VIDEO : माल्या ने कहा-देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से मिला था, जेटली ने दिया करारा जबाब

नई दिल्ली : शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण के मामले में चल रही सुनवाई के दौरान माल्या ने एक बयान देकर बड़ा धमाका कर दिया है। माल्या ने कहा कि वह भारत छोड़ने से पहले वित्तमंत्री से मिलकर आए थे। माल्या ने कहा, ‘वह सेटलमेंट को लेकर वित्त मंत्री से मिले थे,

लेकिन बैंकों ने मेरे सेटलमेंट प्लान को लेकर सवाल खड़े किए।’ माल्या ने कहा कि वह अपना बकाया चुकाने के लिए तैयार हैं। बता दें कि लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारत के अधिकारियों ने मुंबई की आर्थर रोड जेल में माल्या को रखने के लिए तैयार सेल का विडियो पेश किया।

कोर्ट में सुनवाई के बाद पत्रकारों ने जब वित्त मंत्री से मुलाकात को लेकर सवाल पूछा तो माल्या ने कहा कि वह इस मीटिंग के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दे सकते हैं। गौरतलब है कि जिस समय माल्या देश छोड़कर गए, उस समय अरुण जेटली वित्त मंत्री थे। बातचीत के दौरान माल्या ने कहा कि वह कोर्ट में दिखाए गए जेल के विडियो को देखकर प्रभावित हैं। माल्या ने कहा कि अपने बकाए को सैटल करने के लिए उन्होंने बैंकों को कई बार पत्र लिखे थे, लेकिन बैंकों ने उनके पत्रों पर सवाल खड़े किए थे।

माल्या ने कहा कि निश्चित तौर पर उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, वह उनसे सहमत नहीं हैं। इसके अलावा इस बारे में कोर्ट ही अंतिम फैसला लेगी। बता दें कि माल्या ने कहा था कि भारतीय जेलों की हालत बेहद खराब है, इसलिए उन्हें भारत को न सौंपा जाए। प्रत्यर्पण से बचने के लिए माल्या की इस दलील के बाद ब्रिटिश कोर्ट ने भारतीय अधिकारियों से जेल का विडियो पेश करने को कहा था।

 जेटली ने माल्या के बयान पर किया पलटवार, कहा

अरुण जेटली (फाइल फोटो)

खुद वित्त मंत्री अरुण जेटली को इस बारे में बयान जारी करना पड़ा. जेटली ने माल्या के बयान को तथ्यात्मक रूप से गलत और दूर-दूर तक सच्चाई से परे बताया. जेटली ने कहा कि 2014 के बाद से उन्होंने माल्या को कभी अपॉइंटमेंट नहीं दी, इसलिए मिलने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता. जेटली ने कहा कि राज्यसभासदस्य होने के नाते माल्या ने एकबार मेरे से मिलने की कोशिश की थी जब मैं सदन से निकल कर अपने कमरे में जा रहा था.

जेटली ने कहा, मेरे से मिलने के लिए वे तेजी से आगे बढ़े और कहा, ‘मैं मामला निपटाने के लिए एक ऑफर रखना चाह रहा हूं. माल्या के झूठे प्रस्तावों को देखते  हुए मैं किसी बात के लिए राजी नहीं हुआ और कहा कि इस मुद्दे पर मेरे से बात करने से अच्छा है बैंकों से बात करें.’

जेटली ने कहा कि माल्या के हाथों में कुछ कागजात भी थे जिसे उन्होंने नहीं लिया क्योंकि उनकी बातों से राज्यसभा के विशेषाधिकारों के दुरुपयोग की आशंका थी. साथ ही, बैंकों के कर्ज से जुड़े उनके कारोबारी हित को देखते हुए उन्हें अपॉइंटमेंट देने का सवाल नहीं था.

माल्या के लिए चमकाई गई बैरक
मुंबई की आर्थर रोड जेल की 12 नंबर बैरक को जेल प्रशासन ने कुछ यूं सवारा है कि देश तो क्या दुनिया के लोग उसकी सफाई और व्यवस्था की सराहना करें। कहा जा रहा है कि भगोड़े कारोबारी विजय माल्या की ओर से लंदन में भारत की जेलों की हालत खराब होने के तर्क की काट के लिए यह किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को लंदन की अदालत में भारतीय एजेंसियों ने जेल की इस विडियो का बैरक दिखाया।

फैसले का क्या होगा असर
वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट कोर्ट का फैसला क्या होगा, इस भारतीय पक्ष और माल्या, दोनों के लिहाज से अहम है। अगर कोर्ट माल्या के प्रत्यर्पण का अनुमति देता है, तो इसके बाद मामला ब्रिटेन के होम डिपार्टमेंट के पास जाएगा। जहां से माल्या के प्रत्यर्पण की अनुमति पर फैसला होगा। अगर फैसला माल्या के खिलाफ आता है तो वह ऊंची अदालत में इसे चुनौती भी दे सकता है।

किंगफिशर एयरलाइन के 62 वर्षीय प्रमुख पिछले साल अप्रैल में जारी प्रत्यर्पण वॉरंट के बाद से जमानत पर है। उसपर भारत में करीब 9,000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। इससे पहले जुलाई में वेस्टमिन्स्टर मैजिस्ट्रेट कोर्ट में जज एमा अर्बुथनाट ने कहा था कि ‘संदेहों को दूर करने के लिए’ भारतीय अधिकारी आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 का ‘सिलसिलेवार विडियो’ जमा करें।

भारत सरकार की तरफ से क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने जिरह की थी और विडियो के लिए अदालत में रजामंदी जताई थी। विडियो अदालत में जमा कर दिया गया है। माल्या का बचाव करने वाले दल ने जेल के निरीक्षण की मांग की थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया ब्रिटेन के मानवाधिकार संबंधी वादे को पूरा करता है।

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