लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई हिंसा का असर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और सीतापुर में नजर आने लगा है। यहां लखीमपुर जाने से रोकने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। अखिलेश ने कहा कि किसानों पर अंग्रेजों के शासन से भी ज्यादा जुल्म भाजपा सरकार कर रही है। उन्होंने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के इस्तीफे और किसानों को 2-2 करोड़ का आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। अखिलेश को इको गार्डन ले जाया जा रहा है। वही सीतापुर में सपा कार्यालय पर भी प्रदर्शन शुरू हो गया है. भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है.
सीतापुर में सपा कार्यालय पर भी प्रदर्शन शुरू
सीतापुर होकर लखीमपुर जाने वाली समस्त ट्रेनों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है लखनऊ से चलकर सीतापुर होते हुए लखीमपुर बरेली तक जाने वाली ट्रेन है सीतापुर में ही रोक दी गई हैं इन्हें यहीं से वापस किया जा रहा है
#WATCH | Lucknow: Police take Samajwadi Party president Akhilesh Yadav into custody outside his residence where he staged a sit-in protest after being stopped from going to Lakhimpur Kheri where 8 people died in violence yesterday pic.twitter.com/VYk12Qt87H
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) October 4, 2021
इधर, अखिलेश के धरने से कुछ दूरी पर भीड़ ने पुलिस की एक जीप को आग के हवाले कर दिया है। पुलिस ने विपक्ष के कई नेताओं को लखीमपुर खीरी पहुंचने से रोकने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया है। इनमें बसपा महासचिव सतीश मिश्रा, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, सलमान खुर्शीद, आराधना मिश्रा और शिवपाल यादव शामिल हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस सुबह ही हिरासत में ले चुकी है।
मंत्री अजय मिश्र के बेटे पर हत्या का केस
लखीमपुर में हुई हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र समेत 14 लोगों पर हत्या, आपराधिक साजिश और बलवे का केस दर्ज हुआ है। यह केस बहराइच के नानपारा के रहने वाले जगजीत सिंह की तहरीर पर तिकुनिया थाने में लिखा गया है। लखीमपुर खीरी में रविवार को किसान आंदोलन के बीच भड़की हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, सोमवार सुबह एक पत्रकार का शव भी बरामद हुआ है। इसको मिलाकर अब तक मरने वालों की संख्या 9 हो गई है।
इधर, लखीमपुर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ऐलान किया है कि जब तक मंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त नहीं किया जाता है। उनके बेटे की गिरफ्तारी नहीं होती है। मृतक किसानों के शवों का अंतिम संस्कार नहीं होगा। इधर, घटनास्थल पर किसान जुटने लगे हैं। यहां किसानों की संख्या दो हजार हो गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने दंगा नियंत्रण की 3 गाड़ियां मंगाई है।
अपडेट्स
- पुलिस ने अखिलेश यादव को भी लखीमपुर खीरी जाने से रोक दिया। इसके बाद अखिलेश समर्थकों के साथ लखनऊ में अपने आवास के बाहर ही धरने पर बैठ गए। अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों पर अंग्रेजों के शासन से भी ज्यादा जुल्म भाजपा सरकार कर रही है। उन्होंने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। वहीं, किसानों को 2-2 करोड़ का आर्थिक सहायता देने की भी मांग की।
- मृतकों के परिवारों से मिलने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी देर रात दिल्ली से लखनऊ पहुंची थीं। इसके कुछ देर बाद वे लखीमपुर के लिए रवाना हुईं, लेकिन सुबह 5:30 बजे प्रियंका गांधी को पुलिस ने सीतापुर जिले में हरगांव बॉर्डर पर हिरासत में ले लिया। इस दौरान प्रियंका की पुलिस अफसरों से तीखी बहस भी हुई।
- पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी ने लखीमपुर हिंसा की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी को एक पत्र लिखा है। उन्होंने किसानों की मौत को अक्षम्य करार दिया है।
- अपर मुख्य सचिव गृह ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को पत्र लिखकर अमौसी एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और पंजाब के उपमुख्यमंत्री का विमान लैंड ना कराए जाए जाने की मांग की है। आज बघेल और चन्नी लखीमपुर जाने वाले थे।
- बसपा महासचिव सतीश मिश्रा, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, सलमान खुर्शीद और आराधना मिश्रा, शिवपाल यादव को उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया है। प्रशासन को इन सभी नेताओं के लखीमपुर खीरी पहुंचने की आशंका थी।
शव घटनास्थल पर अंतिम दर्शन के लिए रखे
किसानों के शव अग्रसेन इंटर कॉलेज के बाहर रखे हैं। राकेश टिकैत सुबह 5:30 बजे तिकुनिया पहुंचे। उन्होंने किसानों के शवों के अंतिम दर्शन किए। इसके बाद अपनी 5 मांगे गिनाईं। कहा मांग पूरी नहीं हुई, तो यहां से हम हिलने वाले नहीं। इसके बाद 7:15 बजे प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राकेश टिकैत से बात की। लेकिन राकेश टिकैत अपनी मांगों पर अड़े रहे। राकेश टिकैत ने कहा, यह एक साजिश है, जो बहुत दिनों से अजय मिश्र और उनके बेटे आशीष मिश्र द्वारा रची जा रही थी। मौके पर 700 से ज्यादा किसान जुटे हुए हैं।
राकेश टिकैत की 5 बड़ी मांग
- हिंसा की न्यायिक जांच हो
- मृतकों के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा
- मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी
- सांसद के बेटे समेत 14 आरोपियों की गिरफ्तारी
- अजय मिश्र की मंत्री पद से बर्खास्तगी
हिंसा के बाद लखीमपुर के तिकुनिया में तीन कंपनी पीएसी, हरदोई, बाराबंकी, लखनऊ ग्रामीण और लखीमपुर की फोर्स को तैनात किया गया है। कुल मिलाकर करीब एक हजार जवान मौके पर मुस्तैद हैं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, एडीजी जोन लखनऊ एसएन साबत, अतिरिक्त आईपीएस अजय पाल शर्मा को लगाया गया है। अजय पाल लुधियाना के रहने वाले हैं। इसलिए डेमैज कंट्रोल के लिए उनको यहां भेजा गया है।
लखीमपुर जिले में कल तक के लिए इंटरनेट बंद
लखीमपुर में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार तक के लिए जिले में इंटरनेट बंद कर दिया है। सोमवार को सिर्फ घटनास्थल के 20 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट बंद किया गया था। जिले में धारा 144 लगा दी गई है।