
पूरा उत्तर भारत इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में कई जगहों पर तापमान शून्य के नीचे जा चुका है. दिल्ली, यूपी, बिहार, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान जैसे राज्यों में तापमान 5 से 10 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है. पहाड़ी राज्यों पर नदी-झरने तक जम चुके हैं. दूसरी ओर मैदानी इलाकों में शीतलहर से जन-जीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त है. कड़ाके की इस ठंडी के पीछे चिल्लई कलां को एक बड़ा कारण बताया जा रहा है.
आखिर ये क्या है, आइए जानते हैं.
चिल्लई कलां क्या होता है?
दरअसल चिल्लई कलां एक फारसी शब्द है, जिसका हिंदी अर्थ होता है बड़ी सर्दी, चिल्लई कलां (चिल्लई-ए-कलां) की अवधि 40 दिन की होती है. कश्मीर में 40 दिनों की पड़ने वाली कड़ाके की ठंडी को चिल्लई कलां कहा जाता है. 21 दिसंबर से चिल्लई कलां की शुरुआत के बाद कश्मीर में इन दिनों भयानक ठंड पड़ रही है. इस दौरान नदियां-झरने तक जम जाते हैं.
डल झील सहित कई नदी-नाले जम गए
कश्मीर में कड़ाके की ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है. घाटी के अधिकतर हिस्सों में न्यूनतम तापमान में आई भारी गिरावट के कारण श्रीनगर सहित कई स्थानों पर इस मौसम की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई. अधिकारियों ने बताया कि भीषण ठंड के कारण प्रसिद्ध डल झील समेत कई जल निकायों के किनारे जम गए.
जम्मू कश्मीर में कैसा है मौसम का हाल, IMD ने बताया
- मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में बुधवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो मंगलवार रात के तापमान (शून्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस नीचे) से 3.5 डिग्री कम था.
- अधिकारियों ने बताया कि यह इस मौसम में शहर की अब तक की सबसे ठंडी रात रही और न्यूनतम तापमान मौसम के औसत से 3.2 डिग्री कम था.
- मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित पर्यटक स्थल सोनमर्ग, जम्मू कश्मीर में अब तक का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान शून्य से 9.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया.
- अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग में रात का तापमान शून्य से 9.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा जो इस सर्दी में गुलमर्ग में अब तक का सबसे कम रात का तापमान है.
- दक्षिण कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 8.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के न्यूनतम तापमान (शून्य से 7.2 डिग्री सेल्सियस नीचे) से कम है.
- घाटी के प्रवेश द्वार माने जाने वाले काजीगुंड में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से अधिक गिरकर शून्य से 5.4 डिग्री सेल्सियस नीचे तक पहुंच गया.
- वहीं, कोकेरनाग और कुपवाड़ा में यह क्रमश: शून्य से तीन डिग्री और शून्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. यहां भी बुधवार रात इस मौसम की सबसे ठंडी रात रही.
चिल्लई कलां 40 दिनों की भीषण ठंडी की अवधि
कश्मीर घाटी इस समय ‘चिल्लई कलां’ की चपेट में है. यह 40 दिनों की भीषण ठंड की अवधि है. इस दौरान रात का तापमान अक्सर हिमांक बिंदु से कई डिग्री नीचे चला जाता है और बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक होती है. ‘चिल्लई कलां’ पिछले साल 21 दिसंबर से शुरू होकर 30 जनवरी 2026 को समाप्त होगा. घाटी के मैदानी इलाकों में इस मौसम में अब तक हिमपात नहीं हुआ है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 20 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने के साथ आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है. इसके अलावा विभाग ने बताया कि घाटी में 10 जनवरी तक रात के तापमान में काफी गिरावट आएगी.














