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		<title>सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 7 राज्यों में न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 62 साल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Digital Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 12:36:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु को लेकर बड़ा निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सात राज्यों को न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 साल से बढ़ाकर 62 साल करने के लिए सेवा नियमों में जरूरी बदलाव करने का निर्देश दिया ... <a title="सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 7 राज्यों में न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 62 साल" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/major-supreme-court-ruling-retirement-age-for-judicial-officers-in-7-states-set-at-62-years/" aria-label="Read more about सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 7 राज्यों में न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 62 साल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-524871" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T180252.030-300x169.jpg" alt="" width="1001" height="564" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T180252.030-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T180252.030-1024x576.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T180252.030-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T180252.030.jpg 1200w" sizes="(max-width: 1001px) 100vw, 1001px" /></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>नई दिल्ली:</strong> सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु को लेकर बड़ा निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सात राज्यों को न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र <strong>60 साल से बढ़ाकर 62 साल</strong> करने के लिए सेवा नियमों में जरूरी बदलाव करने का निर्देश दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन राज्यों ने न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने पर सहमति जताई है, वहां नियमों में बदलाव किया जाए। हालांकि, 60 साल की उम्र पूरी करने के बाद संबंधित न्यायिक अधिकारी की सेवा जारी रखने का फैसला हाई कोर्ट द्वारा उसकी <strong>उपयुक्तता (Suitability) और प्रदर्शन (Performance)</strong> के आकलन पर निर्भर करेगा।</p>
<h2>इन 7 राज्यों में बढ़ेगी रिटायरमेंट उम्र</h2>
<p class="isSelectedEnd">सुप्रीम कोर्ट ने जिन सात राज्यों को न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 साल करने का निर्देश दिया है, उनमें <strong>छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, सिक्किम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल</strong> शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पीठ ने स्पष्ट किया कि संबंधित राज्यों को अपने सेवा नियमों में संशोधन करना होगा। नियमों में बदलाव होने तक भी इन राज्यों में 60 साल की उम्र पूरी कर चुके न्यायिक अधिकारी केवल उम्र के आधार पर रिटायर नहीं होंगे। वे 62 साल की उम्र तक सेवा में रह सकते हैं, बशर्ते संबंधित हाई कोर्ट उनकी उपयुक्तता और प्रदर्शन का आकलन करे।</p>
<h2>31 मार्च के बाद रिटायर हुए अधिकारियों को भी राहत</h2>
<p class="isSelectedEnd">सुप्रीम कोर्ट ने उन न्यायिक अधिकारियों के लिए भी राहत का प्रावधान किया है, जो इस साल <strong>31 मार्च या उसके बाद 60 साल की उम्र पूरी करके रिटायर हो चुके हैं</strong>।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऐसे अधिकारियों को न्यायिक सेवा में दोबारा शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा। हालांकि, यह विकल्प उन्हीं अधिकारियों को मिलेगा जिन्हें इस बीच कोई दूसरी नौकरी नहीं मिली है। उनकी दोबारा नियुक्ति भी संबंधित शर्तों और हाई कोर्ट के आकलन के अधीन होगी।</p>
<h2>कई राज्यों को फैसले पर दोबारा विचार करने का निर्देश</h2>
<p class="isSelectedEnd">सुप्रीम कोर्ट ने सात राज्यों के अलावा कई अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भी न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने के मुद्दे पर दोबारा विचार करने को कहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इनमें <strong>आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश</strong> शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके अलावा <strong>दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी</strong> को भी इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने को कहा गया है।</p>
<h2>दो हफ्ते में देना होगा जवाब</h2>
<p class="isSelectedEnd">सुप्रीम कोर्ट ने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस मामले पर <strong>दो सप्ताह के भीतर फैसला लेने</strong> और अदालत में अनुपालन रिपोर्ट यानी <strong>Compliance Report</strong> दाखिल करने का निर्देश दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पीठ ने यह भी कहा कि उसने इस तथ्य पर ध्यान दिया है कि न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु में अंतर एक वैध मुद्दा हो सकता है। इसी आधार पर राज्यों से इस विषय पर दोबारा विचार करने को कहा गया है।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश से न्यायिक अधिकारियों की सेवा अवधि, अनुभव और सेवानिवृत्ति से जुड़े नियमों में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। अब संबंधित राज्यों को अदालत के निर्देश के अनुसार अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।</p>
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		<title>कौन है स्वतंत्र भारद्वाज? निशु के पिता से कथित मारपीट का मामला पहुंचा थाने के घेराव तक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Digital Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 09:24:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दलित छात्रा निशु आजाद के पिता संजय के साथ कथित मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के पदाधिकारियों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन ... <a title="कौन है स्वतंत्र भारद्वाज? निशु के पिता से कथित मारपीट का मामला पहुंचा थाने के घेराव तक" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/who-is-swatantra-bhardwaj-thenvolvin-nishus-father-he-gherao-of-the-police-station/" aria-label="Read more about कौन है स्वतंत्र भारद्वाज? निशु के पिता से कथित मारपीट का मामला पहुंचा थाने के घेराव तक">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><img decoding="async" class="alignnone  wp-image-524834" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T145102.085-300x300.jpg" alt="" width="1162" height="1162" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T145102.085-300x300.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T145102.085-150x150.jpg 150w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T145102.085.jpg 400w" sizes="(max-width: 1162px) 100vw, 1162px" /></strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>नई दिल्ली:</strong> दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दलित छात्रा निशु आजाद के पिता संजय के साथ कथित मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के पदाधिकारियों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटना के बावजूद पुलिस की ओर से अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">CJP के प्रदर्शन के समर्थन में सांसद पप्पू यादव, नगीना सांसद चंद्रशेखर और कांग्रेस के कुछ नेता भी संसद मार्ग थाने पहुंचे। नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।</p>
<h2>सोशल मीडिया वीडियो से बढ़ा विवाद</h2>
<p class="isSelectedEnd">मामले के बीच सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज नाम के एक युवक का कथित वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह खुद को हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर बताता नजर आता है। वायरल बताए जा रहे वीडियो में भारद्वाज कथित तौर पर निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट किए जाने की बात करता सुनाई देता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वीडियो में कही गई बातों को फिलहाल आरोप या कथित दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।</p>
<h2>वीडियो में चोट और कानूनी कार्रवाई को लेकर दावे</h2>
<p class="isSelectedEnd">कथित वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज संजय के सिर में चोट लगने की बात करता सुनाई देता है। वह यह दावा भी करता है कि चोट के बाद संजय को कई टांके लगे थे। वीडियो में कथित घटना से जुड़ी कानूनी धाराओं का भी जिक्र किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके अलावा वीडियो में भारद्वाज कुछ राजनीतिक नेताओं के साथ अपने संबंध होने का दावा करता है। वह दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा को अपना बड़ा भाई जैसा बताते हुए कथित तौर पर दावा करता है कि उनके फोन के बाद उसे छोड़ दिया गया। वीडियो में चिराग पासवान का नाम लेते हुए भी उन्हें अपना बड़ा भाई बताया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन राजनीतिक नेताओं के साथ कथित संबंधों और फोन के जरिए मदद मिलने संबंधी दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<h2>जुलाई के प्रदर्शन के बाद सामने आया था मामला</h2>
<p class="isSelectedEnd">निशु आजाद ने जुलाई में जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। प्रदर्शन के बाद उनके पिता संजय के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया। निशु ने घटना को लेकर न्याय और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार का आरोप है कि संजय के सिर में चोट लगी थी और घटना के बाद प्राथमिकी भी दर्ज की गई। निशु का कहना है कि घटना को डेढ़ महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से परिवार परेशान है।</p>
<h2>CJP ने पुलिस से मांगी कार्रवाई</h2>
<p class="isSelectedEnd">शुक्रवार को CJP के पदाधिकारियों के थाने पहुंचने के बाद मामला फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा में आ गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने और आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की मांग की।</p>
