जरूरी खबर : दिल्ली सरकार के आदेश के बाद रोकी गई पीलीभीत डिपो की बसें

पीलीभीत। सर्दियों शुरू होने से पहले दिल्ली में प्रदूषण के खतरे को कम करने के लिए बड़ी कार्यवाही की गई है। दिल्ली सरकार के नए आदेश के बाद प्रदेश भर के डिपो से दिल्ली पहुंचने वाली 8 साल पुरानी बसें प्रतिबंधित कर दी गई हैं। इसका बड़ा असर पीलीभीत में भी देखने को मिला है और दर्जनों गाड़ियां अब दिल्ली में प्रवेश नहीं कर पाएंगी।

दिल्ली में सर्दियों के दिनों में धुंध पर काबू पाया जा सके इसके लिए नए आदेश प्रभावी किए गए हैं। पीयूसी के निर्देश पर रोडवेज बस डिपो से अब 8 साल पुरानी गाड़ियां दिल्ली में पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई हैं। पिछले कई वर्षों से यह गाड़ियां यात्रियों को दिल्ली तक का सफर तय करा रही थीं, लेकिन बढ़ते प्रदूषण के चलते इन गाड़ियों को अब दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी। पीलीभीत डिपो में ऐसी दर्जनों गाड़ियां हैं जो कि नए नियम आने के बाद पूरी तरह से प्रतिबंधित हो गई हैं। 

यह गाड़ियां अब पीलीभीत डिपो से कौशांबी तक ही यात्रियों को ले जाने का काम करेंगी है। 8 साल पुरानी गाड़ियों की पड़ताल की जाए तो पीलीभीत रोडवेज डिपो पर करीब 64 गाड़ियां दिल्ली जाने के लायक नहीं बची है। रोडवेज डिपो पर कुल 96 बसों में से सिर्फ 32 बस दिल्ली सरकार के नए नियमों को फॉलो कर पा रही हैं और अब इन्हीं बसों को प्रवेश मिलेगा। पीलीभीत डिपो से बड़ी संख्या में गाड़ियां प्रतिबंधित होने से दिल्ली के लिए यात्रा करने वाले व्यापारी और दैनिक यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
 
दिल्ली में प्रतिबंधित और पीलीभीत में मिली छूट
दिल्ली सरकार के नए आदेश के बाद 64 गाड़ियों को दिल्ली जाने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। लेकिन बड़ा सवाल यह भी है कि प्रदूषण नियंत्रण तो उत्तर प्रदेश में भी समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। वहीं, जो बसें दिल्ली में प्रदूषण फैलाने के लिए प्रतिबंधित कर दी गई है तो दूसरी ओर प्रदेश के रोडवेज अधिकारी ऐसी हजारों प्रतिबंधित रोडवेज बसों को छूट देकर उत्तर प्रदेश में प्रदूषण नियंत्रण की धज्जियां उड़ाएंगे। पीलीभीत की जिन 64 गाड़ियों को दिल्ली जाने से प्रतिबंधित किया गया है वही रोडवेज बसें पीलीभीत में निरंतर दौड़ रही है।

इंसेट बयान – बीके गंगवार, एआरएम।
दिल्ली सरकार के नए नियमों के बाद पीलीभीत की सिर्फ 32 बसें ही यात्रियों के लिए शेष हैं, अभी इन्हीं बसों से काम चलाया जा रहा है। डिपो पर कुल 96 बसें उपलब्ध है।

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