पंचायत प्रतिनिधियों की हत्या की जांच करेंगे DSP स्तर के अधिकारी

पंचायत चुनाव के समय और चुनाव के परिणाम के बाद बिहार में सात पंचायत प्रतिनिधियों की हत्या हुई थी. इन मामलों में घटित घटना के बाद अब इस मामलों का स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सजा दिलवाई जाएगी. बिहार सरकार के गृह विभाग ने निर्देश दिया है कि पंचायत प्रतिनिधियों की हत्या की जांच दारोगा लेवल के अधिकारी से नहीं, बल्कि डीएसपी लेवल के अधिकारी से करवायी जाएगी. साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों की हुई हत्या मामले में एसआईटी का गठन होगा, जिसकी जिम्मेवारी डीएसपी लेवल के अधिकारी की होगी.

पंचायत प्रतिनिधियों पर लगातार हो रहे हमले के बाद कहीं ना कहीं पंचायत प्रतिनिधि खुद की सुरक्षा की मांग लगातार करते आ रहे हैं. यहां तक कि उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को लाइसेंसी हथियार तक देने की बात की है. इसके बाद गृह विभाग ने पुलिस प्रशासन को इन मामलों में एसआईटी गठित कर अगले 3 महीने में जांच रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, ताकि अपराधियों के खिलाफ ट्रायल चलाकर उन्हें सजा दिलाई जा सके.

आपको बता दें कि पंचायत चुनाव के बाद अब तक पांच मुखिया, एक सरपंच और एक वार्ड सदस्य समेत कुल 7 जनप्रतिनिधियों की राजनीतिक रंजिश के चक्कर में हत्या हो चुकी है.

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