<p>फिलहाल पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ की गई कार्रवाई और सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो में किए गए दावों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। ऐसे में स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े आरोपों और वीडियो में किए गए दावों को फिलहाल <strong>कथित दावों</strong> के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।</p>
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		<item>
		<title>भारतीय वायुसेना करने जा रही युद्धाभ्यास, NOTAM जारी, घबराए पाकिस्तान ने बुलाई आपात बैठक</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/indian-air-force-to-conduct-mi-pakistan-calls-emergency-meeting/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Digital Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 08:53:18 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना बड़े स्तर पर एक लंबे युद्धाभ्यास की तैयारी कर रही है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह अभ्यास करीब 17 दिनों तक चलेगा और 21 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित हवाई क्षेत्र को लेकर NOTAM (Notice to Airmen) जारी किया गया है। अभ्यास ... <a title="भारतीय वायुसेना करने जा रही युद्धाभ्यास, NOTAM जारी, घबराए पाकिस्तान ने बुलाई आपात बैठक" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/indian-air-force-to-conduct-mi-pakistan-calls-emergency-meeting/" aria-label="Read more about भारतीय वायुसेना करने जा रही युद्धाभ्यास, NOTAM जारी, घबराए पाकिस्तान ने बुलाई आपात बैठक">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" class="alignnone  wp-image-524828" style="font-size: inherit" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T141647.089-300x169.jpg" alt="" width="1138" height="641" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T141647.089-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T141647.089-1024x576.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T141647.089-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-04T141647.089.jpg 1280w" sizes="(max-width: 1138px) 100vw, 1138px" /><strong style="font-size: inherit" data-start="131" data-end="145">नई दिल्ली।</strong><span style="font-size: inherit"> भारतीय वायुसेना बड़े स्तर पर एक लंबे युद्धाभ्यास की तैयारी कर रही है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह अभ्यास करीब </span><strong style="font-size: inherit" data-start="260" data-end="312">17 दिनों तक चलेगा और 21 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026</strong><span style="font-size: inherit"> के बीच आयोजित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित हवाई क्षेत्र को लेकर </span><strong style="font-size: inherit" data-start="377" data-end="405">NOTAM (Notice to Airmen)</strong><span style="font-size: inherit"> जारी किया गया है। अभ्यास का क्षेत्र राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर सेक्टर तक फैला बताया जा रहा है।</span></p>
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<p data-start="521" data-end="802">इसके अलावा <strong data-start="532" data-end="550">नाल और बीकानेर</strong> के आसपास के कुछ हवाई क्षेत्रों को भी निर्धारित अवधि के लिए रिजर्व किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस घटनाक्रम पर पाकिस्तान की नजर भी बनी हुई है। भारत के इस कदम से पाकिस्तान बुरी तरह से घबरा गया है। पाकिस्तान ने आपात बैठक बुलाई है और सीमा पर निगरानी को बढ़ा दिया है।</p>
<h3 data-section-id="1h0f9xz" data-start="804" data-end="849"><span role="text"><strong data-start="808" data-end="849">40 हजार फीट तक का हवाई क्षेत्र रिजर्व</strong></span></h3>
<p data-start="851" data-end="1106">जानकारी के अनुसार, युद्धाभ्यास के लिए जारी NOTAM में रिजर्व किया गया हवाई क्षेत्र करीब <strong data-start="938" data-end="961">40,000 फीट की ऊंचाई</strong> तक बताया गया है। जैसलमेर-बाड़मेर-फलोदी-जोधपुर सेक्टर में होने वाले इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना की विभिन्न परिचालन क्षमताओं को परखा जा सकता है।</p>
<p data-start="1108" data-end="1423">सीमा से नजदीकी के कारण राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में होने वाले इस बड़े सैन्य अभ्यास पर पाकिस्तान की भी नजर रहने की संभावना है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर निगरानी बढ़ाई है और वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।</p>
<h3 data-section-id="x3p3dt" data-start="1425" data-end="1471"><span role="text"><strong data-start="1429" data-end="1471">तरंग शक्ति 2026 से जुड़ सकता है अभ्यास</strong></span></h3>
<p data-start="1473" data-end="1661">भारतीय वायुसेना का यह अभ्यास <strong data-start="1502" data-end="1521">तरंग शक्ति 2026</strong> से भी जुड़ा हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 26 सितंबर से 12 अक्टूबर के बीच जोधपुर में तरंग शक्ति 2026 आयोजित किए जाने की संभावना है।</p>
<p data-start="1663" data-end="1982">तरंग शक्ति भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है, जिसमें अलग-अलग देशों की वायु सेनाएं हिस्सा लेती हैं और संयुक्त हवाई अभियानों तथा युद्धाभ्यास के जरिए अपनी परिचालन क्षमताओं का परीक्षण करती हैं। ऐसे में 21 सितंबर से शुरू होने वाले अभ्यास और तरंग शक्ति की तारीखों में संभावित ओवरलैप को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<h3 data-section-id="1vfccgl" data-start="1984" data-end="2034"><span role="text"><strong data-start="1988" data-end="2034">क्या है भारतीय वायुसेना के अभ्यास का मकसद?</strong></span></h3>
<p data-start="2036" data-end="2303">ऐसे सैन्य अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य वास्तविक परिस्थितियों के करीब प्रशिक्षण हासिल करना और ऑपरेशनल तैयारियों को परखना होता है। अभ्यास के दौरान वायुसेना की <strong data-start="2191" data-end="2281">ऑपरेशनल प्रक्रियाओं, आपसी तालमेल, तैनाती की रणनीति, विमानों और सैन्यकर्मियों की तैयारी</strong> का आकलन किया जाता है।</p>
<p data-start="2305" data-end="2526">इस दौरान लड़ाकू विमानों समेत अन्य सैन्य विमानों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। अभ्यास में अलग-अलग परिस्थितियों में अभियानों को अंजाम देने, तेजी से तैनाती करने और विभिन्न यूनिट्स के बीच समन्वय की क्षमता को भी परखा जा सकता है।</p>
<p data-start="2528" data-end="2683">भारतीय वायुसेना समय-समय पर ऐसे अभ्यास करती रही है। इनका उद्देश्य सैन्य तैयारियों को मजबूत करना और किसी भी संभावित चुनौती के लिए बलों को तैयार रखना होता है।</p>
<h3 data-section-id="12w6msq" data-start="2685" data-end="2739"><span role="text"><strong data-start="2689" data-end="2739">NOTAM क्या होता है और क्यों जारी किया जाता है?</strong></span></h3>
<p data-start="2741" data-end="2950"><strong data-start="2741" data-end="2772">NOTAM यानी Notice to Airmen</strong> विमानन क्षेत्र से जुड़ी एक आधिकारिक सूचना होती है। इसके जरिए पायलटों और विमानन एजेंसियों को किसी हवाई क्षेत्र में अस्थायी बदलाव, प्रतिबंध या विशेष गतिविधि की जानकारी दी जाती है।</p>
<p data-start="2952" data-end="3224">सैन्य युद्धाभ्यास, मिसाइल परीक्षण, रॉकेट लॉन्च या अन्य रणनीतिक गतिविधियों के दौरान किसी विशेष हवाई क्षेत्र को निर्धारित समय के लिए रिजर्व या प्रतिबंधित किया जा सकता है। इसका उद्देश्य उस क्षेत्र में उड़ान भरने वाले नागरिक और सैन्य विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।</p>
<p data-start="3226" data-end="3467" data-is-last-node="" data-is-only-node="">इसलिए किसी सैन्य अभ्यास के लिए NOTAM जारी होना अपने आप में असामान्य बात नहीं है। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में लंबे समय तक चलने वाले बड़े हवाई अभ्यास के कारण इस पर पड़ोसी देशों की नजर रहना स्वाभाविक है।</p>
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		<title>रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद को तैयार भारत, जयशंकर बोले- जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता के लिए भी तैयार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Digital Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 12:59:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कीव। रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 से जारी युद्ध को खत्म कराने में मदद की पेशकश भारत की ओर से की गई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने यूक्रेन दौरे के दौरान कहा कि भारत दोनों देशों के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने ... <a title="रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद को तैयार भारत, जयशंकर बोले- जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता के लिए भी तैयार" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/india-rea-end-russia-ukraine-war-jaishankar-sayediate-if-needed/" aria-label="Read more about रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद को तैयार भारत, जयशंकर बोले- जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता के लिए भी तैयार">Read more</a>]]></description>
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<strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-524808" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T182609.390-300x225.jpg" alt="" width="1247" height="935" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T182609.390-300x225.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T182609.390-1024x768.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T182609.390-768x576.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T182609.390.jpg 1200w" sizes="auto, (max-width: 1247px) 100vw, 1247px" /></strong>

