
भास्कर समाचार सेवा
सासनी/ अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक संगठन द्वारा गाँव गदाखेड़ा स्थित शंकर टैंट हाउस के सभागार में एक दर्जन कवियों से सजी कवि चौपाल का आयोजन रामबाबू सिंह कुशवाह की अध्यक्षता व मुरारी लाल मधुर के संचालन में किया गया।इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक संगठन के डा0 दयाशंकर जी को मंडल सचिव बनाए जाने पर संगठन द्वारा प्रमाणपत्र देते हुए उनका जोशीला स्वागत किया गया।अध्यक्ष द्वारा मां सरस्वती के छवि चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करने व कवि पप्पू टेलर की सरस्वती वंदना के सस्वर पाठ से शुरू हुई कवि चौपाल में कवि डा0 प्रभात ने सुनाया – मुद्दत से सफर में हो ठहरते क्यों नहीं तुम प्यार हो तो फिर प्यार करते क्यों नहीं इसके बाद रविराज सिंह ने सुनाया-शिक्षा दे रही जी हमको रामायण अति प्यारी तत्पश्चात कवि रामनिवासउपाध्याय ने सुनाया-तुकमए तासीर बदली किस तरह ऐ दोस्तो
कुछ तो काला दीखता है अब सियासी दाल में इसके बाद रस परिवर्तन कराते हुए हास्य कवि वीरपाल सिंह वीर ने सुनाया- कैसौ जमानौ आयौ हाय राम दैया
इसके बाद विष्णु शर्मा ने सुनाई-प्यारी लागे घरवारी
मीठी रसखीर सी मोह ममता से बांध राखौ परिवार है ।अमर सिंह बच्चा ने कहा- जन की बहकी चाल देखिए देश का बिगड़ा हाल देखिए
गगन वार्ष्णेय ने सुनाया-
हरहाल में हमेशा मुस्कराया करो न रोया करो न किसी को रुलाया करो। इसके अलावा महेंद्रपाल सिंह वीरेन्द्र जैन नारद की कविताओं को भी श्रोताओं द्वारा खूब प्रशंसा मिली।इस अवसर पर संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश त्रिवेदी डा0दया शंकर जिलाध्यक्ष रामचंद्र बघेल
जिला महामंत्री अजय दिवाकर जिला महा सचिव अनिल कुमार विनय उपाध्याय नरेंद्र कुशवाह व बलराम सिंह निगम की मौजूदगी रही।आयोजक संयोजक डा0 दया शंकर कुशवाह ने सभी आगंतुक अतिथि व कवियों का आभार व्यक्त करते हुए
कवि चौपाल के समापन की घोषणा की।