
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी, 2025 से लागू होगी और इससे एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ होगा।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जनवरी 2025 से केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) की एक अतिरिक्त किस्त जारी करने को मंजूरी दी है, जो मूल वेतन अथवा पेंशन के 53 प्रतिशत की मौजूदा दर में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है, ताकि मूल्य वृद्धि की भरपाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत दोनों में वृद्धि के कारण राजकोष पर प्रति वर्ष 6614.04 करोड़ रुपये का संयुक्त प्रभाव पड़ेगा। इससे लगभग 48.66 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 66.55 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा। यह वृद्धि स्वीकृत फार्मूले के अनुसार है, जो 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है।
कैबिनेट : इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना को मंजूरी
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना को 22,919 करोड़ फंड के साथ मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि योजना इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण पारिस्थितिक तंत्र में बड़े निवेश (वैश्विक/घरेलू) को आकर्षित करके एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में मदद करेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना को मंजूरी दी। मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया कि योजना के अंतर्गत 59,350 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने, 4,56,500 करोड़ रुपये का उत्पादन करने तथा 91,600 व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त प्रत्यक्ष रोजगार तथा अनेक अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित किए जाने की परिकल्पना की गई है।
यह योजना भारतीय निर्माताओं को प्रोत्साहन प्रदान करती है। योजना छह वर्ष के लिए है। इसे एक साल बढ़ाया जा सकता है। प्रोत्साहन के एक हिस्से का भुगतान रोजगार लक्ष्य उपलब्धि के साथ जुड़ा हुआ है।
कैबिनेट : पटना-आरा-सासाराम ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड कॉरिडोर को मंजूरी
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने चार लेन के पटना-आरा-सासाराम ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड कॉरिडोर को मंजूरी दी है। हाइब्रिड वार्षिकी मोड (एएएम) से बनने वाले 120.10 किमी लम्बे कॉरिडोर पर 3,712.40 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्र की आर्थिक मामलों (सीसीईए) की मंत्रिमंडलीय समिति ने निर्माण को आज मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया कि पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर क्षेत्रीय आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे लखनऊ, पटना, रांची और वाराणसी के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
वर्तमान में सासाराम, आरा और पटना के बीच कनेक्टिविटी मौजूदा राज्य राजमार्गों (एसएच2, 12, 81 और 102) पर निर्भर है और आरा शहर में भारी भीड़ के चलते 3-4 घंटे लगते हैं। एक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, मौजूदा ब्राउनफील्ड हाइवे के 10.6 किमी के उन्नयन के साथ बढ़ती भीड़ को कम करने के लिए विकसित किया जाएगा। इससे घनी आबादी वाले आरा, गड़हनी, पीरो, बिक्रमगंज, मोकर और सासाराम की जरूरतें पूरी होंगी।
परियोजना को प्रमुख परिवहन गलियारों के साथ जोड़ा जाएगा, जिसमें एनएच-19, 319 922, 131जी और 1220 शामिल हैं। इससे औरंगाबाद, कैमूर और पटना को जोड़ेंगे।
परियोजना 2 हवाई अड्डों (पटना के जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आगामी बिहिता हवाई अड्डे), 4 प्रमुख रेलवे स्टेशनों (सासाराम, आरा, दानापुर, पटना) और 1 अंतर्देशीय जल टर्मिनल (पटना) को कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और पटना रिंग रोड तक सीधी पहुंच बढ़ाएगी।
कैबिनेट : बिहार की कोसी और मेची लिंक परियोजना को मंजूरी
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने बिहार की कोसी और मेची नदियों को जोड़ने को मंजूरी प्रदान की है। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज इस अंतरराज्यीय नदी जोड़ो परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल किए जाने को मंजूरी प्रदान की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने आज इस निर्णय को मंजूरी दी। सीसीईए ने 6,282.32 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को मार्च, 2029 तक पूरा करने के लिए बिहार को 3,652.56 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता को भी मंजूरी दी है।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया कि कोसी नदी बिहार के पूरे राज्य से बहने वाली पानी का एक प्रमुख स्रोत है और 6,282 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी देकर कोसी नदी के जल प्रवाह को मेची नदी के साथ जोड़ा जाएगा। यह परियोजना से आर्थिक रूप से लाभकारी और आपदा प्रबंधन में मददगार साबित होगी।
लिंक परियोजना बिहार के अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों में खरीफ सीज़न में 2,10,516 हेक्टेयर अतिरिक्त वार्षिक सिंचाई प्रदान करेगी। परियोजना में प्रस्तावित लिंक नहर के माध्यम से कोसी के अधिशेष पानी के लगभग 2,050 मिलियन क्यूबिक मीटर को मोड़ने/उपयोग करने की क्षमता है।