<strong>कीव।</strong> रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 से जारी युद्ध को खत्म कराने में मदद की पेशकश भारत की ओर से की गई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने यूक्रेन दौरे के दौरान कहा कि भारत दोनों देशों के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो भारत मध्यस्थता करने के लिए भी तैयार है।

 

विदेश मंत्री जयशंकर ने गुरुवार को कीव में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बयान दिया। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा के साथ मौजूद जयशंकर ने कहा कि अगर भारत किसी भी तरह से मदद कर सकता है तो वह इसके लिए तैयार है।

 
<h2 class="wp-block-heading">यूक्रेन के विदेश मंत्री के सामने दिया बयान</h2>
 

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा के साथ मुलाकात के बाद कीव में प्रेस को संबोधित किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध के अलावा ब्लैक सी यानी काला सागर में कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे हमलों को लेकर भी बातचीत हुई।

 

भारत की ओर से यह पेशकश ऐसे समय की गई है, जब रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के दौरान काला सागर में तनाव बना हुआ है और हालिया घटनाओं में भारतीय नाविकों के मारे जाने तथा घायल होने की जानकारी सामने आई है।

 
<h2 class="wp-block-heading">यूक्रेन के दौरे पर हैं विदेश मंत्री जयशंकर</h2>
 

विदेश मंत्री एस. जयशंकर फिलहाल यूक्रेन के दौरे पर हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यात्रा के दौरान वह अपने यूक्रेनी समकक्ष आंद्री सिबिहा और पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।

 

विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाना है। इसके साथ ही क्षेत्रीय घटनाक्रम और आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना भी यात्रा का मकसद है।

 

यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब ब्लैक सी में रूस और यूक्रेन के बीच हालिया तनाव के दौरान भारतीय नाविक मारे गए और घायल हुए थे।

 
<h2 class="wp-block-heading">यूक्रेन के विदेश मंत्री ने PM मोदी की अपील का किया स्वागत</h2>
 

