गोवर्धन ड्रेन पर बना पुल क्षतिग्रस्त, दोनों ओर की रेलिंग टूटी, ग्रामीणों की पुल मरम्मत की मांग

गांव आजल के निकट बना है पुल

भास्कर समाचार सेवा

मथुरा/सौंख। मोराबी की घटना के बाद प्रदेश में क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत को शासन भले ही गंभीरता दिखा रहा हो लेकिन जिला प्रशासन अभी भी इस दिशा में कोई विशेष रुचि नहीं दिखा पा रहा है। ग्रामीण अंचल में जगह जगह पुल तथा पुलिया टूटे हुए हैं। लेकिन अभी तक विभाग द्वारा कोई विशेष पहल इस समय धरातल पर नजर नहीं आ रही।ग्राम पंचायत सौंख के गांव आजल के पास गोवर्धन ड्रेन पर बना पुल बुरी तरह जर्जर हो गया है लेकिन लोक निर्माण विभाग आंखें मूंदे हुए है। शायद विभाग को किसी हादसे का इंतजार है। स्थानीय लोग कई वर्ष में इस पुल के मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
गांव आजल के पास गोवर्धन ड्रेन पर बना यह पुल भले ही व्यवसायिक आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण न हो। लेकिन ग्रामीण और किसानों के लिए यह काफी महत्व रखता है। यह पुल दशकों पहले बना था जो समय के साथ क्षतिग्रस्त हो गया है। इस पुल की दोनों ओर की रेलिंग टूट गई हैं। इस पुल से होकर प्रतिदिन काफी संख्या में ग्रामीण भी गुजरते हैं। इस पुल से होकर विद्यार्थी भी कस्बा आते हैं। इस पुल से होकर गुजरने में नैनिहालों को डर लगता है। शाम को किसानों तथा खेतिहर महिलाओं का आना जाना लगा रहता है। पुल के दोनों ओर की रेलिंग टूट जाने के कारण कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। लेकिन विभागीय अधिकारी निष्क्रिय बने हुए हैं। कस्बा के पुष्पेंद्र, अमर चंद, भगत सिंह, जीतेंद्र कुशवाहसभासद, विजय सिंह कुंतल, जयप्रकाश सिंह, कप्तान सिंह आदि ने विभागीय अधिकारियों से पुल की मरम्मत की मांग की है।

इस बारे में गोवर्धन क्षेत्र के विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह का कहना कि इस पुल का निर्माण उनकी प्राथमिकता में है। अप्रैल में ही इस पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। धनराशि स्वीकृत होते ही पुल निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जायेगा।

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