रेलवे के अधिकारियों की लापरवाही से यात्रियों को नहीं मिल मूलभूत सुविधाएं

भास्कर समाचार सेवा

मुरादनगर। मूलभूत सुविधाएं सफाई सुरक्षा प्रतिक्षालय शौचालय पेशाब घर पीने का पानी आदि भी रेलवे विभाग स्टेशन पर उपलब्ध नहीं करा पा रहा है लगता है कि इतना महत्वपूर्ण स्थान लावारिस छोड़ दिया गया है ।पूर्व सांसद प्रोफेसर रमेश चंद तोमर के कार्यकाल के दौरान स्थानीय कुछ जागरूक लोगों ने कुछ सुविधाएं रिजर्वेशन बैठने के लिए बेंच जैसी व्यवस्था उनके सहयोग से कराई थीं लेकिन उसके बाद किसी जनप्रतिनिधि या रेलवे के अधिकारी ने स्टेशन की खैर खबर नहीं ली ।रेलवे स्टेशन है कुछ ट्रेन भी रूकती हैं यात्री आते जाते हैं जिनकी संख्या प्रतिदिन हजारों में होती है जिसमें बड़ी संख्या प्रतिदिन नौकरी पेशा वालों का रेलवे स्टेशन पर आना जाना होता है वहीं इस नगर के प्रमुख उद्योग हैंडलूम पावर लूम से जुड़े देशभर से व्यापारी आते जाते हैं इस उद्योग से जुड़े मजदूर जो कि पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार पश्चिमी बंगाल से अधिकांश संख्या में हैं उनके अपने मूल निवास स्थान तक आने-जाने का एकमात्र सस्ता सुलभ साधन रेल ही है ऐसे लोगों का भी प्रतिदिन रेलवे स्टेशन आना जाना होता है। रक्षा मंत्रालय का महत्वपूर्ण आयुध निर्माणी जहां देश के विभिन्न भागों से कर्मचारी अधिकारी आते जाते हैं कभी-कभी विदेशियों को भी बुलाना पड़ता है। प्लेटफार्म एक के स्थान पर 3 हो गए हैं लेकिन अधिकांश गाड़ियां अभी पुराने प्लेटफार्म पर ही रुकती हैं लेकिन आवश्यक सुविधाएं पुराने एक नंबर प्लेटफार्म नए बने प्लेटफार्मों पर भी नहीं है। पीने के पानी की सुविधा के नाम पर कुछ टोंटीया है जिनमें कुछ समय पानी होता है उसके अलावा पानी पीने के लिए भी यात्रियों को स्टेशन परिसर से बाहर जाना पड़ता है। पुराना पेशाब घर है लेकिन गंदगी टूटी फूटी हालत के कारण लोग उसका इस्तेमाल नहीं कर पाते नए प्लेटफार्म पर शौचालय बना है लेकिन वह शायद आमजन के लिए नहीं है क्योंकि उस पर हर समय ताले जड़े रहते हैं। सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है रेलवे परिसर में असामाजिक तत्व हावी रहते हैं घटना के बाद जब तक स्थानीय पुलिस पहुंचती है उस समय तक बहुत देर हो जाती है। खानपान का इंतजाम स्टेशन के बाहर ही हो सकता है। रेलवे को यहां से बड़ा लाभ मिलता है क्योंकि यात्रियों की संख्या बहुत है लेकिन भारतीय रेल विभाग यहां आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करा रहा जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बारे में लोगों ने बताया कि प्रतीक्षालय के नाम पर स्टेशन बनने के समय बनाए गए गेट में ही कुछ बेंच रखी हैं लेकिन उसका कोई लाभ नहीं मिलता बारिश धूप हवा से भी वहां बचाओ नहीं होता। जबकि यात्रियों की संख्य को देखते हुए आधुनिक प्रतीक्षालय पेयजल शौचालय आदि की व्यवस्था होनी चाहिए रेलवे स्टेशन परिसर में सफाई के भी कोई साधन नहीं है चारों और कूड़े के ढेर उस में लगी आग आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशान करती रहती है।

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