मार्च में मानसून जैसा मिजाज: दिल्ली-यूपी सहित 12 राज्यों में बारिश और तूफान का अलर्ट….यूपी और बिहार में बादलों का डेरा

नई दिल्ली। मार्च का महीना, जो आमतौर पर चिलचिलाती धूप और गर्मी के लिए जाना जाता है, इस बार अपने बदले हुए मिजाज से सबको हैरान कर रहा है। उत्तर और पश्चिमी भारत के बड़े हिस्से में अचानक लौटी ठंड ने लोगों को फिर से स्वेटर निकालने पर मजबूर कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 12 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में तो 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका है।

दिल्ली में टूटा 6 साल का रिकॉर्ड, पहाड़ों पर बर्फबारी जारी

देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को हल्की बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवाएं चलने का अनुमान है। शनिवार को दिल्ली ने पिछले छह वर्षों में मार्च का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री गिरकर महज 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में पिछले पांच दिनों से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में बादलों का डेरा

यूपी के लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों में रविवार को भी बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। शनिवार को लखनऊ का पारा सामान्य से करीब 8 डिग्री नीचे रहा, जिससे दिन में भी ठंड का अहसास हुआ। पड़ोसी राज्य बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर और गया में भी मध्यम दर्जे की बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बेमौसम बदलाव के पीछे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) मुख्य वजह है।

राजस्थान में धूल भरी आंधी और ओडिशा में चेतावनी

रेगिस्तानी राज्य राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में पश्चिमी विक्षोभ के असर से धूल भरी आंधी के साथ छिटपुट वर्षा के आसार हैं। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, गरज-चमक और बौछारों का यह सिलसिला सोमवार तक जारी रह सकता है, जिससे मार्च के अंत तक मौसम सुहावना बना रहेगा और तापमान सामान्य से 4 डिग्री तक कम रहेगा।

किसानों के लिए चिंता की बात

भले ही आम लोगों के लिए यह मौसम सुहावना हो, लेकिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों की तैयार फसलों (खासकर गेहूं और सरसों) के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

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