नीदरलैंड्स में स्टिच्टिंग संस्कृति एंड संस्कार फाउंडेशन द्वारा ‘बुरा ना मानो, होली है’ होली उत्सव का भव्य आयोजन


(स्टिचिंग: डच भाषा में स्टिच्टिंग का अर्थ फाउंडेशन है)

आऊथहोर्न, नीदरलैंड्स: विगत् ०८-मार्च-२०२५ को नीदरलैंड्स स्थित स्टिच्टिंग संस्कृति एंड संस्कार फाउंडेशन द्वारा नीदरलैंड्स के आऊथहोर्न शहर में होली महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय संस्कृति की रंगारंग झलक देखने को मिली। इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों की समृद्ध परंपराओं को दर्शाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें संगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उत्सव में आने वाले सभी जनों का मुख्य द्वार पर होली का गुलाल लगा के अश्विनी केगांवकर और गायत्री पई के द्वारा स्वागत किया गया।
सुप्रिया शुक्ला और जयती ने पंजीकरण का कार्यभार सम्भाला।

इस आयोजन में नीदरलैंड्स में भारत के राजदूत, महामहिम श्री कुमार तुहिन जी, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, “मैं आज होली कार्यक्रम में आके अत्यंत प्रसन्न हूँ। भारतीय दूतावास नीदरलैंड्स स्तिथ भारतीयों के सुख और दुख में हमेशा साथ है।”
होली उत्सव की शुरुआत महामहिम के कर कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन और एक १४ वर्ष की गायिका, साची कर्णिक के द्वारा गाये गये सरस्वती वंदना के साथ हुई।

तत्पश्चात्, कलिका सक्सेना और रीना खट्टर के द्वारा बखूबी होस्ट किया गया भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें:
– वर्षा सोनी के समूह के बाल कलाकारों ने उत्तर भारतीय बॉलीवुड नृत्य प्रस्तुत किए गये
– वर्षा सोनी के नृत्य समूह ने वयस्कों ने भांगड़ा और बॉलीवुड नृत्य प्रस्तुत किए गये
– प्रिया मुंशी के समूह के बाल कलाकारों ने कृष्ण लीला, राधा और गोपियों पर आधारित पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया
– मोनालिसा के समूह के बाल कलाकारों ने कथक नृत्य प्रस्तुत किया
– केया और उनके समूह के बाल कलाकारों ने असमिया बिहू नृत्य प्रस्तुत किया
–  सौरभ, दीप्ति और ऋषि ने बॉलीवुड मेडली पर गाने प्रस्तुत किए गये
–  चित्रा और उनके समूह ने ऊर्जावान दक्षिण भारतीय नृत्य प्रस्तुत किया
– शीतल और मोनालिसा ने मराठी लावणी नृत्य प्रस्तुत किया

सांस्कृतिक कार्यक्रम के तत्पश्चात्, भारत के राजदूत, महामहिम श्री कुमार तुहिन जी के कर कमलों द्वारा ‘होलिका दहन’ पूजा की गई, जिसमें सहभागी भारतीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। पंडित इंद्रेश कुमार जी ने पूजा को क्रियान्वित किया।

तत्पश्चात् नीदरलैंडस-स्तिथ श्री अमेय धायगुड़े के मराठी मण्डल समूह के ढोल-ताशा की उत्साहित करने वाली ध्वनियों ने माहौल को और भी ऊर्जावान बना दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डीजे शौविक के साथ रंगों की होली रहा, जहां सभी ने मिलकर गुलाल और रंगों के साथ होली का आनंद बॉलीवुड के गानों पर नृत्य करके उठाया।

कार्यक्रम में भारतीय व्यंजन का भी तड़का रहा। भारत के विभिन्न राज्यों के मुख्य व्यंजन उपलब्ध रहे ताकि वहाँ उपस्थित लोग स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकें। ठंडई ने सबके गले को तो तर किया ही, साथ ही डीजे के होली गानों पर नृत्य करने की ऊर्जा भी प्रदान की।

स्टिच्टिंग की तरफ़ से प्रायोजकों और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। सभी ने होली उत्सव की सफलता पर प्रसन्नता दिखाई।

स्टिच्टिंग के अधिकारी, महेश वल्लभ पांडेय, कार्यकारी संस्थापक बोर्ड सदस्य और निदेशक; सीमा शर्मा, कार्यकारी संस्थापक बोर्ड सदस्य और निदेशक; शिल्पम चंद्रा, कार्यकारी संस्थापक बोर्डसदस्य और निदेशक; राकेश पई, कार्यकारी प्रबंधन टीम बोर्ड सदस्य; जिग्नेश कार्णिक, कार्यकारी प्रबंधन टीम बोर्ड सदस्य; आलोक शर्मा, कार्यकारी प्रबंधन टीम बोर्ड सदस्य; संदीप शुक्ला, कार्यकारी प्रबंधन टीम बोर्ड सदस्य और मीडिया प्रमुख; और डॉ. पूजा कार्णिक, सामाजिक, स्वास्थ्य एवं महिला गुट की प्रमुख कार्यक्रम के बाद काफ़ी प्रसन्नचित और संतुष्ट दिखाई दिये और कहा कि कार्यक्रम काफ़ी उत्साहवर्धक रहा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी समुदाय और डच (नीदरलैंडस के मूल निवासी) के लोग शामिल हुए और पूरे उत्साह और उल्लास के साथ इस रंग-बिरंगे पर्व का आनंद लिया। स्टिच्टिंग संस्कृति एंड संस्कार फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह भव्य होली उत्सव भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक बेहतरीन उदाहरण साबित हुआ, जहां पर डच लोगों ने भी भारतीय संस्कृति का एक उत्कृष्ट् उदाहरण अनुभव किया।

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