लखनऊ : एसडीएम ने दिखाई निष्ठुरता, प्रभारी निरीक्षक ने गरीब को दी आर्थिक मदद

दैनिक भास्कर ब्यूरो ,

लखनऊ। सरोजनी नगर तहसील के नवीन भवन के निर्माण,सुरक्षा और अधिकारियों की कार्यशैली पर पिछले कुछ दिनों से आरोपों का दौर ऊफान पर है बावजूद इसके तहसील के उपजिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों पर कोई खासा असर पड़ता नहीं दिखाई पड़ रहा है।

तहसील परिसर में अपना काम लेकर आने वालों के लिये सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होती है लेकिन आगंतुकों को आए दिन यहां अपने वाहन गवाने पड़ रहे हैं।

ताजा मामला परिसर में अपने मुकदमे की पैरवी पर आए महेश और उनकी पत्नी सविता के साथ घटित हुआ। पीड़ित महेश ने बताया कि वो परवर पश्चिम गांव के रहने वाले हैं।गांव के कुछ दबंगो ने उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया है जिसका मुकदमा सरोजिनी नगर तहसील न्यायालय में विचाराधीन है।

पिछले कई महीनों से पति पत्नी तहसील के चक्कर काट रहे हैं लेकिन तहसील के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं।बृहस्पतिवार अपने मुकदमे की पैरवी पर पत्नी संग आए महेश ने परिसर के अंदर अपनी साइकिल खड़ी की लेकिन वापस लौट कर उन्हें अपनी साइकिल लाख खोजने के बावजूद नहीं मिली।इससे पहले भी काफी लोगों के वाहन परिसर के अन्दर से चोरी हो चुके हैं।

उपजिलाधिकारी ने नहीं समझा पीड़ित का दर्द, थाना प्रभारी ने गरीब किसान को दी आर्थिक मदद –

आर्थिक स्थिति से कमजोर किसान महेश की पत्नी सविता अपनी साइकिल चोरी होने से सदमे में आ गई और जोर जोर से रोने लगी।मामला उपजिलाधिकारी के संज्ञान में जाने के बाद उन्होंने हाथ खिंचते हुए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया यही नहीं महौल बिगड़ता देख उन्होंने फोन करके थाने से पुलिस कर्मी भी बुलवा लिये और पीड़ित पति पत्नी को बिजनौर थाने भिजवा दिया। वहीं थाने पर तैनात प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार राणा ने पीड़ित किसान के आंसू पोछने का काम किया। थाने में सम्मान से बैठा कर जल्दी ही साइकिल खोजने का आश्वासन देते हुए उन्होंने दो हजार की आर्थिक मदद भी की।

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