भाजपा कार्यकर्ता को अज्ञात लोगों ने तेजधार हथियारों से उतरा मौत के घाट, मचा हडकंप

 पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई. बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात लोगों के समूह ने उसे घेरकर मौत के घाट उतार दिया. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

वारदात दक्षिण 24 परगना जिले के मंदीर बाजार पुलिस थाना क्षेत्र की है. जहां भारतीय जनता पार्टी से जुड़े ब्लॉक स्तर के नेता शक्तिपारा सरदार को शुक्रवार की रात उसके घर के पास एक अज्ञात लोगों के समूह ने तेजधार हथियारों से हमला कर मौत की नींद सुला दिया.

45 वर्षीय सरदार काम से अपने घर लौट रहा था.

घटना के समय 45 वर्षीय सरदार काम से अपने घर लौट रहा था. हमले के बाद पड़ोसियों ने सरदार को खून से लथपथ हालत में घर के करीब पड़े हुए पाया. फौरन उसे गंभीर हालत में डायमंड हार्बर जिला अस्पताल ले जाया गया. जहां से उसे कोलकाता रेफर कर दिया गया लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई.

पंचायत चुनावों के बाद से ही सरदार को मिल रही थी. धमकियां 

मृतक बीजेपी नेता के परिजनों ने दावा किया है कि पंचायत चुनावों के बाद से ही सरदार को धमकियां मिल रही थी. मंदिर बाजार पंचायत चुनाव में 15 सीटों में से 9 टीएमसी ने जीती हैं जबकि 6 सीटें वहां भाजपा के खाते में चली गई हैं.

चुनाव नतीजे आने के बाद वहां इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि कुछ टीएमसी सदस्य भाजपा में शामिल हो सकते हैं. मृतक भाजपा नेता सरदार इस मामले में चल रही बातचीत में सक्रिय रूप से शामिल था. मृतक के परिवार से तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात गुंडों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

उधर, टीएमसी ने इस मामले में किसी भी तरह की भागीदारी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. बताते चलें कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की ओर से जीत हासिल करने वाले नेताओं को या तो घर नहीं जाने दिया जाता या फिर धमकी भरे खत आ रहे हैं. पुरुलिया के पंचायत समिति चुनाव में जीत हासिल करने वाले भारतीय जनता पार्टी के बिरंची कुमार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है.

बिरंची कुमार का कहना है कि ये मौजूदा सरकार के इशारे पर हो रहा है. उन्होंने कहा, ‘सत्ताधारी दल धमकी भरे खत भेज रहे हैं जिसमें लिखा है कि 2019 में हम देख लेंगे. इसके अलावा और भी बहुत सी ऐसी बातें लिखी हैं जिन्हें सार्वजनिक तौर पर मैं बता नहीं सकता.’ बता दें कि बिरंची कुमार ने इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार को 10,000 मतों से शिकस्त दी थी.

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