सोशल डिस्टेंश की धज्जियां उड़ाकर बसों से आते जाते रहे लोग

डीएम बहराइच के साथ मौजूद रहा जिले का पूरा अमला

25 संदिग्धों को भेजा गया बहराइच

नबी अहमद

रूपईडीहा/बहराइच। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गुरूवार की रात भारत से नेपाली नागरिकों व नेपाल से भारतीय नागरिकों की अदला बदला की गयी। भूसे की तरह नागरिकों को भरकर बसों से भेजा जाता रहा। भारतीय जिला प्रशासन के अनुसार नेपाल से 1074 भारतीयों को नेपाल से लाया गया व 723 नेपाली नागरिकों को भारत से नेपाल भेजा गया। इस अवसर पर थाने मे डीएम बहराइच शम्भू कुमार, एसपी बहराइच विपिन कुमार मिश्र, एसडीएम नानपारा राम आसरे वर्मा व सीओ नानपारा अरूणचन्द सदल बल मौजूद रहे। गिव एण्ड टेक का कार्यक्रम 08 बजे से प्रारम्भ होकर रात 12 बजे तक चलता रहा। गुरूवार की दोपहर नेपाल की ओर से स्थानीय थाने मे 442 भारतीयों की सूची दी गयी थी। रात मे यह बढ़कर 1074 हो गयी। हुआ यह कि नेपाली प्रशासन ने गांव गांव व नेपालगंज उपमहानगर पालिका के हर वार्ड मे प्रधानों व वार्ड अध्यक्षों की ड्यूटी लगा दी थी कि जो भी भारतीय फंसे है उन्हे बार्डर पर भेज दिया जाये। इस सूचना पर जो भारतीय नेपाली क्षेत्र मे फंसे थे वे जमुनहां पुलिस चैकी पर आकर बैठते गये। इसलिए नेपाल की सूची बढ़ती गयी। ये लोग क्वारेंटाइन के अतिरिक्त आये। इसकी नेपाली प्रशासन ने कोई जांच भी नही की। फलस्वरूप बसों मे भूसों की तरह भारतीय लोगों को भरा गया। कुछ लोग बसों मे खड़े खड़े जाते देखे गये। भारतीय क्षेत्र से भी नेपाली नागरिकों को जो बसे लेकर गयी उनका भी यही हाल रहा। जिलाधिकारी थाने मे बैठे रहे। बार्डर तक जाने की जहमत तक नही उठायी। अफरा तफरी का आलम रहा। नेपाल की ओर से दी गयी सूची के विरूद्ध इतने लोग कैसे बढ़ गये इसे जानने की कोशिश भी नही की गयी। नेपाल के डीएम एसपी को थाने मे बुलाकर डीएम बहराइच ने टी पार्टी कर अपने कतब्र्य की इतिश्री कर ली। नेपाल से आये भारतीयों के बारे मे जानकारी देते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डा. अर्चित श्रीवास्तव ने बताया कि हाजी मो. यूसुप डिग्री कालेज से 12 संदिग्ध संक्रमितों, 06 गुरगुट्टा से व 06 अमीर हसन डिग्री कालेज से बहराइच जिला अस्पताल जांच हेतु भेजा गया है। उन्होने यह भी बताया कि एक मुम्बई से आये संदिग्ध युवक को भी पटना कालोनी से बहराइच भेजा गया है।
बाक्श हेतुः-
जिलाधिकारी ने पत्रकारों से वार्ता करने से किया इंकार
नेपाल द्वारा प्राप्त सूची से अधिक भारतीयों को नेपाल से भेजे जाने पर पत्रकारों ने जब इसकी वजह जाननी चाही तो जिलाधिकारी शम्भू कुमार ने बताने से मना कर दिया और कहा कि मै प्रेस नोट जारी करके बता दूंगा। पत्रकार यह भी जानना चाहते थे कि इन बसों की आवाजाही मे सोशल डिस्टेंस का पालन नही किया जा रहा है तो इस पर भी उन्होने कहा कि जो हो रहा है वह होने दीजिए और पत्रकारों से वार्ता करने से इंकार कर दिया।

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