कुम्भ मेले में आये श्रद्धालुओ के लिए रहने के लिए कंज कीरी ले आया है टेंट सिटी कुम्भ

लखनऊ। दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले भारत जैसे विशाल देश में धर्म के प्रति आम लोगों की आस्था अटूट है। यहां हर धर्म के प्रति आस्था रखने वाले लोग रहते हैं। हिंदू धर्म यहां की मिट्टी में रचा-बसा है। हज़ारों मान्याताएं, हर मौसम में तीज-त्यौहार देश की सभ्यता को संतरंगी बनाते हैं। ऐसे में अगर बात उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ज़िले में संगम के तट पर चल रहे कुम्भ की जाए तो लगता है कि जैसे स्वर्ग धरती पर उतर आया है।
श्रद्धालु संगम घाट पर आकर अपने स्वप्न को करते है पूरा 
धर्म में आस्था रखने वालों के लिए कुम्भ में जाकर स्नान करना और वहां कुछ समय रहकर भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा में लीन होना एक स्वप्न जैसा है। पूरे विश्व से करोड़ो श्रद्धालु संगम घाट पर आकर अपने स्वप्न को हकीकत में बदलते हैं। ऐसे में उन्हें प्रयागराज में कुछ दिन रहने के लिए होटल, धर्मशाला या अन्य विकल्प तो मिल तो जाते हैं पर वो एक तो संगम तट से इतने दूरे होते हैं कि उनका ज्यादातर समय आवागमन में चला जाता है। दूसरे उन्हें बेहतर सुविधाएं नहीं मिलती। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को थकान और परेशानी होती है बल्कि उन्हें कई तरह के दूसरे कष्ट झेलने पड़ते हैं। इस विकट स्थिति से बचने और सारी लक्ज़री सुविधाओं के अनुभव के लिये संगम तट पर ही  मोबाइल सिटी बनाई गई है , जो आपके दिल को सुकून देगी। ये बातें कीरी एंड कंपनी के चेयरमैन ललित कुमार कीरी ने प्रेस कांफ्रेंस में दी। ललित कुमार कीरी ने बताया कि “कंज कीरी कंटेनर टेंट सिटी कुम्भ” के नाम से संगम घाट से अराइल रोड पर श्रद्धालुओं के लिए  एक शानदार रहने की व्यवस्था की गई है। अभी कुम्भ में 120 एयर कंडीशनर कंटेनर रूम्स की व्यवस्था की गई है , जो आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
पीएम मोदी और सीएम योगी से प्रभावित
कीरी एंड कंपनी के चेयरमैन ललित कुमार कीरी ने बताया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इनोवेटिव आइडिया से काफी प्रभावित हैं और उन्होंने इस तरह का पहला और ग्लोरियस एकोमेडेशन तैयार किया और इसका सफल प्रयोग राजस्थान में करने के बाद इसे कुम्भ में श्रद्धालुओं के लिए लगाया। ललित कीरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा इस बार कुम्भ में शानदार व्यवस्थाएं की गई हैं। यही वजह है कि पहले के मुकाबले इस बार कुम्भ की चर्चा पूरे विश्व पटल पर हो रही है।
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