मोदी सरकार ने दिया करोड़ों कर्मचारियों को तोहफा, पीएफ पर इतने प्रतिशत मिलेगा ब्याज

– 2022-2023 के लिए 0.05 प्रतिशत बढ़ाया, 1 लाख जमा पर 8150 इंटरेस्ट मिलेगा
नई दिल्ली (ईएमएस)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए ईपीएफ खाते के लिए ब्याज दर 8.15 प्रतिशत घोषित की है। ईपीएफ खाते पर ब्याज दर की घोषणा 24 जुलाई, 2023 को एक सर्कुलर के माध्यम से की गई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) बोर्ड ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए ईपीएफ खाते पर 8.15 फीसदी की ब्याज दर तय की थी और मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा था। अगस्त तक ईपीएफओ सदस्यों के खाते में ब्याज का पैसा आने लगेगा।


देश के 6 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी पीएफ के दायरे में आते हैं। ईपीएफओ एक्ट के तहत कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्लस डीए का 12 प्रतिशत पीएफ अकाउंट में जाता है। कंपनी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्लस डीए का 12 प्रतिशत कॉन्ट्रीब्यूट करती है। कंपनी के 12 प्रतिशत कॉन्ट्रीब्यूशन में से 3.67 प्रतिशत पीएफ अकाउंट में जाता है और बाकी 8.33 प्रतिशत पेंशन स्कीम में जाता है। सर्कुलर के अनुसार, भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय ने ईपीएफ योजना, 1952 के पैरा 60 के प्रावधानों के अनुसार ईपीएफ योजना के प्रत्येक सदस्य के खाते में वर्ष 2022-23 के लिए 8.15 प्रतिशत की दर से ब्याज जमा करने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 के पैरा 60 (1) के तहत केंद्र सरकार की मंजूरी से अवगत कराया है। आपसे अनुरोध है कि सदस्यों को उक्त ब्याज जमा करने के लिए सभी संबंधितों खाते को आवश्यक निर्देश जारी करें।


इस बार जल्द खाते में आएगा ब्याज
सूत्रों के अनुसार, ईपीएफ खाते में ब्याज का राशि आने में इस बार पिछले साल की तरह इसमें देरी नहीं होगी। सात करोड़ ईपीएफओ सदस्यों का इसका लाभ मिलेगा। बता दें कि बोर्ड ने इसी साल मार्च में ब्याज दर बढ़ाकर 8.15 फीसदी करने का प्रस्ताव दिया था। पिछले वित्त वर्ष में यह दर 8.10 फीसदी थी। कर्मचारी ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने ब्याज की जानकारी ले सकेंगे। इसके लिए ई-पासबुक पर क्लिक करना होगा।


1952 में 3 प्रतिशत ब्याज से शुरुआत हुई थी
1952 में पीएफ पर ब्याज दर केवल 3प्रतिशत थी। हालांकि, इसके बाद इसमें बढ़ोतरी होती गई। पहली बार 1972 में यह 6 प्रतिशत के ऊपर पहुंची। 1984 में यह पहली बार 10 प्रतिशत के ऊपर पहुंची। पीएफ धारकों के लिए सबसे अच्छा समय 1989 से 1999 तक था। इस दौरान पीएफ पर 12 प्रतिशत ब्याज मिलता था। इसके बाद ब्याज दर में गिरावट आनी शुरू हो गई। 1999 के बाद ब्याज दर कभी भी 10 प्रतिशत के करीब नहीं पहुंची। 2001 के बाद से यह 9.50 प्रतिशत के नीचे ही रही है। पिछले सात सालों से यह 8.5 प्रतिशत या उससे कम रही है।


अब कितना ज्यादा मिलेगा ब्याज

मान लीजिए आपके पीएफ अकाउंट में 31 मार्च 2023 तक कुल 5 लाख रुपए जमा हैं। ऐसे में अगर 8.10 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता तो 5 लाख पर 40,500 रुपए ब्याज के रूप में मिलते। लेकिन अब ब्याज दर को बढ़ाकर 8.15 प्रतिशत करने के बाद आपको 40,750 रुपए मिलेंगे। पीएफ में ब्याज दर के फैसले के लिए सबसे पहले फाइनेंस इन्वेस्टमेंट एंड ऑडिट कमेटी की बैठक होती है। यह इस फाइनेंशियल ईयर में जमा हुए पैसों के बारे में हिसाब देती है। इसके बाद सीबीटी की बैठक होती है। सीबीटी के निर्णय के बाद वित्त मंत्रालय सहमति के बाद ब्याज दर लागू किया जाता है। ब्याज दर का निर्णय फाइनेंशियल ईयर के आखिर में होता है।

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