भास्कर एक्सक्लूसिव: रियल स्टोरी पर बेस्ड फिल्म ‘विजयानंद’ के शानदार ट्रेलर देख दीवाने हुए लोग

ऋषिका शर्मा द्वारा निर्देशित फिल्म ‘विजयानंद (Vijayanand)’ का ट्रेलर रिलीज के साथ सोशल मीडिया पर तेजी से छा चुका है। फिल्म का ट्रेलर लोगों को बेहद पसंद आ रहा है और यूट्यूब पर ट्रेलर के वीडियो पर लोग कमेंट कर इसकी जमकर तारीफ भी कर रहे हैं। इस फिल्म को आनंद संकेश्वर ने प्रोड्यूस किया है और फिल्म में एक्टर निहाल राजपूत लीड रोल में नजर आने वाले हैं।

बता दें, यह फिल्म कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से जुड़ी एक सच्ची कहानी से प्रेरित है। यह कहानी है देश के सबसे बड़े कमर्शियल बेड़े के मालिक विजय संकेश्वर की । मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो विजय अपनी पुश्तैनी कारोबार पुस्तक प्रकाशन को छोड़कर सामान ढोने का अपना काम शुरू किया। इस दौरान उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा और कड़ी मेहनत के बाद आज वह लॉजिस्टिक कंपनी विजयानंद रोड लाइंस (VRL) के मालिक हैं।

आपको बता दें कि इस साल 9 दिसंबर को आने वाली फिल्म विजयानंद की स्टार काॅस्ट दैनिक भास्कर के लखनऊ ऑफिस में पहुंची। जहां दैनिक भास्कर से खास बात-चीत में एक्टर निहाल राजपूत ने बताया कि ये फिल्म एक अनोखें अंदाज में दर्शाई गई है जिसमें हमारे दर्शकों को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि इस फिल्म को विजय संकेश्वर के बेेटे आनंद संकेश्वर ने प्रोड्यूस किया है और फिल्म में एक्टर निहाल राजपूत लीड रोल में नजर आने वाले हैं. जो खुद विजय संकेश्वर का रोल एक अनोखे अंदाज में निभा रहे है। आगामी नौ दिसंबर को सिनेमाघरों में ये फिल्म रिलीज होने जा रही है।

वहीं कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से इस फिल्म की सच्ची कहानी के तार जुड़े है। बता दें कि श्री प्रहलाद जो कि विजय संकेश्वर की पत्नी ललिता की भूमिका निभा रही है, जिसे लेकर उन्होंने बताया कि एक पत्नी जो कि बाहर के काम-काज के साथ -साथ घर तक का पूरा सफर तय करती है, जो सुख-दुख में भी पति विजय संकेश्वर का साथ कभी छोड़ती नहीं है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि मेहनत को ही सफलता का मूल-मंत्र मानने वाले विजय संकेश्वर कन्नड़ के सबसे बड़े अखबार विजय कर्नाटक के मालिक बने. कुछ अप्रत्याशित स्थितियों के चलते उनसे 2007 में टाइम्स ऑफ इंडिया ने उनके अखबार को कुछ शर्तों पर खरीद लिया. शर्त ये थी कि इसके कंपटीशन में विजय पांच साल तक कोई अखबार नहीं निकालेंगे, लेकिन किस्मत का खेल देखिए कि पांच साल पूरा होते ही विजय ने ‘विजय वाणी’ नाम का दूसरा अखबार निकाला, जो कर्नाटक की जनता के प्यार से फिर नंबर वन बना।

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