यरुशलम/तेहरान: मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य मोर्चा खोलते हुए ‘प्रिवेंटिव अटैक’ (एहतियाती हमला) शुरू कर दिया है। इजरायली रक्षा मंत्री ने शनिवार सुबह इस सैन्य कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि करते हुए पूरे देश में ‘स्टेट इमरजेंसी’ यानी राज्य आपातकाल लागू कर दिया है। इस हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहर जोरदार धमाकों से दहल उठे हैं।
तेहरान में एक के बाद एक कई धमाके, धुएं से भरा आसमान
ईरान से आ रही शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, राजधानी तेहरान के मध्य भाग में कम से कम तीन भीषण धमाके सुने गए हैं। स्थानीय चश्मदीदों ने आसमान में धुएं का गुबार उठता देखा है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि ये धमाके इजरायली मिसाइलों के थे या उनकी एयर डिफेंस प्रणाली के सक्रिय होने की आवाज। पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है और युद्ध की आशंका ने वैश्विक स्तर पर खलबली मचा दी है।
इजरायल में सायरन की गूँज और ‘प्रोएक्टिव अलर्ट’
हमला शुरू करने के साथ ही इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने अपने नागरिकों के लिए ‘प्रोएक्टिव अलर्ट’ जारी किया है। तेल अवीव समेत इजरायल के तमाम प्रमुख शहरों में युद्ध के सायरन गूँज रहे हैं। सेना ने जनता को तुरंत सुरक्षित ठिकानों और बम शेल्टरों (शरणस्थलों) में जाने के निर्देश दिए हैं। इजरायली सेना का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से मिलने वाले संभावित खतरों को समय रहते बेअसर करने के लिए की गई है।
कूटनीतिक प्रयासों को लगा बड़ा झटका
विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले का समय बेहद संवेदनशील है। अभी गुरुवार को ही जिनेवा में ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तीसरे दौर की बातचीत संपन्न हुई थी। जहां दुनिया कूटनीतिक समाधान की उम्मीद कर रही थी, वहीं इस सैन्य हमले ने शांति वार्ता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इस सैन्य टकराव के बाद अब परमाणु समझौते की उम्मीदें पूरी तरह धूमिल होती नजर आ रही हैं।
क्या विश्व युद्ध की ओर बढ़ रहा है मिडिल ईस्ट?
इजरायल द्वारा ईरान की धरती को सीधे निशाना बनाना इस संघर्ष को एक नए और खतरनाक मोड़ पर ले आया है। यदि ईरान इस हमले का जवाबी पलटवार करता है, तो यह तनाव पूरे मध्य पूर्व में फैल सकता है, जिसमें अमेरिका और अन्य महाशक्तियों के शामिल होने का खतरा बढ़ जाएगा। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें ईरान के आधिकारिक जवाब और इजरायल की अगली रणनीति पर टिकी हैं।














