दिल ने ढेरों को किया निल…कई माननीयों को हो चुकी है उम्रकेैद, कई पीडि़ताओं की तो नहीं मिली लाश

-आधा दर्जन से ज्यादा गंवा चुके है विधायक
-कई पीडि़ताओं की अंत नहीं मिली लाश

लखनऊ। यौन उत्पीडऩ के आरोपों को लेकर एक बार खादी शर्मसार हुई है। सीतापुर से कांग्रेस के सांसद राकेश राठौर पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगा है। पुलिस ने उनके ख्लिाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2024 में सीतापुर से कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने राकेश राठौर 2017 में भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। प्रथमदृष्टïया सांसद राकेश राठौर ने अपने ऊपर लोगों को साजिश बताया है। गिरफ्तारी और जेल जाने से बचने के लिए जिला अदालत से लेकर उच्च न्यायालय तक अग्रिम जमानत की याचिका डाली दोनों जगह से खारिज होने के बाद पुलिस ने उन्हे गिरफ्तार कि या और जेल भेज दिया। इस मुद्दे पर सियासत भी शुरू हो गयी है। भाजपा जहां इस मुद्दे पर मुखर होकर सडक़ों पर है तो सांसद के समर्थन में कांग्रेस सहित कई गैर भाजपा दल भी इस मुद्दे आक्रामक तेवर दिखा रहे है। किसी माननीय पर इस तरह का आरोप लगना उनका साबित होना कोई नई बात नहीं है। इससे पूर्व प्रदेश की राजनीति में कई बड़े नाम वाले माननीयों को न सिर्फ इन आरोपों के चलते अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी बल्कि जेल भी जाना पड़ा और कुछ तो आजीवन कारावास की सजा भी काट रहे है। मायावती सहित भाजपा सरकारों में राज्यमंत्री रहे अमरमणि त्रिपाठी मधुमिता हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा हुई। इस समय वे और उनकी पत्नी मधुमणि दोनों जमानत पर है। मधुमिता की 9मई 2003 को लखनऊ के पेपरमिल कालोनी में हत्या कर दी गयी थी।

अगस्त 2023 में त्रिपाठी दम्पत्ति१६ साल जेल काटने के बाद रिहा हुए थे। मायावती सरकार में ही फ तेहपुर के विधायक पुरूषोत्तम नरेश द्विवेदी बसपा विधायक हुआ करते थे इनका नाम भी एक दुष्कर्म मामलें में सामने आया। मुख्यमंत्री मायावती ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी तो विधायक पुरूषोत्तम नरेश द्विवेदी(दिवंगत) ही दोषी पाए गए और उन्हे इस मामलें दस साल की सजा हुई। अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रजापति अखिलेश सरकार जाने के बाद उनके खिलाफ सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर 18 फरवरी 2018 को स्थानीय गौतमपल्ली थाने में नाबालिग से दुष्कर्म का दर्ज हुआ। इस मामलें में उन्हे एमपीएमएलए कोर्ट ने13 नवंबर 2021 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अखिलेश सरकार में राज्यमंत्री रहे मनोज पारस पर रेपकेस दर्ज होने के बाद उन्हे मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया अखिलेश के मुख्यमंत्रित्व काल में मछलीशहर के सांसद सीएन सिंह ने टे्रेन में नशे की हालत में एक महिला से छेडख़ानी की। बाद में पीडि़ता के रिपोर्ट वापस लेने पर उन्हे रिहा किया गया। सपा के सीतापुर से विधायक रहे महेन्द्र सिंह उर्फ झीन बाबू 27 अगस्त 2013 को गोवा में छह साथियों के साथ कालगर्ल के साथ पकड़े गए। इस मामलें उन्हे छह दिन के लिए जेल भी जाना पड़ा। इसी तरह भाजपा के पूर्व सांसद और केन्द्र मेंं गृहराज्यमंत्री रहे कृष्णपाल सिंह उर्फ चिन्मयानंद को भी दुष्कर्म मामलें जेल जाना पड़ा। उनके खिलाफ कोमल गुप्ता उर्फ साध्वी चिदर्पिता ने 30 नवंबर 2011 को यौन उत्पीडऩ का केस दर्ज कराया था। भाजपा के फायरब्रांड नेता और सांसद साक्षी जी महाराज पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगा। उनके खिलाफ दुर्गा भारती ने रेप किये जाने का आरोप लगाया था। भाजपा के विधायक रहे कौशलेन्द्र नाथ योगी पर 17 मार्च 2015 को उनकी नौकरानी ने यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया।

