ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज पूर्व क्रिकेटर डीन जोंस का मुंबई में निधन, शोक में क्रिकट जगत

मुंबई
क्रिकेट वर्ल्ड के लिए एक दुखी करने वाली खबर सामने आई है। महान ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर और कॉमेंटेटर डीन जोन्स (Dean Jones) का गुरुवर को कार्डियक अरेस्ट (Dean Jones Cardiac Arrest) से मुंबई के एक होटल में निधन हो गया। उनकी उम्र 59 वर्ष थी। वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सत्र को लेकर स्टार स्पोर्ट्स की कॉमेंट्री टीम से जुड़े थे और मुंबई में थे। ब्रॉडकास्टर ने इसकी पुष्टि की है। बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से लीग का मौजूदा सत्र देश से बाहर संयुक्त अरब अमीरात में खेला जा रहा है।

कॉमेंट्री के लिए मुंबई में थे
रिटायरमेंट के बाद वह एक सफल कॉमेंटेटर के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे। इस बार वह आईपीएल में मुंबई से कॉमेंट्री कर रहे थे। जोन्स इस बार आईपीएल कॉमेंट्री पैनल का हिस्सा था, जिसमें ब्रेट ली, ब्रायन लारा, ग्रीम स्वान और स्कॉट स्टायरिस मुंबई से कॉमेंट्री कर रहे हैं। आईपीएल का आज छठा मैच RCB और KXIP के बीच खेला जाना है और उससे पहले क्रिकेट फैन्स को यह दुखभरी खबर मिली है, जिससे फैन्स का मन काफी दुखी है।

स्टार स्पोर्ट्स ने कहा, ‘बेहद दुख के साथ हम डीन मर्विन जोन्स एएम के निधन की खबर साझा कर रहे हैं। दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।’ उन्होंने कहा, ‘हम उनके परिवार के प्रति संवेदना जाहिर करते हैं और इस मुश्किल समय में उनके सहयोग के लिए तैयार हैं। जरूरी इंतजाम करने के लिए हम ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग के संपर्क में हैं।’

ब्रॉडकास्टर कहा गया, ‘जोन्स खेल के महान दूतों में से एक थे और वह दक्षिण एशिया में क्रिकेट के विकास से जुड़े रहे। वह नई प्रतिभा को खोजने और युवा क्रिकेटरों को तराशने को लेकर जुनूनी थे। वह चैंपियन कॉमेंटेटर थे जिनकी मौजूदगी और खेल को पेश करने का तरीका हमेशा प्रशंसकों को खुशी देता था। स्टार और दुनियाभर में उनके लाखों प्रशंसकों को उनकी कमी खलेगी। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवार और मित्रों के साथ हैं।’क्रिकेट करियर और रेकॉर्ड

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज डीन जोन्स ने अपने इंटरनैशनल करियर में 52 टेस्ट और 164 वनडे मैच खेले। उन्होंने टेस्ट में 46.55 के औसत से रन बनाए, जबकि वनडे में भी वह 44.61 के औसत से बल्लेबाजी करते थे। उन्होंने टेस्ट में कुल 11 और वनडे में 7 शतक अपने नाम किए।

डीन जोन्स ऑस्ट्रेलिया को पहला वर्ल्ड कप जिताने वाली टीम का हिस्सा थे। 1987 वर्ल्ड कप के फाइनल में उन्होंने नंबर 3 पर बैटिग करते हुए 33 रन का अहम योगदान दिया था। ऑस्ट्रेलिया ने यह खिताबी मैच 7 रन से अपने नाम किया था।

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