रेलवे का ‘मिशन बैक होम’: 1074 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 14 लाख प्रवासियों को घर पहुंचाया

नई दिल्ली, 16 मई (हि.स.)। भारतीय रेलवे ‘मिशन बैक होम’ के तहत अब तक 1074 ‘श्रमिक स्पेशल’ रेलगाड़ियों से 14 लाख से अधिक प्रवासियों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचा चुका है। इसमें अधिकांश दिहाड़ी मजदूर और छात्र शामिल हैं। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में प्रतिदिन दो लाख यात्री सफर कर रहे हैं। रेलवे की योजना इसे जल्द ही तीन लाख करने की है।

पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि कामगारों को वापस घर लाने के लिए अब तक 1,074 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाया गया है। जिसमें से 106 ट्रेन कल (15 मई) संचालित हुई। उत्तर प्रदेश व बिहार ने इस दिशा में बहुत तेजी से कदम उठाए हैं और देश भर में चली कुल श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में से लगभग 80 प्रतिशत ट्रेन इन दोनों राज्यों द्वारा चलाई गई हैं।

रेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि 15 मई की मध्यरात्रि तक, देश भर के विभिन्न राज्यों से कुल 1074 “श्रमिक स्पेशल” ट्रेनों का परिचालन किया गया है। पिछले 15 दिनों में 14 लाख से अधिक फंसे हुए लोगों को उनके गृह राज्य वापस भेज दिया गया है। पिछले तीन दिनों के दौरान प्रतिदिन दो लाख से अधिक लोगों को ले जाया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह प्रतिदिन तीन लाख यात्रियों तक बढ़ाया जा सकता है। इन 1074 श्रमिक विशेष ट्रेनों ने आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, गोवा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार जैसे विभिन्न राज्यों से यात्रा शुरू की।

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल जैसे विभिन्न राज्यों में समाप्त किया गया।

उल्लेखनीय है कि रेलवे 1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए लोगों जिनमें ज्यादातर प्रवासी श्रमिक, छात्र और पर्यटकों को उनके गृह राज्य तक पहुंचा रहा है।

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