
शादी-विवाह व संतान प्राप्ति के मौके पर विभिन्न समुदाय वालों की ओर से बधाई मांगने का तांता लगा रहता है, जिसमें इतनी ज्यादा मांग की जाती है कि देने वाले की उतनी हैसियत नहीं होती. इसे लेकर कई बार बहस तथा मार पिटाई की स्थिति भी बन जाती है. इसी सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाने को लेकर फतेहाबाद के एक गांव में बाकायदा किन्नरों के नेग के लिए नियम बनाए गए हैं.
गांव रहनवाली के ग्रामीणों ने किन्नरों की इस मनमानी वसूली को रोकने हेतु गांव में बाकायदा नियम तय किया है और किसी ने इस नियम की अनुपालना की तो उसपर जुर्माना किए जाने का प्रावधान रखा है. इसमें खुशी के मौकों पर किन्नरों को देने वाला बधाई शुल्क तय किया गया है. सोमवार को रहनवाली गांव में ग्रामसभा की बैठक में पंचायत सदस्यों ने सर्वसम्मति से ये निर्णय पारित किया गया. इसे लेकर गांव में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है.
इस गांव में अब खुशी के मौके पर किन्नरों को बधाई के तौर पर 500 से 3100 रुपये की राशि ही मिलेगी. ये राशि भी परिवार की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेंगी. बैठक में निर्णय लिया गया है कि यदि गांव में कोई परिवार किन्नरों को इस तय राशि से अधिक बधाई शुल्क देगा तो उसपर पांच सदस्यीय कमेटी जुर्माना कार्यवाही करने को अधिकृत होगी.
गांव के सरपंच प्रतिनिधि गुरकीरत सिंह ने कहा कि खुशी के मौकों पर किन्नर वर्ग के लोग बधाई शुल्क को लेकर कमजोर आर्थिक स्थिति होने के बावजूद लोगों से 5100 से 11 हजार रुपये तक राशि वसूलते हैं. इसपर पंचायत द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के तहत इस राशि को 500 से 3100 रुपये तक निर्धारित किया है.















