नोएडा (ब्यूरो)। दिल्ली से सटे हाईटेक सिटी नोएडा में श्रमिकों के शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच अचानक हुई हिंसा ने प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। प्रदर्शन की आड़ में छिपे कुछ ‘अज्ञात चेहरों’ ने देखते ही देखते माहौल को अराजक बना दिया और पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस घटना के तार अब सीमा पार से जुड़ते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभालते हुए उपद्रवियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया है।
#WATCH उत्तर प्रदेश: नोएडा फेज़ 2 में कंपनी के पास भारी पुलिस तैनात की गई है, जहां सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।
प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों और प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया गया और पत्थरबाजी भी हुई। हालात को काबू में करने के लिए यहां भारी… pic.twitter.com/gSVaJf3Gzz
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 13, 2026
पाक हैंडलर और हिंसा की ‘इंडस्ट्रियल’ साजिश
पुलिस की शुरुआती जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि श्रमिकों की भीड़ में अचानक कुछ नए उम्र के लड़के शामिल हुए, जिनका मकसद प्रदर्शन नहीं बल्कि हिंसा फैलाना था। सूत्रों के मुताबिक, यूपी एटीएस द्वारा हाल ही में गिरफ्तार किए गए 4 संदिग्धों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वे पाक हैंडलर के इशारों पर काम कर रहे थे। इनका प्लान गाड़ियों को जलाकर दंगे भड़काना और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को चुनौती देना था। मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि देश में खत्म हो रहे नक्सलवाद को दोबारा जीवित करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: 24 घंटे में संवाद का अल्टीमेटम
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए औद्योगिक क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रमिकों के नाम पर माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, सीएम ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को अगले 24 घंटे के भीतर औद्योगिक संगठनों और इकाई प्रबंधन के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का अल्टीमेटम दिया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों को सुरक्षित माहौल और सम्मानजनक वेतन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
डीएम मेधा रूपम का एक्शन: वेतन और बोनस के लिए नई गाइडलाइन
हिंसा के बीच जिला प्रशासन ने श्रमिकों की जायज मांगों को लेकर बड़े कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए सभी कंपनियों को आदेश दिया है कि हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान अनिवार्य रूप से हो। डीएम ने स्पष्ट किया कि अब से हर श्रमिक को सैलरी स्लिप देना अनिवार्य होगा और ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से करना होगा। वेतन में किसी भी प्रकार की अवैध कटौती करने वाली कंपनियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही दिवाली जैसे त्योहारों का बोनस 30 नवंबर तक सीधे बैंक खातों में भेजने का आदेश दिया गया है।
प्रशासन की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान, इन नंबरों पर करें शिकायत
डीएम मेधा रूपम ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने और बाहरी तत्वों की अफवाहों से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक डेडिकेटेड कंट्रोल रूम बनाया गया है। यदि किसी श्रमिक को वेतन या कार्यस्थल से जुड़ी कोई समस्या है, तो वे प्रशासन द्वारा जारी नंबरों 120-2978231, 120-2978232, 120-2978862, 120-2978702 पर तत्काल शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी ताकि श्रमिक किसी के बहकावे में न आएं।













