भू-माफिया कर रहे ग्राम सभा की भूमि पर अवैध निर्माण

अदालत मे विचाराधीन मुकदमे का भी रत्ती भर खौफ नही
क़ुतुब अंसारी
बहराइच। प्रदेश सरकार  के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ  के  प्रदेश की बागडोर संभालते ही  भू माफिया एंटी करप्शन  रूलिंग  के तहत यह घोषणा किया था की राजस्व की जमीनों पर किए गए अवैध कब्जे को अधिकारी कर्मचारी संज्ञान में लेते हुए भू माफियाओं के विरुद्ध कठोर  कार्रवाई करे किन्तु   प्रशासनिक अनदेखी के चलते भारत नेपाल सीमा स्थित गांव सभा केवलपुर के रूपईडीहा कस्बे मे पड़ी करोड़ों की ग्राम सभा की जमीन  जिसमें जानकी राईस मिल चलता था । जो काफी पूरानी है। लगभग 35 बीघा  जमीन गांव सभा से लीज पर ली थी। जो अनुबंध /लीज का समय पूरा होने के बाद जानकी राइस मिल के मालिक ने उक्त जमीन को गांव सभा में छोड़कर चला गया था काफी वर्षो से यह मील बंद होने के कारण इस जमीन पर भू-माफियाओं की नजर टिकी हुइ थी।
इसका मामला न्यायालय में विचाराधीन भी है बावजूद इसके उक्त विवादित जमीन की प्लाटिंग कर बेचने हेतु दे दिया गया और  साजिश के तहत भू-माफिया  सरकार के द्वारा बनाए गए भूमाफिया कानून को धता बताते हुए बड़ी दिलेरी के साथ तहसील नानपारा के प्रशासनिक राजस्व  अधिकारियों से सांठगांठ कर इस जमीन की प्लाटिंग कर बेचने की फिराक मे लग गए है। वहां के निवासियों द्वारा  बताया जाता है  की यह पूरा मामला एसडीएम नानपारा के भी संज्ञान मे है। परंतु इस मामले को उप जिला अधिकारी नानपारा के द्वारा अनदेखी किया जा रहा है जिससे भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और खुलेआम उक्त गांव सभा की जमीन में प्लाटिंग करवा कर बेचने का सिलसिला जारी कर दिया गया है जिससे भू माफियाओ द्वारा कोर्ट के स्टे आर्डर को खुली चुनौती दी जा रही है |
वहीं भारतीय किसान यूनियन भानु संगठन के जिला अध्यक्ष पती राम चौधरी ने इस प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए  एक ज्ञापन पत्र माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एंव दिनांक 28-01-2019को जिला मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर भाकियू भानू की आवश्यक पंचायत के माध्यम से ज्ञापन पत्र जिला अधिकारी बहराइच को इस आशय से भेज कर मांग किया है की तहसील नानपारा अंतर्गत भारत नेपाल सीमा स्थित कस्बा रुपईडीहा में बरसों से पड़ी  गांव सभा की गाटा संख्या 302/303/304/336 की जमीन में भू माफियाओं के द्वारा किए जा रहे
अवैध कब्जे को तत्काल प्रभाव से हटाने  एवं किसी उच्चस्तरीय जांच करवा कर उनके विरुद्ध सरकार द्वारा लागू किए गए भूमाफिया एंटी करप्शन कानून के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेजा जाए तथा उक्त जमीन में गांव सभा के गरीब ग्रामीणों को पट्टा निर्गत कराया जाए यदि तत्काल प्रभाव से भू माफियाओं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन भानु संगठन के कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन को होगी दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी भू माफियाओ के विरुद्ध प्रशासन को सचेत कर भू माफियाओ के विरुद्ध उतर चुका है ।अब देखना है कि इस सम्बंध मे प्रशासन क्या रुख अपनाता है।
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