निकिता तोमर के साथ जो हुआ वह तो महज शुरूआत थी। दरअसल हाल में ही हरियाणा में एक लड़की जब कोचिंग क्लास के लिए जा रही थी, तो उसे अगवा करने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं, जब लड़की ने विरोध किया, तो निकिता तोमर जैसी घटना दोहराने की धमकी देकर उसके साथ बदसलूकी की गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तीनों आरोपियों को बुरी तरह पीटते हुए पुलिस के हवाले किया गया।हरियाणा के नूह जिले के तावडू क्षेत्र से यह घटना सामने आई है।
कक्षा 12 वीं में पढ़ने वाली छात्रा कोचिंग क्लास के लिए घर से निकली ही थी, तभी तीन लड़कों ने सरेआम उसके साथ छेड़खानी करना शुरू कर दिया। जब लड़की ने उनका विरोध किया तो लड़कों ने उसे जबरन अगवा करने का प्रयास किया।सूत्रों के अनुसार, पुलिस से की गई शिकायत में लड़की ने बताया कि 2 अप्रैल को वह विजय चौक के पास ट्यूशन पढ़ने जा रही थी। तभी आरोपियों में से दो लड़कों ने उसका पीछा करना शुरू किया और छेड़खानी की। लड़की ने बताया कि उनमें से एक आरोपी कह रहा था कि यदि वह अपना धर्म बदल कर उसके साथ निकाह नहीं करेगी तो, वो उसके साथ वही करेंगे, जो निकिता तोमर के साथ हुआ था। इसके बाद एक लड़के ने लड़की को खींचकर बाइक पर बैठाने का प्रयास किया।
लड़की के विरोध करने पर आरोपी ने अपने 6-7 अन्य दोस्तों को बुला लिया और उसे खींचकर बाइक पर बैठा लिया। जब लड़की ने शोर मचाया तो स्थानीय लोग उसकी सहायता के लिए आ गए। इस दौरान कई युवक तो भागने में सफल रहे, लेकिन स्थानीय लोगों ने तीन प्रमुख आरोपियों हमजा, परवेज और शाहिद को पकड़ लिया।
इसके बाद स्थानीय लोगों ने तीनों युवकों को पीटते हुए पुलिस के हवाले कर दिया गया। जैसे ही इलाके के लोगों को इस बात की जानकारी मिली, तो वह थाने पहुँच गए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग करने लगे। वहीं लड़की के परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि हमजा का परिवार अवैध गतिविधियों में लिप्त है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
ये निकिता तोमर थी कौन ? उसके साथ ऐसा क्या हुआ, जिसके कारण वर्तमान घटना को उससे जोड़ा जा रहा है ? दरअसल 26 अक्टूबर 2020 को फरीदाबाद स्थित बल्लभगढ़ में दिनदहाड़े एक हिंदू लड़की निकिता तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके घरवालों ने आरोप लगाया था कि निकिता पर तौसीफ नामक युवक धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। तौसीफ बार-बार निकिता पर दवाब बना रहा था कि ‘मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे’ मगर जब निकिता ने उसकी बात नहीं सुनी, तो गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।
फिर ऐसा क्या हुआ, जिससे हमज़ा, परवेज़ और शाहिद को इतना बल मिल गया कि वे निकिता तोमर हत्याकांड को दोहराने की धमकियाँ देने लगे ? दरअसल हाल ही में हरियाणा के फरीदाबाद स्थित जिला न्यायालय ने प्रमुख आरोपी तौसीफ़ और दो अन्य को उम्रकैद की सज़ा सुनाई, जो ऐसे जघन्य अपराध के लिए अपर्याप्त सिद्ध हो रही है। हरियाणा सरकार ने कहने के लिए तो लव जिहाद जैसी घटनाओं को रोकने के लिए एक कानून ईजाद किया है, लेकिन उसे पूरी तरह से लागू नहीं कर पाई है।
दिल्ली से भगाए जाने पर रोहिंग्या घुसपैठिए पहले ही हरियाणा के मेवात जिले को अपना डेरा बना रहे हैं। अगर सरकार अभी नहीं चेती तो, जो 2020 में निकिता तोमर के साथ हुआ, वो जल्द ही एक आम बात हो जाएगी, जिसके लिए सिर्फ और सिर्फ वर्तमान हरियाणा सरकार की अकर्मण्यता ही जिम्मेदार होगी।














