
भारतीय सेना ने चीन की सेना पीएलए (PLA) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. दुनिया में ड्रैगन की सेना की खिल्ली उड़ रही है. लद्दाख में चीन अब बुरी तरह से घिर गया है. भारतीय सेना के पराक्रम के आगे चीन की सभी साजिशें फुस्स साबित हुई हैं. 14 जून को लद्दाख में हुए संघर्ष के बाद अब पैंगोंग झील इलाके में भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों खदेड़ा दिया है. मामला 29-30 अगस्त की रात का है. पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर चीनी सैनिक घुसपैठ के लिए पूरे लाव लश्कर के साथ पहुंचे थे. ड्रैगन की आर्मी के 500 से अधिक सैनिक टैंकों के साथ भारतीय सीमा में घुसपैठ करने पहुंचे थे लेकिन उनकी ये कोशिश नाकाम साबित हुई. भारतीय जाबांजों ने ऐसा पराक्रम दिखाया कि चीनी सेना की टुकड़ी दुम दबाकर भाग खड़ी हुई. चीनी साजिश को नाकाम करने के साथ ही भारत के जवानों ने चीन के दावे वाली ब्लैक टॉप पोस्ट पर कब्जा कर लिया है. इतना ही नहीं भारतीय सेना ने इस पोस्ट पर मौजूद चीनी सेना के कैमरे और सर्विलांस उपकरणों को भी उखाड़ फेंका है. अब घबराए चीन ने दुनिया के सामने भारत को विलेन बनाने के लिए विक्टिम कार्ड खेला है.
पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव के लिए चीन ने भारत को जिम्मेदार ठहराया है. बीजिंग ने कहा है कि भारत और चीनी सैन्य बयान अलग-अलग थे. वहां केवल एक सच्चाई और तथ्य था. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा है कि नए चीन के इतिहास में उसने कभी भी दूसरे देश के क्षेत्र में एक इंच भी कब्जा नहीं किया. बीजिंग ने कहा है कि भारत को चीन की चिंताओं की गंभीरता से लेना चाहिए और सीमा पर शांति कायम करने में योगदान देना चाहिए.
बता दें कि आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार (31 अगस्त) को बताया कि भारतीय सेना ने ऐसा पैंगोंग सो क्षेत्र में एकतरफा यथास्थिति बदलने के चीन की सेना (पीएलए) के असफल प्रयास के बाद किया. सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने बताया कि चीन की सेना ने 29 और 30 अगस्त की दरम्यानी रात ”एकतरफा तरीके से पैंगोंग सो के दक्षिणी तट पर यथास्थिति बदलने के लिए ”उकसावेपूर्ण सैन्य गतिविधि की लेकिन भारतीय सैनिकों ने प्रयास को असफल कर दिया.
चीनी सेना ने सोमवार शाम को भारतीय सेना के बयान का खंडन किया था, जिसमें दावा किया गया था कि उसके सैनिकों ने एलएसी पार नहीं की थी. मंगलवार को एक बार फिर हुआ चुनयिंग ने इस दावे को दोहराया. उन्होंने कहा कि भारतीय पत्र का बयान चीनी पक्षों से अलग हो सकता है, लेकिन केवल एक सच्चाई और तथ्य है.
उन्होंने कहा कि नए चीन की स्थापना के 70 साल बाद, चीन ने कभी किसी युद्ध या संघर्ष को उकसाया नहीं और कभी भी दूसरे देश के क्षेत्र में एक इंच भी कब्जा नहीं किया. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चीन सैनिकों ने हमेशा एलएसी का कड़ाई से पालन किया और लाइन को कभी पार नहीं किया. उन्होंने आगे कहा कि संचार के शायद कुछ मुद्दे हैं. मुझे लगता है कि दोनों को पक्षों को तथ्यों के साथ चलना चाहिए और सभी द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने चाहिए और सीमा पर शांति के लिए ठोस उपाय करना चाहिए.
इस दौरान हुआ ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारतीय सैन्य बलों की तैनाती का भी उल्लेख किया है. उन्होंने कहा है कि भारत में सीमा पर सैन्य वृद्धि के बारे में कई मीडिया रिपोर्टें आई हैं. मुझे लगता है कि दोनों देशों के लोग एक साथ शांति से रहना चाहते हैं और ऐसी भारतीय मीडिया रिपोर्ट लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप नहीं है. प्रवक्ता ने कहा कि पिछले कुछ समय में चीन और भारत के बीच बहु-स्तरीय वार्ता हुई और सीमा पर मतभेतों को शांतिपूर्वक सुलझाने के लिए प्रयास किए हैं.