पंचायत चुनाव : पिछड़ों का सर्वे करने के लिए बनेगा ओबीसी आयाेग, रिपोर्ट के बाद होगा सीटाें के आरक्षण का निर्धारण

-आरक्षण तय होने के बाद होंगे पंचायत चुनाव

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछडा वर्ग (ओबीसी ) का आरक्षण निर्धारित करने के लिए एक अलग से राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से इस आशय का हलफनामा हाईकोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई के समय दिया गया है। यह आयोग ओबीसी का आरक्षण निर्धारित करने के लिए सर्वे कर अपनी रिपोर्ट देगा। उसकी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण लागू होगा और फिर पंचायत चुनाव होंगे।

इस मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की कोर्ट ने की। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी ) को आरक्षण को लेकर चल रही सुनवाई में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जवाब दाखिल किया गया है कि ओबीसी आयोग का गठन किया जाएगा, जाे पूरी तरह से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण तय करने की प्रक्रिया पर केंद्रित हाेकर काम करेगा।

आयाेग के गठन की वजह यह है कि जनहित याचिका में कहा गया था कि तीन साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद अब वर्तमान ओबीसी आयोग काे समर्पित ओबीसी आयोग की तरह काम करने का कानूनी अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि अगर तीन साल कार्यकाल वाला ओबीसी आयोग अस्तित्व में होता तो अलग से आयोग का गठन करने की जरूरत नहीं पड़ती लेकिन तीन साल वाले आयोग का कार्यकाल अक्टूबर 2025 में खत्म हो चुका है और सरकार ने एक साल के लिए कार्यकाल बढ़ा दिया है लेकिन संवैधानिक स्थिति यह है कि इस बढे़ हुए कार्यकाल में वर्तमान आयोग ओबीसी के आरक्षण के लिए सर्वे आदि नहीं कर सकता है। इसलिए सरकार की ओर से इस काम के लिए नए ओबीसी आयोग का गठन किया जाएगा। यह आयोग पूरे प्रदेश में ओबीसी का रैपिड सर्वे करेगा और इसकी रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्ग की आबादी के अनुसार सीटों का आरक्षण तय किया जाएगा। इसके बाद ही पंचायत चुनाव होंगे।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

53 + = 58
Powered by MathCaptcha