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने जयशंकर की कीव यात्रा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की यात्रा पर आने वाले पहले भारतीय विदेश मंत्री के तौर पर अपने भारतीय सहयोगी का कीव में स्वागत करना उनके लिए सम्मान की बात है।

 

सिबिहा ने कहा कि यह ऐतिहासिक पल ऐसे समय आया है, जब यूक्रेन के शहरों, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और नागरिक जहाजों पर रूस के हमले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी लगातार हमलों का सामना कर रही है और वह जयशंकर की इस साहसी यात्रा की सराहना करते हैं।

 

उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान काला सागर में नेविगेशन को मुक्त करने और वैश्विक खाद्य सुरक्षा की जरूरत पर भी चर्चा हुई। सिबिहा ने कहा कि भारत एक वैश्विक शक्ति है और यूक्रेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील का स्वागत करता है, जिसमें उन्होंने अंतहीन युद्ध से हटकर इसे खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन कूटनीति के लिए तैयार है।

 

इसके अलावा यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग पर भी चर्चा हुई है। बुनियादी ढांचे और फार्मास्युटिकल सेक्टर से लेकर तकनीकी इनोवेशन और डिजिटलीकरण तक यूक्रेन अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है। दोनों पक्ष अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक बुलाने पर भी सहमत हुए, ताकि बेहतर संभावनाओं को आपसी फायदे वाले बड़े प्रोजेक्ट्स में बदला जा सके।

 
<h2 class="wp-block-heading">युद्ध में अब तक कितने लोगों की गई जान?</h2>
 

फरवरी 2022 से रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में अब तक करीब 20 लाख सैनिकों के मारे जाने या घायल होने की बात कही गई है। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी सेना के कुल हताहत सैनिकों की संख्या 12 लाख तक पहुंच चुकी है। इनमें 5 लाख से ज्यादा सैनिकों के मारे जाने की बात कही गई है।

 

वहीं, यूक्रेन में सैनिकों के हताहत होने का आंकड़ा 5 से 6 लाख बताया गया है। इनमें एक से डेढ़ लाख सैनिकों की मौत होने की बात कही गई है।

 

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध में अब तक 16 हजार से अधिक नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि 46,500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

