मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव मतदानछिटपुट घटनाओं के बीच 51.89 प्रतिशत मतदान

भास्कर समाचार सेवा
मैनपुरी। लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए सोमवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया था। मतदान शुरू होने के बाद सुबह-सुबह मतदाताओं में उत्साह भी कम नजर आया। युवा मतदाताओं में जहां सुस्ती नजर आई तो वहीं शारीरिक अक्षमताओं की बावजूद बुजुर्गों और दिव्यांगों में उत्साह भरपूर रहा। उन्होंने मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपना वोट डालकर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। मैनपुरी में सोमवार की सुबह से लेकर शाम के 6 बजे तक छिटपुट घटनाओं के बीच 51.89 प्रतिशत मतदान हुआ।

सोमवार को सुबह सात बजे से जनपद के 1756 मतदेय स्थलों पर मतदान शुरू हो गया था। सुबह मौसम ठंडा रहने के चलते मतदान की रफ्तार भी धीमी रही। यहां तक कि युवा भी पहले दो घंटों में कम ही मतदान के लिए पहुंचे थे। लेकिन इस बीच शारीरिक रूप से अक्षम बुजुर्गों और दिव्यांगों को उनकी अक्षमता भी रोक नहीं सकी। कोई छड़ी के सहारे मतदान केंद्र तक पहुंचा तो वहीं कोई अपनों का हाथ थामकर वोट डालने पहुंचा। दिव्यांगों ने भी दिव्यांगता की बेड़ियां तोड़कर सबसे पहले अपना वोट डाला। वोट डालने के लिए पहुंचे दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं ने जनता को भी लोकतंत्र के पर्व में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरणा दी। दिन भर दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाता अपना वोट डालने के लिए पहुंचते रहे। इसके साथ ही लोकसभा उपचुनाव में सोमवार की सुबह से लेकर शाम के 6 बजे तक छिटपुट घटनाओं के बीच 51.89 प्रतिशत मतदान हुआ।

बुजुर्गो में मतदान के प्रति दिखा खासा उत्साह

करहल के आजाद हिंद इंटर कॉलेज में सुबह दस बजे के करीब 95 वर्षीय वृद्धा प्रेमादेवी लड़खड़ाते कदमों से मतदान के लिए पहुंचीं। उन्हें नाती अनिल कुमार सहारा दे रहा था। उन्होंने अपना वोट डाला और उसके बाद खुशी-खुशी घर चली गईं। इसके साथ ही शहर के करहल रोड स्थित बाल निकेतन स्कूल स्थित मतदेय स्थल पर 80 बर्षीय सोनवती देवी सुबह साढ़े नौ अपना वोट डालने पहुंचीं थीं। उम्र के इस पड़ाव में भी उन्होंने मतदेय स्थल पर पहुंचकर अपना वोट डाला बल्कि लोगों से वोट डालने की अपील भी करती नजर आईं। करहल के आजाद हिंद इंटर कॉलेज स्थित मतदान स्थल पर दोनों पैरों से दिव्यांग 26 बर्षीय स्वालिया सुबह दस बजे ही वोट डालने के लिए पहुंच गई थी। बिना किसी सहारे के वह खुद ही मतदान केंद्र पर पहुंची  और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। किशनी के करीब 80 बर्षीय जगदीश यादव को चलने-फिरने में दिक्कत होती है, लेकिन मतदान के लिए वह सुबह-सुबह ही पोलिंग बूथ पर पहुंच गए। मतदान कर एक नागरिक की जिम्मेदारी निभाई।

घूंघट की ओट से वोट की चोट

मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं। महिला मतदाताओं ने घूंघट की ओट से जमकर वोट की चोट की। आधी आबादी कही जाने वाली महिलाओं ने मतदान कर जिम्मेदार नागरिक की पूरी जिम्मेदारी निभाई। शहर ही नहीं ग्रामीण अंचल की महिला मतदाता भी मतदान के लिए अपने बूथों पर पहुंचीं। कई स्थानों पर महिला मतदाताओं की पुरुषों की अपेक्षा लंबी-लंबी लाइनें लगी देखी गईं। ग्रामीण अंचल में महिलाएं घूंघट की ओट में वोट डालने पहुंचीं। पोलिंग बूथों पर जहां युवतियों की भीड़ रही, वहीं बुजुर्ग महिलाओं को लाइन में न लगाकर सीधे वोट डालने जाते देखा गया। महिला मतदाताओं की भीड़ ने इस बात को पूरी तरह से साबित कर दिया कि अब महिलाएं लोकतंत्र में मतदान करने में किसी प्रकार से पीछे नहीं हैं।

हर बूथ की हुई वेबकास्टिंग

मतदान के दौरान सोमवार सुबह हर बूथ से वेबकास्टिंग की व्यवस्था कराई गई थी। पंचायत सहायक, शिक्षामित्र, जन सेवा केंद्र संचालक इस दायित्व को निभा रहे थें। वेबकास्टिंग के दौरान बूथ के अंदर की गतिविधियों कोे जिला स्तर पर बनाए जाने वाले कंट्रोल रुम के अलावा आयोग की बेवसाइट पर ही देखा जा सकता था।

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