भाकियू अवध ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बेसहारा गोवंश को लेकर किया धरना-प्रदर्शन, वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग

भाकियू अवध ने ग्रामीणों के साथ मिलकर मंगलवार को भकुरहा पुल पर बेसहारा गोवंश की समस्या के मद्देनजर धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता व किसान प्रदर्शन में शामिल हुए। संगठन का कहना है कि बेसहारा गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। परेशान ग्रामीणों ने तीन विद्यालय परिसरों में शनिवार शाम 300 से ज्यादा बेसहारा गोवंश को बंदकर दिया था।

संगठन के हरिहर मास्टर ने कहा ब्लाक अधिकारी महज 14 गोवंश ही महोली की कान्हा गोशाला भेज सके। इसका कारण गोशाला में पहले से ही क्षमता से ज्यादा गोवंश होना बताया गया। वहीं, कई गोशाला निर्माणाधीन हैं, जबकि शासन का निर्देश है कि बेसहारा गोवंश को 13 जनवरी तक गोशाला भेजकर संरक्षित करें।

इसी क्रम में तहसीलदार विनोद कुमार सिंह, बीडीओ काजल, एडीओ हरिवंश त्रिवेदी, जेई धीरेंद्र सिंह, राजस्व निरीक्षक अवधेश पांडेय व थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।

वार्ता के बाद धरना स्थगित :

बीडीओ ने संगठन से वार्ता में कहा कि जलाल नगर के पास सरकारी भूमि पर तत्काल मजदूर लगाकर वैकल्पिक गोशाला का निर्माण शुरू करा दिया गया है। पकरिया, पिपरी शादीपुर और कारी पाकर में गोशाला तीन दिन में काम करना शुरू कर देंगी। बुधवार तक विद्यालयों के परिसर में बंद सभी बेसहारा गोवंश को यहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस आश्वासन पर संगठन ने धरना स्थगित कर दिया।

300 से ज्यादा गोवंश विद्यालय परिसरों में बंद :

भकुरहा, अकोहरा व चौखड़िया विद्यालय के परिसरों में 300 से ज्यादा गोवंश बंद हैं। चंद्रा गोशाला में 80 की क्षमता के सापेक्ष 150, कपसा में 35 के सापेक्ष 50 गोवंश हैं। वहीं, पिपरी शादीपुर, कारी पाकर, पकरिया, पाताबोझ, गौरा और बहादुर नगर में गोशाला निर्माणाधीन हैं।

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