रिपोर्ट के बाद उनके कमरे से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई थी। मायावती सरकार में राज्यमंत्री रहे आनंद सेन का भी छात्रा शशि से के अपहरण और उसकी हत्या में उनका नाम आया। शशि अयोध्या के साकेत महाविद्यालय की विधि की छात्रा थी। आनंद सेन उनके खिलाफ 22 मई 2011 केस दर्ज हुआ। निचली अदालत ने उन्हे सजा भी हुई लेकिन 22 अप्रैल 2013 को उन्हे उच्च न्यायालय ने इस मामलें में बरी कर दिया। इसी प्रकार मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में मेरठ की कविता चौधरी कांड सुर्खियोंं में रहा। उसके लापता होने के साथ ही उसकी भी लाश आखिरी तक नही मिली। पश्चिम उत्तर प्रदेश के गढ़मुक्तेश्वर से प्रवक्ता कविता चौधरी का अक्तूबर 2006 में अपहरण हुआ। फि र उसकी हत्या कर लाश गायब कर दी गई। 23 अक्टूबर 2010 उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई। घटना की जांच सीबीआई को सौंपी गई।

इस घटना में उस समय मुलायम सिंह मंत्रिमंडल के सदस्य रहे सिंचाई मंत्री मेराजुद्दीन और राज्यमंत्री चौ.बाबूलाल को अपने पद से इस्तीफ ा देना पड़ा जबकि तीसरे मंत्री किरणपाल सिंह ने आखिरी तक इस्तीफ ा नहीं दिया। इस मासलें में सीबीआई के हाथ आखिर तक ऊंचे रसूख वाले सफेदपोशों तक नहीं पहुंचे। इस मामले में 23 सितंबर 2011 मे गाजियाबाद की सीबीआई अदालत ने दोषी रविन्द्र और सुल्तान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे दद्दृ प्रसाद ने कमला कुशवाहा ने डाक बंगले में दुराचार करने का आरोप लगाया। इस मामलें पीडि़ता ने 10-नवंबर 2011 को मैजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान भी दर्ज कराया। मायावती सरकार में बसपा के दो विधायकों बिल्सी योगेन्द्र सागर और डिबाई के भगवान शर्मा उर्फ गुड्डïू पंडित पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगा। बदायंू बिल्सी के विधायक रहे योगेन्द्र सागर पर ज्योति सागर ने रेप और अपहरण का आरोप लगाया। इस मामलें में उन्हे 30अक्तूबर 2021 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी। इसी प्रकार बसपा के डिबाई से विधायक रहे भगवान शर्मा उर्फ गुड्डïू पंडित पर शीतल बिड़ला ने यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया था। बसपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री राममोहन गर्ग पर सीमा चौधरी ने यौन उत्पीडऩ लगाया तो मायावती ने उन्हे पद से बर्खास्त कर दिया था।

राज्यमंत्री पर भी यौन उत्पीडऩ का आरोप

योगी सरकार के एक राज्यमंत्री पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगा। हालांकि आरोप लगाने वाली महिला ने बाद में अपनी शिकायत यह कहकर वापस ली उसके खिलाफ राजनीतिक साजिश हुई है। शिकायत वापस लेने से पूर्व तथाकथित पीडि़ता ने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और सीएम को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी। संतकबीरनगर की भाजपा नेत्री ने एक राज्यमंत्री पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया। भाजपा नेत्री ने अपने आरोपों में कहा था कि 2019 में राज्यमंत्री उन्हें कमरे में ले जाकर उनका यौन शोषण किया। महिला नेत्री का आरोप था कि कहा लखनऊ में राज्यमंत्री से मिलने गई थी। इस दौरान वे अपनी गाड़ी में बैठाकर उसे एक घर में ले गए। वहाँ उसे खाना खिलाया और उनका शारीरिक शोषण किया। विरोध करने पर मंत्री ने कहा राजनीति में यह सब चलता है और उनके साथ गलत कार्य किया। भाजपा नेत्री ने कहा इस बीच उनके पति की तबियत खराब थी इस नाते वह इस मुद्दे पर अब तक चुप रहीं। पीडि़ता ने योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई थी।

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