
विरोध प्रकट कर काला कपड़ा बांधकर जताया रोष, दिया धरना
भास्कर समाचार सेवा
मेरठ। जागृति विहार एक्सटेंशन के तमाम कब्जा विहीन पीड़ित आवंटियों का शुक्रवार सुबह आक्रोश बाहर आ गया। उन्होंने एकजुट होकर आवास विकास परिषद के बाहर धरना दे दिया। आरोप लगाया, डेढ़ साल से अधिक का समय गुजर गया, लेकिन आवंटियों को कब्जा नहीं मिला। जिसके विरोध में उन्होंने सिरों पर काले कपड़े बांधकर तालाबंदी कर दी और अपना रोष जाहिर किया।
इस दौरान आवंटियों ने अपनी मांगें रखी। आवंटी सुशील कुमार पटेल ने बताया, 23 अगस्त 2022 को दिए गए ज्ञापन का लिखित जवाब तत्काल दिया जाए। पिछले डेढ़ साल से वास्तविक कब्जों से वंचित आवंटियों को सैकड़ों आश्वासन के वाबजूद कब्जा ना दे पाने के कारण से अवगत कराया जाए। आवंटियों के भवनों पर कब्जा ना दिलवा पाने में किस विभाग की लापरवाही अधिक है, आवास विकास परिषद की या जिला प्रशासन की, जिससे आवास विकास परिषद ने कब्जे के लिए फोर्स की मांग की है। आवंटी सुशील ने बताया, डेढ़ साल से आवंटी कब्जे के लिए आवास विकास कार्यालय व मेरठ के तमाम आला अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं पर आज तक किसी प्रकार से आवंटियों को कोई राहत नहीं मिली। इस मौके पर राहुल सक्सैना, चंद्र प्रताप सिंह, गुरूदेव सिंह, दिवाकर, धर्मेन्द्र, योगेश कुमार, राजेन्द्र कुमार, सन्तराम, नटवर लाल, मोहित मित्तल, राजीव परमार, लोकेश गौड, लवली, ममता, रजनी, मोहित त्यागी, जितेन्द्र कुमार, अंजनी, सरिता आदि उपस्थित रहें।
अधिकारी उछलकूद में बहा रहें पसीना
आवंटी ने बताया, पिछले डेढ साल से आवास विकास के तमाम अधिकारी उछलकूद में पसीना बहाते दर्शा रहे हैं, पर मजाल है कि आवंटियों को कब्जा दिला पाए हो। आवास विकास परिषद के साथ-साथ मेरठ का प्रशासन भी आवंटियों के प्रति संवेदनशील नहीं है।
टूट चुका सब्र का बांध, करेंगे आंदोलन
बताया, अब आवंटियों के सब्र का बांध टूट चुका है, अधिकांश आवंटी बर्बाद हो चुके हैं, जबकी मेरठ के इन्हीं आवंटियों ने मेरठ के विशेष लोगों को चुनकर विधायक, सांसद व मंत्री तक बनाया है। ये सब सत्ता के नशे में आज मेरठ की तमाम जनता को भूले बैठे हैं। आवंटी का साथ ना तो सत्तापक्ष के नेता दे रहे है और ना ही विपक्ष के नेता।