कानपुर में उफान पर गंगा: 176 गांवों में अलर्ट जारी, 35 पुलिस चौकियां और NDRF-PAC तैनात, बैराज से छोड़ा गया भारी पानी

उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लगातार हो रही जलवृद्धि और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं। प्रशासन ने बुधवार को बाढ़ से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले करीब 176 गांवों को सतर्क (अलर्ट) रहने के निर्देश जारी किए हैं।

हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ राहत और बचाव कार्यों की तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि संवेदनशील और रणनीतिक स्थानों पर 35 विशेष पुलिस चौकियां बनाई गई हैं, जिससे स्थिति पर पल-पल की नजर रखी जा सके।

कानपुर बैराज से छोड़ा जा रहा 2.91 लाख क्यूसेक पानी

19 अगस्त की सुबह 8 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, कानपुर बैराज पर अपस्ट्रीम जलस्तर 113.570 मीटर और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 113.420 मीटर दर्ज किया गया। वर्तमान में बैराज से करीब 2 लाख 91 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि नदी का जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु से नीचे बना हुआ है, लेकिन बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

  • कानपुर बैराज का मानक: चेतावनी स्तर 114 मीटर | खतरे का स्तर 115 मीटर

  • शुक्लागंज में स्थिति: वर्तमान जलस्तर 112.180 मीटर (चेतावनी स्तर 113 मीटर, खतरे का स्तर 114 मीटर)

  • ऊपरी बैराजों से डिस्चार्ज: हरिद्वार बैराज से 1,18,622 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,15,137 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है।

निचले इलाकों में चौकसी बढ़ी, घाट कराए गए खाली

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गंगा के तटीय क्षेत्रों और डूब वाले निचले इलाकों में विशेष पेट्रोलिंग और निगरानी की जा रही है। किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए नदी के घाटों को खाली करा लिया गया है।

निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षा के लिहाज से चिन्हित आश्रय स्थलों में शिफ्ट होने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, उफनती नदी में नहाने या जाने वाले युवाओं और बच्चों को रोकने के लिए घाटों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए जिला प्रशासन के समन्वय से आपातकालीन नियंत्रण कक्ष (Emergency Control Rooms) भी चालू कर दिए गए हैं।

100 गोताखोर और NDRF की टीम तैनात

बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए बचाव दलों को मुस्तैद कर दिया गया है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के अनुसार, राहत अभियानों के लिए निम्नलिखित बल तैनात किए गए हैं:

  • NDRF: 36 सदस्यीय राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की एक विशेष टीम।

  • गोताखोर: आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित करीब 100 स्थानीय गोताखोर।

  • सुरक्षा बल: पीएसी (PAC), प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी, होम गार्ड और नागरिक पुलिस के जवान।

 

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