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		<title>भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर अटका आखिरी पेंच ! केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कब फाइनल होगा समझौता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Digital Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 11:33:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड डील को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने के लिए भारत को अमेरिका से बेहतर टैरिफ रेट का ... <a title="भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर अटका आखिरी पेंच ! केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कब फाइनल होगा समझौता" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/final-dia-us-trade-deal-union-minister-piyush-goyal-revinalized/" aria-label="Read more about भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर अटका आखिरी पेंच ! केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कब फाइनल होगा समझौता">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-524805" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T170134.525-300x168.jpg" alt="" width="1114" height="624" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T170134.525-300x168.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T170134.525.jpg 739w" sizes="auto, (max-width: 1114px) 100vw, 1114px" /></strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड डील को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने के लिए भारत को अमेरिका से बेहतर टैरिफ रेट का इंतजार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब अमेरिका भारत को उसके प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ सुविधा देने की पेशकश करेगा, तभी समझौते को अंतिम रूप देकर इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।</p>
<h3>अमेरिका से बेहतर टैरिफ रेट का इंतजार</h3>
<p class="isSelectedEnd">पीयूष गोयल ने गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय की ओर से आयोजित एक वर्कशॉप में कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की अंतिम शर्त अमेरिका की ओर से मिलने वाला प्रिफरेंशियल टैरिफ रेट है। भारत चाहता है कि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों को प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ सुविधा मिले।</p>
<p class="isSelectedEnd">अमेरिका ने 24 जुलाई से भारत समेत कई देशों के उत्पादों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। बदलते टैरिफ माहौल के बीच दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। भारत की कोशिश है कि अंतिम समझौते में उसके निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर बाजार पहुंच मिले।</p>
<h3>सितंबर के अंत में अमेरिका जाएंगे पीयूष गोयल</h3>
<p class="isSelectedEnd">व्यापार समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए पीयूष गोयल सितंबर के अंत में अमेरिका का दौरा करेंगे। वह G20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेने के साथ अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">माना जा रहा है कि इस बैठक में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का मुद्दा प्रमुखता से उठेगा। भारत के लिए यह समझौता महत्वपूर्ण है, क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26 में देश ने अमेरिका को करीब 87 अरब डॉलर के सामान का निर्यात किया है।</p>
<h3>प्रतिस्पर्धी देशों से बेहतर टैरिफ क्यों जरूरी?</h3>
<p class="isSelectedEnd">अमेरिकी बाजार में भारत को बांग्लादेश, वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। ऐसे में यदि भारतीय उत्पादों पर इन देशों की तुलना में कम टैरिफ लगता है, तो भारतीय निर्यातकों को कीमत के स्तर पर फायदा मिल सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पीयूष गोयल ने कहा कि केवल टैरिफ की दर देखना पर्याप्त नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि भारतीय उत्पादों पर प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में वास्तविक शुल्क कितना लगाया जा रहा है। भारत इसी आधार पर अमेरिका से बेहतर टैरिफ व्यवस्था चाहता है।</p>
<h3>FTA नेटवर्क मजबूत कर रहा भारत</h3>
<p class="isSelectedEnd">गोयल के मुताबिक, भारत कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के जरिए अपने निर्यातकों के लिए नए बाजार खोलने पर काम कर रहा है। ब्रिटेन, मॉरीशस, ओमान, यूएई और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते लागू हो चुके हैं। न्यूजीलैंड के साथ समझौता भी जल्द प्रभावी होने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके अलावा यूरोपीय संघ समेत कई अन्य देशों और व्यापारिक समूहों के साथ बातचीत जारी है। इन समझौतों का उद्देश्य भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों में बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है।</p>
<h3>2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य</h3>
<p class="isSelectedEnd">भारत ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में देश का निर्यात करीब 317 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा लगभग 280 अरब डॉलर था।</p>
<p>सरकार का लक्ष्य 2030 तक भारत के कुल निर्यात को 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। ऐसे में अमेरिका जैसे बड़े बाजार के साथ बेहतर व्यापार समझौते और अन्य देशों के साथ FTA भारत की निर्यात रणनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।</p>
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		<item>
		<title>नेपाल त्रासदी के एक हफ्ते बाद तिब्बत में फिर कांपी धरती, 5.0 तीव्रता के भूकंप से दहशत; 10 किमी नीचे था केंद्र</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Digital Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 10:31:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
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		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
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		<category><![CDATA[जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज]]></category>
		<category><![CDATA[नेपाल]]></category>
		<category><![CDATA[नेपाल त्रासदी]]></category>
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					<description><![CDATA[ल्हासा। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के करीब एक हफ्ते बाद तिब्बत में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। गुरुवार, 3 सितंबर को आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 दर्ज की गई। भूकंप के झटकों के बाद इलाके में लोगों के बीच दहशत फैल गई। हालांकि, खबर लिखे ... <a title="नेपाल त्रासदी के एक हफ्ते बाद तिब्बत में फिर कांपी धरती, 5.0 तीव्रता के भूकंप से दहशत; 10 किमी नीचे था केंद्र" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/earth-shakes-again-in-tibe-nepal-trageing-a-5-0-ter-was-at-a-depth-of-10-km/" aria-label="Read more about नेपाल त्रासदी के एक हफ्ते बाद तिब्बत में फिर कांपी धरती, 5.0 तीव्रता के भूकंप से दहशत; 10 किमी नीचे था केंद्र">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-524802" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T160108.335-1-300x168.jpg" alt="" width="1093" height="612" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T160108.335-1-300x168.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T160108.335-1-768x431.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T160108.335-1.jpg 896w" sizes="auto, (max-width: 1093px) 100vw, 1093px" /></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>ल्हासा।</strong> नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के करीब एक हफ्ते बाद तिब्बत में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। गुरुवार, 3 सितंबर को आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 दर्ज की गई। भूकंप के झटकों के बाद इलाके में लोगों के बीच दहशत फैल गई। हालांकि, खबर लिखे जाने तक भूकंप से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। कम गहराई पर आने वाले भूकंप के झटके कई बार आसपास के इलाकों में ज्यादा महसूस किए जा सकते हैं। फिलहाल स्थानीय स्तर पर भूकंप से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।</p>
<h3>नेपाल में ग्लेशियर टूटने के बाद मची थी तबाही</h3>
