मच्छरों के प्रकोप से मैनपुरी की जनता पस्त, अधिकारी अपने आप में मस्त


प्रवीण पाण्डेय/मुकेश चतुर्वेदी
मैनपुरी- पूरे मैनपुरी जिले में मच्छरों का प्रकोप बहुत ज्यादा देखा जा रहा है। यह स्थिति आज की नहीं है, इस तरह के हालात सालों से बने हुए हैं। प्रत्येक वर्ष यही रोना रहता है कि शहरी क्षेत्रों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों का प्रकोप लगभग साल भर रहता है। गर्मी हो, बरसात हो या फिर ठण्ड का मौसम, हर मौसम में मच्छरों की भिनभिनाहट से लोग जूझते ही दिखते हैं। एक प्रश्न का उत्तर अब तक नहीं मिल सका है। हर साल राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर लाखों करोड़ों रुपये की मदद मच्छरों के शमन के लिये रसायनों और अन्य चीजों के रूप में भेजी जाती है, फिर इस तरह के रसायनों आदि का छिड़काव कहाँ और किसके द्वारा किया जाता है।

अगर छिड़काव किया जाता है तो फिर मच्छर उत्पन्न कैसे हो जाते हैं, यह भी शोध का ही विषय है कि हर साल मच्छर जनित रोगों के कहर बढ़ने के बाद शहरों एवं गांवों में मच्छरों के आतंक से जनपद के लोग आतंकित हैं। मलेरिया विभाग के द्वारा, जिले भर में बिना अधिकृत हुए चल रहे पैथॉलॉजी लेब्स में हुईं रक्त की जाँच के आंकड़े भी लगे हाथ देख लिये जाने चाहिये। आम धारणा बन चुकी है कि निजी तौर पर परीक्षण कराये जाने के परिणाम सरकारी स्तर पर कराये जाने वाले परिणामों से बेहतर आते हैं। बरसात के मौसम में स्थान-स्थान पर पानी एकत्र हो जाता है जो मच्छरों के प्रजनन के लिये उपजाऊ माहौल निर्मित करता है।

मलेरिया विभाग के द्वारा गंबूशिया मछलियों को पानी के एकत्र होने वाले स्थानों पर डाला जाना चाहिए ताकि ये मछलियां मच्छरों के अण्डों को पनपने न दें। इन मछलियों के लिये जिला चिकित्सालय परिसर और नगर पालिका परिषद में एक छोटा तालाब भी बनाना चाहिये। जहाँ इन गंबूशिया मछलियों को पालना चाहिए। जिससे जहाँ भी मच्छरों के अण्डे हों वहाँ इन मछलियों का डाला जाए। मच्छरों का आतंक तेजी से फैलता जा रहा है। आने वाले दिनों में अगर मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू के और भी ज्यादा मामले सामने आयें तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिये। इस मामले को लेकर स्थानीय सांसदों और विधायकों ने अब तक अपना मौन नहीं तोड़ा है। इसका कारण क्या है, यह तो वे ही जानें।


संवेदनशील जिलाधिकारी महेन्द्र बहादुर सिंह से यही अपेक्षा की ही जा सकती है कि वे इस मामले में स्व संज्ञान से कार्यवाही सुनिश्चित करवाकर मच्छरों के शमन के मार्ग प्रशस्त करवायेंगे।
मैनपुरी से प्रवीण पाण्डेय की रिपोर्ट

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