पटना से दिल्ली की ओर कदम : Nitish Kumar ने दिए नए सियासी संकेत, बिहार में नई सरकार की तैयारी

नई दिल्ली/पटना। बिहार की सियासत में पिछले दो दशकों से चला आ रहा ‘नीतीश राज’ अब एक नए मोड़ पर खड़ा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी भविष्य की राह स्पष्ट करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है। नीतीश ने एलान किया है कि वह इस बार राज्यसभा के सदस्य के रूप में दिल्ली की राजनीति की ओर रुख करना चाहते हैं। इस घोषणा के साथ ही बिहार में उनके 21 साल लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल के समापन और राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है।

नीतीश की अधूरी इच्छा होगी पूरी: चारों सदनों के बनेंगे सदस्य

नीतीश कुमार ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनके मन में संसदीय जीवन की शुरुआत से ही एक बड़ी इच्छा थी। वह बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों (विधानसभा और विधान परिषद) के साथ-साथ संसद के भी दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) का सदस्य बनना चाहते थे। नीतीश ने लिखा, “मैं इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। जो नई सरकार बनेगी, उसे मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।”

बेटे निशांत की होगी एंट्री, उपमुख्यमंत्री बनने की चर्चा तेज

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के साथ ही उनके बेटे निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री पर भी मुहर लग गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि निशांत अब पिता की विरासत संभालेंगे और उन्हें नई सरकार में ‘उपमुख्यमंत्री’ जैसा महत्वपूर्ण पद दिया जा सकता है। जदयू कार्यकर्ताओं में इस फैसले को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और पटना में जश्न का माहौल है।

बिहार में पहली बार होगा भाजपा का मुख्यमंत्री

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदलने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, एनडीए गठबंधन के तहत अब बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुख्यमंत्री होगा। पार्टी जल्द ही नए सीएम के नाम का एलान कर सकती है। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी गुरुवार को पटना पहुंच रहे हैं, जहां वह नामांकन प्रक्रिया और नई सरकार के गठन को लेकर रणनीति तय करेंगे।

नामांकन और नई सरकार का गणित

नीतीश कुमार आज यानी 5 मार्च को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में एनडीए का पलड़ा भारी है। भाजपा ने पहले ही अपने प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश कुमार के नामों की घोषणा कर दी है। नीतीश कुमार के केंद्र की राजनीति में जाने से बिहार की राजनीति में 20 साल बाद एक बड़ा ‘सत्ता परिवर्तन’ (Regime Change) होने जा रहा है।

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