<p class="isSelectedEnd">यह भूकंप ऐसे समय आया है जब पिछले महीने नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद आई फ्लैश फ्लड ने हिमालयी क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ से पहाड़ी इलाकों के कई कस्बों और घाटियों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था।</p>
<p class="isSelectedEnd">नेपाल में इस आपदा के एक सप्ताह बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और बाढ़ प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है।</p>
<h3>1,200 से ज्यादा मौतें, हजारों लोग अब भी लापता</h3>
<p class="isSelectedEnd">नेपाल के के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने बुधवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद करीब 100 नेपाली नागरिक लापता हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने बताया कि रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में बह गए कम से कम 19 शव भारत में बरामद किए गए हैं। उनके मुताबिक, ये शव भोटेकोशी नदी से बहकर त्रिशूली और नारायणी नदियों के रास्ते भारत पहुंचे। बाद में इन्हें नेपाल के रूपंदेही और नवलपरासी पश्चिम जिलों से सटी भारतीय सीमा के पास बरामद किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने कई कस्बों और गांवों को प्रभावित किया है। अधिकारियों के मुताबिक, आपदा के करीब एक सप्ताह बाद भी 1,200 से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जबकि 4,875 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।</p>
<h3>भूकंप के बाद बढ़ी चिंता</h3>
<p class="isSelectedEnd">नेपाल में हाल की प्राकृतिक आपदा और अब तिब्बत में आए भूकंप ने हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। तिब्बत में आए 5.0 तीव्रता के भूकंप के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।</p>
<p>फिलहाल सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि भूकंप के कारण किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई है। आने वाले घंटों में प्रभावित क्षेत्र से नुकसान और अन्य जानकारी सामने आने की संभावना है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>तेलंगाना में मंत्री कोंडा सुरेखा की कैबिनेट से छुट्टी, CM रेवंत रेड्डी ने राज्यपाल को भेजी सिफारिश; चिन्ना रेड्डी भी हटाए गए</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Digital Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 10:25:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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		<category><![CDATA[कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल]]></category>
		<category><![CDATA[डैमेज कंट्रोल]]></category>
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		<category><![CDATA[नेरेला शारदा]]></category>
		<category><![CDATA[मंत्री कोंडा सुरेखा]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य महिला आयोग]]></category>
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					<description><![CDATA[हैदराबाद। तेलंगाना कांग्रेस में चल रहे अंदरूनी विवाद के बीच मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री की ओर से इस संबंध में राज्यपाल को सिफारिश भेज दी गई है। यह कार्रवाई तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासनात्मक समिति की सिफारिश के बाद की गई ... <a title="तेलंगाना में मंत्री कोंडा सुरेखा की कैबिनेट से छुट्टी, CM रेवंत रेड्डी ने राज्यपाल को भेजी सिफारिश; चिन्ना रेड्डी भी हटाए गए" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/minister-konda-surekha-elangana-cabinet-cm-revanth-reddy-sends-r-chinna-reemoved/" aria-label="Read more about तेलंगाना में मंत्री कोंडा सुरेखा की कैबिनेट से छुट्टी, CM रेवंत रेड्डी ने राज्यपाल को भेजी सिफारिश; चिन्ना रेड्डी भी हटाए गए">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-524796" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T155327.744-300x176.jpg" alt="" width="1128" height="662" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T155327.744-300x176.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T155327.744.jpg 724w" sizes="auto, (max-width: 1128px) 100vw, 1128px" /></strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>हैदराबाद।</strong> तेलंगाना कांग्रेस में चल रहे अंदरूनी विवाद के बीच मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री की ओर से इस संबंध में राज्यपाल को सिफारिश भेज दी गई है। यह कार्रवाई तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासनात्मक समिति की सिफारिश के बाद की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पार्टी की अनुशासनात्मक समिति ने हाल ही में सामने आए विवादित बयानों को लेकर कोंडा सुरेखा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। समिति ने सुरेखा को कैबिनेट से हटाने के साथ-साथ तेलंगाना योजना बोर्ड से चिन्ना रेड्डी को हटाने की भी सिफारिश की थी। चिन्ना रेड्डी पर भी पार्टी अनुशासन तोड़ने का आरोप लगा था। इसके बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह गडवाल विजयलक्ष्मी को तेलंगाना योजना बोर्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई है।</p>
<h3>बेटी के बयान से शुरू हुआ विवाद</h3>
<p class="isSelectedEnd">कोंडा सुरेखा से जुड़ा विवाद उस समय बढ़ा, जब उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल ने अगस्त में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और उनके परिवार को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद कांग्रेस के भीतर सुरेखा के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">उस समय मंत्री कोंडा सुरेखा ने अपनी बेटी के बयान से खुद को अलग करते हुए कहा था कि यह उनकी बेटी की निजी राय थी और इसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। हालांकि, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खेमे से जुड़े कुछ विधायकों ने सुरेखा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग जारी रखी।</p>
<h3>रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में भी उठाया था मुद्दा</h3>
<p class="isSelectedEnd">बताया गया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के सामने भी यह मामला उठाया था। उन्होंने सुरेखा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">बढ़ते राजनीतिक दबाव के बावजूद कोंडा सुरेखा ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को उनके खिलाफ कार्रवाई करने की चुनौती भी दी थी। बुधवार को सुरेखा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से दिल्ली में मुलाकात की थी। हालांकि, उन्हें स्पष्ट कर दिया गया था कि पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।</p>
<h3>कार्रवाई के साथ डैमेज कंट्रोल की कवायद</h3>
<p class="isSelectedEnd">कोंडा सुरेखा को कैबिनेट से हटाए जाने के बाद राजनीतिक नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तत्काल कुछ नियुक्तियां भी की हैं। सुरेखा को तेलंगाना की प्रमुख ओबीसी महिला नेताओं में गिना जाता है। ऐसे में उनके हटने के बाद पार्टी ने वारंगल क्षेत्र से तीन ओबीसी महिला नेताओं को अलग-अलग बोर्ड और कॉरपोरेशन में जिम्मेदारी दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेवंत रेड्डी ने गडवाल विजयलक्ष्मी को तेलंगाना योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके अलावा नेरेला शारदा को तेलंगाना राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद जी. सुधा रानी को काकतीय शहरी विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन नियुक्तियों को पार्टी के भीतर संतुलन साधने और कोंडा सुरेखा को हटाए जाने से होने वाले संभावित राजनीतिक असर को कम करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।</p>
<p>तेलंगाना कांग्रेस में पिछले कुछ समय से नेताओं के बीच बयानबाजी और संगठनात्मक स्तर पर मतभेद लगातार चर्चा में रहे हैं। ऐसे में कोंडा सुरेखा पर हुई कार्रवाई को पार्टी नेतृत्व की ओर से अनुशासन को लेकर सख्त रुख के तौर पर भी देखा जा रहा है।</p>
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		<item>
