अलीगढ : मुठभेड में मारा गया सजा याफता मुस्तकीम   

राजीव शर्मा,

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अलीगढ। हरदुआगंज पुलिस मुठभेड में मारा गया मुस्तकीम सजा याफता था। उस पर उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखं में भी मुकदमे दर्ज है। पुलिस ने उसके सभी सबूत पत्रकारों के समक्ष रख दिये हैं।
एसएसपी अजय कुमार साहनी ने पत्रकारों को बताया कि बीस सितम्बर को हुई पुलिस मुठभेड पर नेताओं ने प्रश्नचिन्ह लगा दिया था। मुठभेड में मारे गए 25-25 हजार के इनामी बदमाशों पर दो साधुओं सहित छह हत्याओं के आठ मुकदमे दर्ज थे।

पुलिस ने इन अपराधियों के रिकार्ड खंगाले तो पता चला कि मुस्तकीम गैंग ने सन 2007 में जिला हापुड के गढमुक्तेश्वर निवासी शहरयाब दुग्ध व्यवसायी के साथ बदरखा रेलवे क्रासिंग पर लूटपाट करते हुए विरोध करने का मुकदमा दर्ज हुआ। बाद में पुलिस ने इसे बंदी बनाया। जिला रामपुर के थाना शाहबाद में ब्लाक प्रमुख जगवीर जाट हत्याकांड में लूटी गई लाइसेंसी पिस्टल और अन्य की बरामदगी की थी।

हापुड के सिंभावली के दुग्ध व्यापारी ने अलीगढ पहुंचकर मुस्तकीम और उसके गैंग के सदस्यों की फोटो देखकर पहचान करते हुए बताया कि उसके साथ लूटपाट और जानलेवा हमले में पूरे गैंग को दस साल की सजा हुई थी। मुस्तकीम और नौशाद कई जिलों में नाम बदलकर रहते थे।

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