महागठबन्धन के दावे हुए फेल, अखिलेश ने मप्र में कांग्रेस से किया किनारा, प्रत्याशियों की पहली सूची जारी

लखनऊ । भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर महागठबन्धन के दावे करने वाले दल आपस में ही एक दूसरे की सियासत का शिकार हो रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अब मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबन्धन नहीं करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बहुत इंतजार कराया लेकिन अब और इंतजार नहीं किया जा सकता।

अखिलेश यादव ने आज पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में वरिष्ठ शिक्षकों के सम्मेलन के दौरान मीडियाकर्मियों से ये बात कही। उन्होंने मध्य प्रदेश में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से गठबंधन करने की बात कही है। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी से भी सपा बात करेगी। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि गठबंधन के लिए कांग्रेस को दिल बड़ा करना चाहिए। कांग्रेस को समान विचारधारा के दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ना चाहिए। अब तो देर हो गई है। बसपा ने किनारा कर लिया ही है अन्य दल भी अपने प्रत्याशी घोषित कर देंगे।

वहीं सपा अध्यक्ष भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार पर भी हमलावर हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव के नतीजों को लेकर पूछे सवाल के जवाब में कहा कि मैं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देना चाहता हूं। विश्वविद्यालय-कॉलेज में आज भी छात्र समाजवादी विचारधारा से जुड़ रहे हैं। छात्र संघ चुनावों के दौरान होने वाली हिंसा भाजपा का षड्यंत्र है।

भाजपा के लोगों ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी में भी हार के डर से हंगामा किया था। ज़िम्मेदार है सरकार और बीजेपी के लोग, जिन्होंने हार के बाद ये किया। जीत नहीं पाए तो आग लगा दो।

वहीं प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल झूठ के सहारे ये पुलिस को चलाना चाहते हैं। ये पुलिसवालों की सुनते नहीं हैं, इसीलिए तो ये सब हो रहा है। अगर आप किसी से उसके खिलाफ काम कराओगे तो ऐसा ही होगा। उन्होंने कहा कि सिपाहियों के आक्रोश के लिए पुलिस के अधिकारी ही जिम्मेदार हैं।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर जनता सरकार में भरोसा खो चुकी है। कोई भी ऐसा दिन नहीं होता है जब दर्जनों हत्याएं, हिंसा, बवाल तथा महिलाओं के प्रति दर्जनों अपराध न हो रहे हों। उन्होंने कहा कि जिस दिन ओपी सिंह पुलिस महानिदेशक बने थे मैंने खुद कॉल कर के बधाई दी थी। इसके साथ ही मैंने कहा था कि लोगों के साथ अन्याय न हो लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ है।

अखिलेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि दीवाली आ रही है और तमाम कोशिशों के बावजूद अभी भी ज्यादातर सामान चाइना का दिखाई देगा, सिर्फ मिठाई यहां की होगी, डिब्बा चाइना का ही होगा। लम्बे समय से मेक इन इंडिया कहते-कहते जीएसटी ला दिया गया।

इस बीच चुनाव निर्वाचन आयोग ने शनिवार को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित राजस्थान और मिजोरम में चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। ऐसे में अब भाजपा के खिलाफ महागठबन्धन की पैरवी करने वाले दलों में आपसी खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की सम्भावना है। अखिलेश के मध्य प्रदेश में कांग्रेस से किनारा करने से पहले मायावती छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को झटका देते हुए अजित जोगी की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुकी हैं। मायावती ने हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस उनकी पार्टी को खत्म करना चाहती है और बसपा उनसे कभी गठबंधन नहीं करेगी।

सपा  ने जारी की प्रत्याशियों की पहली सूची,

समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग द्वारा पाँच राज्यों के विधान सभा चुनावों की घोषणा होते ही शनिवार को मध्य प्रदेश की छह सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी।

समाजवादी पार्टी की तरफ से जारी लिस्ट के अनुसार केके सिंह (सीधी) , कंकर मुंजारे (परसवाड़ा), अनुभा मुंजारे (बालाघाट), मीरा यादव (निवाड़ी), दशरथ सिंह यादव (पन्ना) और अशोक आर्या (बुधनी) विधान सभा सीटों से पार्टी के उम्मीदवार होंगे।

मध्य प्रदेश की कुल 230 विधान सभा सीटों के लिए आठ नवंबर तक उम्मीदवार नामांकन कर सकेंगे। 28 नवंबर को राज्य की सभी सीटो पर मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को ही मध्य प्रदेश में कांग्रेस से गठबन्धन करके चुनाव लड़ने की संभावना को खारिज कर दिया था।

मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटका और मिजोरम के विधानसभा चुनावों की अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव की घोषणा के साथ ही सभी राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम) में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है।

मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव में खर्च की सीमा

उम्मीदवार चुनाव प्रचार में अधिक से अधिक 28 लाख रुपए खर्च कर सकेंगे। उन्होंने कहा है कि हर बूथ पर सुरक्षाबलों की तैनाती होगी। वोटिंग के लिए आधुनिक ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

पांचों राज्य में 15 दिसंबर से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो इसलिए हर मतदान केंद्र पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा।

28 नवंबर 2018 को मध्य प्रदेश के साथ ही मिजोरम की 40 विधान सभा सीटों के लिए भी मतदान होगा।

मध्य प्रदेश के पिछले विधान सभा चुनाव का परिणाम

साल 2013 में हुए विधान सभा चुनाव में बीजेपी के पास 165 सीटें, कांग्रेस के पास 58, बहुजन समाज पार्टी के पास 5 और अन्य के पास 2 सीटें थीं। शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश में तीन बार से मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री है।

साल 2008 के विधान सभा चुनाव में बीजेपी के पास 143 सीटें, कांग्रेस के पास 71 सीटें, बहुजन समाज पार्टी 7 सीटें हैं।

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