अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने वित्तीय मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करने के लिए एक बेहद अहम और बड़ा कदम उठाया है। चढ़ावा चोरी के मामले के सामने आने के बाद, ट्रस्ट ने अपने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बैंक खातों के सुरक्षित और पारदर्शी संचालन के लिए एक विशेष तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। ट्रस्ट द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अब इस नवगठित समिति के तीनों सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर (Joint Signatures) के बिना बैंक खातों से किसी भी तरह का कोई लेन-देन नहीं किया जा सकेगा।
कृष्ण मोहन करेंगे तीन सदस्यीय समिति का नेतृत्व
ट्रस्ट के वित्तीय ढांचे को पूरी तरह फूलप्रूफ बनाने के उद्देश्य से गठित की गई इस समिति की कमान राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन को सौंपी गई है। समिति में उनके साथ देश की दो और जानी-मानी हस्तियों को शामिल किया गया है, जो इस प्रकार हैं:
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कृष्ण मोहन (प्रमुख): राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारी महासचिव, जो इस समिति का नेतृत्व करेंगे। दैनिक कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था में सहायता के लिए इन्हें दो निजी सहयोगी रखने की भी अनुमति दी गई है।
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जगदीश आफले (सदस्य): पुणे के रहने वाले जगदीश आफले राम मंदिर निर्माण कार्य के प्रोजेक्ट मैनेजर और अनुभवी इंजीनियर हैं।
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चंदन राय (सदस्य): वित्तीय बारीकियों और ऑडिट पर पैनी नजर रखने के लिए जाने-माने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) चंदन राय को इस समिति का तीसरा स्तंभ बनाया गया है।
ट्रस्ट के सूत्रों ने पुष्टि की है कि खातों के संचालन की यह नई और सख्त व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
एसबीआई अफसरों से मिले कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी
इसी सिलसिले में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बुधवार को तीर्थ क्षेत्र में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में बैंक खातों की सुरक्षा और आगे की वित्तीय रणनीति पर गहन चर्चा की गई। दरअसल, इस पूरे मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पहले एसआईटी (SIT) को एक पत्र लिखा था, जिसमें बैंक की भूमिका का भी जिक्र किया गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैंक बदलने के पक्ष में नहीं है राम मंदिर ट्रस्ट
सूत्रों की मानें तो कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने एसबीआई के अधिकारियों से साफ तौर पर कहा कि बैंक खातों के संचालन और पूरी बैंकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित (फूलप्रूफ) बनाने के लिए उनके पास और क्या बेहतर और आधुनिक उपाय हैं, वे ट्रस्ट को सुझाएं। सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भविष्य में भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ ही अपनी बैंकिंग सेवाएं जारी रखना चाहता है और वह फिलहाल अपना बैंक बदलने के बिल्कुल भी पक्ष में नहीं है।











