दिल्ली सहित 18 राज्यों में मिड-डे मील रसोइयों को मिलता है मात्र एक हजार रुपये मानदेय

देश में सबसे अधिक पुडुचेरी में 19 हजार रुपये प्रतिमाह

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में मध्याह्न भोजन (मिड-डे-मील) बनाने वाले रसोइया-सह-सहायकों (सीसीएच) को एक साल में 10 माह के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेह दिया जाता है। यह जानकारी केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित उत्तर में दी। केंद्रीय मंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ने बताया कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने और परोसने के लिए योजना के अंतर्गत रखे गए रसोइए-सह-सहायक अवैतनिक श्रमिक हैं, जो समाज सेवा के लिए आगे आए हैं। उनकी सेवाओं को मान्यता देते हुए रसोइया-सह सहायकों को एक वर्ष में 10 माह के लिए एक हजार रुपये प्रति माह दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस मानदेय व्यय को अनुमोदित शेयरिंग पैटर्न के अनुसार केंद्र सरकार तथा राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के बीच साझा किया जाता है। राज्य सरकारें और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन भी अपने स्वयं के संसाधनों से अतिरिक्त निधियां देकर मानदेय की पूर्ति करते हैं।

सत्यपाल ने बताया कि जिन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में प्रतिमाह एक हजार से अधिक का भुगतान किया जाता है उनमें सबसे अधिक पुडुचेरी में 19 हजार रुपये, लक्षद्वीप में 9500, केरल में 9000, दादर और नागर हवेली में 3946, दमन और दीव में 3642, चंडीगढ़ में 3000, कर्नाटक में 2700, हरियाणा में 2500, उत्तराखंड में 2000, पंजाब में 1700, हिमाचल प्रदेश में 1500, मिजोरम में 1500, त्रिपुरा में 1500, पश्चिम बंगाल में 1500, ओडिशा में 1400, बिहार में 1250, छत्तीसगढ़ में 1200 और राजस्थान में 1200 रुपये प्रतिमाह दिया जाता है।

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