		<title>संतों के चरणों में लौट रहा युवा मन, जाग रही सनातन की अमर चेतना : शान्तनु शुक्ला</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 10:12:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आज का समय परिवर्तन का समय है। एक ओर आधुनिकता, तकनीक और तेज़ रफ्तार जिंदगी है, तो दूसरी ओर आज का युवा अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और अपनी आध्यात्मिक पहचान को तलाश रहा है। यही बदलती तस्वीर सनातन के लिए एक नई आशा का संकेत है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के अंतरराष्ट्रीय ... <a title="संतों के चरणों में लौट रहा युवा मन, जाग रही सनातन की अमर चेतना : शान्तनु शुक्ला" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/the-youth-mind-is-returning-to-the-feet-of-saints-the-eternal-consciousness-of-sanatan-is-awakening-shantanu-shukla/" aria-label="Read more about संतों के चरणों में लौट रहा युवा मन, जाग रही सनातन की अमर चेतना : शान्तनु शुक्ला">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-524791" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-03-at-13.29.32.jpeg" alt="" width="1266" height="1280" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-03-at-13.29.32.jpeg 1266w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-03-at-13.29.32-297x300.jpeg 297w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-03-at-13.29.32-1013x1024.jpeg 1013w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-03-at-13.29.32-768x776.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 1266px) 100vw, 1266px" /></p>
<p>आज का समय परिवर्तन का समय है। एक ओर आधुनिकता, तकनीक और तेज़ रफ्तार जिंदगी है, तो दूसरी ओर आज का युवा अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और अपनी आध्यात्मिक पहचान को तलाश रहा है। यही बदलती तस्वीर सनातन के लिए एक नई आशा का संकेत है।</p>
<p>आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शान्तनु शुक्ला ने कहा कि मौजूदा समय में संत समाज सनातन संस्कृति का सबसे बड़ा ध्वजवाहक बनकर सामने आया है। संतों ने सदियों से अपनी तपस्या, त्याग और साधना के माध्यम से सनातन की ज्योति को जलाए रखा है। आज वही ज्योति नई पीढ़ी के भीतर संस्कार, आस्था और आत्मविश्वास का प्रकाश पैदा कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल आधुनिक जीवन जीना नहीं चाहता, बल्कि वह यह भी जानना चाहता है कि वह कौन है, उसकी जड़ें कहां हैं और उसकी संस्कृति उसे क्या देती है। यही कारण है कि युवा बड़ी संख्या में संतों के सान्निध्य में पहुंच रहा है, उनसे संवाद कर रहा है और साधना की शक्ति को समझने का प्रयास कर रहा है।</p>
<p>शान्तनु शुक्ला ने कहा कि आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। उनकी साधना, तपस्या, रुद्राभिषेक और सनातन के प्रति अटूट समर्पण ने देश-विदेश के असंख्य लोगों को प्रभावित किया है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी उनके आध्यात्मिक जीवन और साधना से प्रेरणा लेकर सनातन से जुड़ने का प्रयास कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संत और युवा का यह संबंध केवल आस्था का संबंध नहीं है, बल्कि पीढ़ियों के बीच संस्कारों के हस्तांतरण का संबंध है। एक ओर संतों के पास हजारों वर्षों की आध्यात्मिक विरासत है और दूसरी ओर युवाओं के पास ऊर्जा, जिज्ञासा और नई सोच। जब ये दोनों शक्तियां एक साथ आती हैं, तो सनातन और अधिक सशक्त होकर सामने आता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “आज का युवा अपनी जड़ों से दूर नहीं जाना चाहता, वह अपनी जड़ों को समझकर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहता है। संत समाज उसे यही आत्मविश्वास दे रहा है कि आधुनिकता को अपनाइए, लेकिन अपनी संस्कृति को मत भूलिए।”</p>
<p>शान्तनु शुक्ला ने कहा कि संतों की तपस्या और युवाओं की ऊर्जा का यह संगम आने वाले भारत की नई तस्वीर लिख सकता है। संतों के चरणों से निकली सनातन की चेतना जब युवाओं के हृदय तक पहुंचती है, तो वह केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी को दिशा देती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि संत समाज और युवा पीढ़ी के बीच संवाद और मजबूत हो। क्योंकि सनातन केवल अतीत की विरासत नहीं है, वह वर्तमान की चेतना और भविष्य की शक्ति भी है।</p>
<p>“संतों के हाथों में सनातन की मशाल है और युवाओं के कंधों पर उसे भविष्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी—यही भारत की सबसे बड़ी आध्यात्मिक शक्ति है।”</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>भारत-बेल्जियम के बीच कई अहम MoU का आदान-प्रदान, PM मोदी ने रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और वैश्विक हालात पर की चर्चा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Digital Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 09:04:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की मौजूदगी में गुरुवार को भारत और बेल्जियम के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoU) का आदान-प्रदान हुआ। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम के ऐतिहासिक संबंधों, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग के साथ-साथ ... <a title="भारत-बेल्जियम के बीच कई अहम MoU का आदान-प्रदान, PM मोदी ने रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और वैश्विक हालात पर की चर्चा" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/several-key-mou-india-and-belgium-pm-modi-held-e-global-situation/" aria-label="Read more about भारत-बेल्जियम के बीच कई अहम MoU का आदान-प्रदान, PM मोदी ने रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और वैश्विक हालात पर की चर्चा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-524777" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T143109.524-300x225.jpg" alt="" width="1119" height="839" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T143109.524-300x225.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T143109.524-1024x768.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T143109.524-768x576.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T143109.524.jpg 1200w" sizes="auto, (max-width: 1119px) 100vw, 1119px" /></strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>नई दिल्ली।</strong> नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की मौजूदगी में गुरुवार को भारत और बेल्जियम के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoU) का आदान-प्रदान हुआ। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम के ऐतिहासिक संबंधों, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग के साथ-साथ मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों पर भी बात की।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर का भारत में गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह उनकी भारत की पहली यात्रा है, लेकिन उनका भारत से जुड़ाव काफी पुराना है। बार्ट डी वेवर लंबे समय तक एंटवर्प के मेयर रहे हैं और उन्होंने वहां रह रहे बड़े भारतीय समुदाय के साथ-साथ भारत और बेल्जियम के बीच हीरा कारोबार को लगातार समर्थन दिया है।</p>
<h3>विश्व युद्ध से जुड़े हैं भारत-बेल्जियम के रिश्ते</h3>
<p class="isSelectedEnd">पीएम मोदी ने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंधों की जड़ें इतिहास में काफी गहरी हैं। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान को दोनों देशों की साझा स्मृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि आज लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और मजबूत जन-से-जन संबंध भारत और बेल्जियम को स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पीएम मोदी ने यह भी बताया कि करीब 10 साल पहले उन्हें बेल्जियम की यात्रा करने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच साझेदारी ने महत्वपूर्ण प्रगति की है।</p>
<h3>रक्षा क्षेत्र में जोरावर टैंक से बढ़ेगा भारत-बेल्जियम सहयोग</h3>
<p class="isSelectedEnd">भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा सहयोग भी बातचीत का अहम मुद्दा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खास तौर पर जोरावर टैंक परियोजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस परियोजना पर मिलकर काम कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके साथ ही रक्षा क्षेत्र में सहयोग का दायरा और बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। भारत लगातार अपने रक्षा उत्पादन को मजबूत करने के लिए विदेशी तकनीक और घरेलू क्षमता के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दे रहा है। ऐसे में बेल्जियम के साथ रक्षा तकनीक और औद्योगिक सहयोग आने वाले समय में दोनों देशों के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकता है।</p>
<h3>वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत</h3>
