मुश्किलों के बाद हिन्दू-मुस्लिम कपल को मिला पासपोर्ट, बदसलूकी करने वाले अफसर का हुआ तबादला

लखनऊ।  पासपोर्ट विवाद अब सुलझ गया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट ऑफिस ने तन्वी और अनस को उनका पासपोर्ट रिन्यू कर वापस कर दिया है। आज दोनों को मामले के समाधान के लिए पासपोर्ट ऑफिस बुलाया गया था, जहां उन्हें पासपोर्ट सौंप दिया गया। वहीं दोनों से बदसलूकी करने वाले पासपोर्ट अधिकारी का ट्रांसफर कर दिया गया है।

मामले की जानकारी देते हुए क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा ने बताया

आज तन्वी और अनस की  समस्या का समाधान कर दिया गया है और दोनों को पासपोर्ट दे दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि निकाहनामा में नाम अलग था, जबकि अन्य दस्तावेज़ों में नाम तन्वी था। इसलिए उनसे एक प्रार्थना पत्र मांगा गया था। लेकिन उन्होंने पत्र नहीं दिया और पासपोर्ट अधिकारी से बहस करने लगे।

अफसर का ट्रांसफर 

मामले में दंपति से बदसलूकी करने वाले पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा का गोरखपुर ट्रांसफर कर दिया गया है। पासपोर्ट अधिकारी ने घटना पर खेद व्यक्त किया है और 1 घंटे के भीतर अनस और तनवी को पासपोर्ट जारी कर दिया। पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा ने आरोपी विकास मिश्रा को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है उसके बाद मामले की रिपोर्ट विदेश मंत्रालय भेजी जाएगी।

ये है पूरा मामला :

दरअसल 2007 में लखनऊ में तन्वी सेठ से विवाह करने वाले मोहम्मद अनास सिद्दीकी ने 19 जून को पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था और 20 जून को लखनऊ में पासपोर्ट कार्यालय में उनको अपॉइंटमेंट मिला था। तय शुदा तारीख पर जब दोनों ऑफिस पहुंचे तो काउंटर ए और बी में साक्षात्कार के पहले दो चरणों को मंजूरी दे दी लेकिन काउंटर सी पर समस्या शुरू हुई। जहां पर किसी को आधिकारिक से बातचीत करनी पड़ती है।

रोने लगी थी तन्वी 

lucknow passport case

अनस के मुताबिक

‘मेरी पत्नी की बारी मुझ से पहले आई और वह काउंटर सी 5 पहुंची, विकास मिश्रा नामक एक अधिकारी ने उनके दस्तावेजों को देखना शुरू कर दिया। जब उसने पति के नाम मोहम्मद अनास सिद्दीकी के रूप में पढ़ा, तो उसने मेरी पत्नी पर चिल्लाना शुरू कर दिया और कहा कि उसे मुझसे शादी नहीं करनी चाहिए थी। यह सुनकर तन्वी रोने लगी।

https://twitter.com/tanvianas/status/1009353189852958720

विकास मिश्रा ने कहा 

उन्हें एक बदले गए नाम से सभी दस्तावेजों को सही किया जाना चाहिए। इस पर तन्वी ने कहा कि हम नाम बदलना नहीं चाहते हैं और हमारे परिवार को हमारे नामों में कोई समस्या नहीं है। तब पासपोर्ट अधिकारी ने उसे एपीओ कार्यालय में जाने के लिए कहा और वह एपीओ को अपनी फाइल भेज दिया।

https://twitter.com/tanvianas/status/1009353663427547137

अनस के मुताबिक उसके बाद मिश्रा ने उन्हें बुलाया और मुझे अपमानित करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे हिंदू धर्म में परिवर्तित करना होगा और मेरी शादी स्वीकार नहीं की जाएगी। आपको फेरे लेकर हमारे धर्म में परिवर्तित होना होगा।

घटना के बाद दोनों ने मुद्दे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट किया और अपने हस्तक्षेप के लिए कहा। सुषमा स्वराज को उनके ट्वीट में, तन्वी ने लिखा, “हैलो मैम, मैं इस ट्वीट को न्याय में और आप में और विडंबना से अपने दिल में बहुत क्रोध/चोट और पीड़ा के साथ टाइप करती हूं, जिस तरह से मेरा साथ व्यवहार किया गया।

‘पासपोर्ट कार्यलय में पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा से मैं बहुत आहित हूं, मेरे साथ इस तरह का व्यवहार इसलिए हुआ क्योंकि मैंने एक मुसलमान से शादी की और मेरा नाम कभी नहीं बदला। मैंने पहले कभी इतनी परेशान महसूस नहीं की है।’

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