
Delhi : बीजेपी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। सूची में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का नाम नहीं है। दोनों नेताओं का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल नवंबर 2026 में खत्म हो रहा है। ऐसे में उनके मंत्री पद को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं।भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर अपने 8 उम्मीदवारों की सूची जारी की। पार्टी ने इस बार कई नए चेहरों को मौका दिया है। वहीं, मौजूदा सांसदों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है।
हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। बीएल वर्मा का कार्यकाल भी इसी तारीख को पूरा हो रहा है। दोनों को दोबारा राज्यसभा नहीं भेजे जाने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हरदीप पुरी दो बार यूपी से राज्यसभा पहुंचे
हरदीप सिंह पुरी को पहली बार जनवरी 2018 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया था। यह सीट मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इसके बाद नवंबर 2020 में उन्हें एक बार फिर उत्तर प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा भेजा गया।
राज्यसभा सांसद बनने के बाद हरदीप पुरी को केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी मिली। बाद में 2024 में उन्हें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया।
अब मौजूदा कार्यकाल खत्म होने से पहले पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाया है। हालांकि, उनके भविष्य को लेकर बीजेपी की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
क्या दो केंद्रीय मंत्रियों को छोड़ना पड़ सकता है पद?
बीजेपी की ओर से राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में नाम नहीं होने के बाद हरदीप पुरी और बीएल वर्मा के मंत्री पद को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, केंद्रीय मंत्री के पद पर बने रहने के लिए किसी व्यक्ति का संसद के किसी एक सदन का सदस्य होना जरूरी है।
ऐसे में अगर किसी मंत्री का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो जाता है और उसे दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाता, तो मंत्री पद पर बने रहने को लेकर संवैधानिक और राजनीतिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि, इस मामले में आगे क्या निर्णय होगा, यह पार्टी और सरकार के अगले कदम पर निर्भर करेगा।
रवनीत बिट्टू और जॉर्ज कुरियन के बाद फिर चर्चा
केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव की चर्चाएं पहले भी सामने आती रही हैं। जून में रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा के लिए दोबारा टिकट नहीं दिया गया था। वहीं, कार्यकाल पूरा होने के बाद जॉर्ज कुरियन ने इस्तीफा दे दिया था। दोनों केंद्रीय मंत्रियों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हुआ था।
इन घटनाक्रमों के बाद से ही मोदी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। अब हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद इन अटकलों को फिर हवा मिली है।
पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को लेकर भी चर्चा
केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव की चर्चा केवल हरदीप पुरी और बीएल वर्मा तक सीमित नहीं है। केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि हर्ष मल्होत्रा को हाल ही में दिल्ली बीजेपी की कमान सौंपी गई है।
बीजेपी में एक व्यक्ति-एक पद की नीति को देखते हुए इन दोनों नेताओं की केंद्रीय मंत्री के तौर पर जिम्मेदारियों को लेकर भी राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को लेकर बीजेपी की ओर से केंद्रीय मंत्री पद से हटाए जाने संबंधी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
फिलहाल बीजेपी की ओर से उत्तर प्रदेश के लिए राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद पार्टी के अगले कदम पर नजर है। संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर स्थिति तभी स्पष्ट होगी, जब सरकार या बीजेपी की ओर से इस संबंध में औपचारिक फैसला सामने आएगा।


















