VIDEO : राहुल गाँधी का पूरा भाषण झूठ और फरेब : भाजपा

राहुल गांधी ने बुधवार को जर्मनी में छात्रों से बात करते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुआ कहा   मोदी सरकार जिस तरह शासन कर रही है, उससे देश में हिंसा और नफरत का माहौल बना हुआ है. राहुल गांधी के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी आगबबूला हो गई है, राहुल के हमले पर भाजपा  प्रवक्ता संबित पात्रा ने पहले ट्वीट करते हुए और बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर हमला बोला.

राहुल ने कहा कि 21वीं सदी में अगर आप किसी को जगह नहीं देंगे. अगर आप किसी को कोई विजन नहीं देंगे, तो किसी अन्य जगह से उसे विजन मिलेगा. ये बात कहते हुए उन्होंने इस्लामिक स्टेट (IS) का उदाहरण दिया.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब अमेरिका के एक कानून ने इराक के एक समुदाय को सरकारी नौकरियों से बेदखल रखा, तो उन्होंने एक आतंकी ग्रुप (IS) बना लिया. उन्होंने कहा कि इसी तरह की नीतियों से इराक और सीरिया में आज बुरा हाल है

राहुल के इस उदाहरण ने भारतीय जनता पार्टी को उनपर हमला करने का मौका दे दिया है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने गुरुवार को ट्वीट किया कि राहुल गांधी के द्वारा सीरिया में ISIS को लेकर दिया गया उदाहरण डराने वाला है, वह एक तरह से कह रहे हैं कि अगर मोदी जी भारत को कोई विजन नहीं दिया तो कोई और (ISIS) विजन देगा. क्या सच में वो प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं?

राहुल के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया. संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने आज फिर एक बार फिर राहुल गांधी की तरह ही व्यवहार किया है.

उन्होंने कहा कि आप अपने आप को देश का नेता कहते हैं, लेकिन आप विदेश में भद्दा मजाक करते हैं. 70 साल में आपके परिवार ने कोई विजन नहीं दिया. संबित ने कहा कि राहुल गांधी ने जितने भी आरोप लगाए हैं, वह सभी झूठ पर टिके हैं. आप भारत को पहचान नहीं सके.

संबित ने कहा कि राहुल गांधी तथ्यों को नहीं पढ़ते हैं, सिर्फ पीछे से सोना-आगे से आलू, सोडा शिकंजी की बात करते हैं. आप सिर्फ चीन-चीन करते हैं, आपकी पार्टी के सिद्धू पाकिस्तान-पाकिस्तान करते हैं, क्या आपकी पार्टी में कोई हिंदुस्तान-हिंदुस्तान करते हैं.

इस दौरान राहुल गांधी ने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर भी मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी ने छोटे उद्योगों के नगद प्रवाह को बर्बाद कर दिया और अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोग बेरोजगार हो गए. बड़ी संख्या में छोटे व्यवसायों में काम करने वाले लोगों को वापस अपने गांव लौटने को मजबूर होना पड़ा. इससे लोग काफी नाराज़ हैं. लिंचिंग के बारे में जो कुछ भी हम सुनते हैं, वो इसी का परिणाम है.

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