<p class="isSelectedEnd">पीएम मोदी ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय बड़े उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है और खाद्य, ईंधन तथा सप्लाई चेन समेत कई क्षेत्रों में अनिश्चितता का असर दिखाई दे रहा है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है। पिछले क्वार्टर में भारत ने 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा कि आज भारत की ग्रोथ स्टोरी दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत बन रही है।</p>
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		<item>
		<title>Supreme Court का बड़ा फैसला: BCI के नालसार छात्रों पर कार्रवाई वाला आदेश रद्द, कहा- लॉ स्टूडेंट्स के व्यवहार को रेगुलेट करने का अधिकार नहीं</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/major-supreme-court-ruling-bci-ordenalsar-studourt-ate-law-students-conduct/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Digital Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 08:51:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[BCI]]></category>
		<category><![CDATA[CJI सूर्य कांत]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<category><![CDATA[ग्रेजुएट]]></category>
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		<category><![CDATA[नालसार]]></category>
		<category><![CDATA[नालसार यूनिवर्सिटी]]></category>
		<category><![CDATA[बार काउंसिल ऑफ इंडिया]]></category>
		<category><![CDATA[लॉ स्टूडेंट्स]]></category>
		<category><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के उन आदेशों को रद्द कर दिया, जिनके जरिए हैदराबाद स्थित नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों के व्यवहार को नियंत्रित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई थी। कोर्ट ने कहा कि BCI के पास लॉ स्टूडेंट्स के व्यवहार ... <a title="Supreme Court का बड़ा फैसला: BCI के नालसार छात्रों पर कार्रवाई वाला आदेश रद्द, कहा- लॉ स्टूडेंट्स के व्यवहार को रेगुलेट करने का अधिकार नहीं" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/major-supreme-court-ruling-bci-ordenalsar-studourt-ate-law-students-conduct/" aria-label="Read more about Supreme Court का बड़ा फैसला: BCI के नालसार छात्रों पर कार्रवाई वाला आदेश रद्द, कहा- लॉ स्टूडेंट्स के व्यवहार को रेगुलेट करने का अधिकार नहीं">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-524773" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T141914.221-300x169.jpg" alt="" width="1340" height="755" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T141914.221-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T141914.221-1024x576.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T141914.221-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/09/image-2026-09-03T141914.221.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1340px) 100vw, 1340px" /></strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>नई दिल्ली।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के उन आदेशों को रद्द कर दिया, जिनके जरिए हैदराबाद स्थित नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों के व्यवहार को नियंत्रित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई थी। कोर्ट ने कहा कि BCI के पास लॉ स्टूडेंट्स के व्यवहार को रेगुलेट करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुप्रीम कोर्ट ने नालसार के छात्रों के खिलाफ जारी BCI के दो नोटिफिकेशन्स को रद्द कर दिया। मामला यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत की प्रस्तावित भागीदारी के विरोध से जुड़ा था।</p>
<h3>क्या है पूरा विवाद?</h3>
<p class="isSelectedEnd">विवाद तब शुरू हुआ जब नालसार यूनिवर्सिटी के कई छात्रों ने दीक्षांत समारोह में CJI सूर्य कांत को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाए जाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। छात्रों ने अलग-अलग बैचों की ओर से कम से कम छह बार अपनी बात रखी। पहली बार 23 जुलाई को इस मुद्दे को उठाया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">छात्रों ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती से जुड़ी सुनवाई के दौरान CJI सूर्य कांत की कुछ टिप्पणियों का भी हवाला दिया। छात्रों का तर्क था कि CJI को दीक्षांत समारोह में आमंत्रित करना यूनिवर्सिटी की संवैधानिक अधिकारों, न्याय तक पहुंच और शिकायतों पर तर्कपूर्ण तरीके से ध्यान देने की प्रतिबद्धता के खिलाफ है।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक शिकायत में CJI की उस कथित प्रतिक्रिया का भी उल्लेख किया गया, जो उन्होंने पुलिस कार्रवाई के वीडियो दिखाने के प्रस्ताव पर दी थी। इसमें कहा गया कि उन्होंने कहा था, <strong>“हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास उन्हें देखने का समय नहीं है।”</strong> शिकायत में वकील से कही गई उनकी कथित टिप्पणी, <strong>“हमारा समय बर्बाद न करें और अपना समय भी बर्बाद न करें”</strong>, का भी जिक्र किया गया।</p>
<h3>छात्रों ने कहा- विरोध न्यायिक पद के खिलाफ नहीं</h3>
<p class="isSelectedEnd">छात्रों का कहना था कि उनका विरोध CJI के पद के प्रति अनादर के कारण नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के आधार पर था। स्टूडेंट बार काउंसिल के सदस्य रहे एक छात्र ने कहा, <strong>“हम सीजेआई के पद का सम्मान करते हैं लेकिन हमें संविधान और संवैधानिक मूल्यों के बारे में सिखाया गया है और हम ऐसी किसी चीज का समर्थन नहीं करना चाहते जो उन मूल्यों के खिलाफ हो।”</strong></p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद विवाद और बढ़ गया, जब BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया कि अगले आदेश तक नालसार के 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स को वकील के तौर पर एनरोल न किया जाए।</p>
<h3>BCI ने छात्रों की पहचान के लिए मांगी रिपोर्ट</h3>
<p class="isSelectedEnd">BCI ने नालसार यूनिवर्सिटी से उन छात्रों की पहचान करने के लिए रिपोर्ट भी मांगी, जिन्होंने कथित तौर पर दीक्षांत समारोह में CJI सूर्य कांत की भागीदारी के खिलाफ अभियान शुरू किया, आयोजित किया या उसे आगे बढ़ाया।</p>
<p class="isSelectedEnd">काउंसिल के शुरुआती संदेश में कहा गया था कि अगले आदेश तक नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से 2026 में लॉ की डिग्री हासिल करने वाले किसी भी छात्र को किसी राज्य बार काउंसिल में वकील के तौर पर एनरोल नहीं किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">BCI ने यह भी कहा था कि जिस लॉ छात्र में देश के सर्वोच्च न्यायिक पद के प्रति सम्मान या आदर नहीं है, उससे जिम्मेदार वकील, शिक्षक या जज बनने की उम्मीद नहीं की जा सकती। काउंसिल ने ऐसे व्यवहार को कानूनी पेशे की गरिमा, अनुशासन और नैतिक मानकों के खिलाफ बताया था।</p>
<h3>आदेश की हुई आलोचना</h3>
<p class="isSelectedEnd">BCI के इस कदम की कानूनी बिरादरी के कुछ वर्गों ने आलोचना की। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने इसे मनमाना, गैर-कानूनी और जरूरत से ज्यादा कठोर बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह CJI को दीक्षांत समारोह में बुलाए जाने के खिलाफ छात्रों के विरोध का समर्थन नहीं करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">BCI ने यह भी आरोप लगाया था कि नालसार के कुछ एकेडमिक स्टाफ सदस्य छात्रों को गुमराह करने, उकसाने और गलत रास्ते पर ले जाने में शामिल थे।</p>
<h3>कुछ घंटों में BCI ने वापस लिया था निर्देश</h3>
<p class="isSelectedEnd">आलोचना के बीच BCI ने कुछ ही घंटों में अपने मूल निर्देश को वापस ले लिया। संशोधित संदेश में BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि काउंसिल ने पहले के पत्र पर पूरी तरह चर्चा और विचार-विमर्श किया और इसके बाद अपने निर्देश में बदलाव किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि नालसार से 2026 में ग्रेजुएट होने वाले छात्रों में से ज्यादातर <strong>“निर्दोष”</strong> थे और वे कथित अनादर वाले कदम में शामिल होने के इच्छुक नहीं थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि कुछ भरोसेमंद सूत्रों से पता चला कि कुछ शिक्षकों और बाहरी लोगों ने मासूम छात्रों को उकसाने में अहम भूमिका निभाई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">संशोधित फैसले के बाद 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स को एनरोलमेंट की अनुमति दी गई थी, जबकि BCI ने नालसार से जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार करने की बात कही थी।</p>
<p>अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा BCI के दोनों नोटिफिकेशन्स को रद्द किए जाने से इस विवाद में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ आ गया है।</p>
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