युद्ध की आग फैलती जा रही: हिजबुल्लाह ठिकानों पर ड्रोन हमले, ईरान-इजरायल टकराव के 10 बड़े डेवलपमेंट

वॉशिंगटन/तेहरान। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बारूद की गंध अब वैश्विक महायुद्ध की आहट देने लगी है। 28 फरवरी से शुरू हुआ अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच का संघर्ष अब खूनी मोड़ ले चुका है। पिछले 100 घंटों से आसमान से मिसाइलें और ड्रोन बरस रहे हैं। हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के नेवी वॉरशिप ‘आईआरआईएस देना’ (IRIS Dena) को टारपीडो हमले से गहरे समंदर में डुबा दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह ईरानी जहाज भारत में नौसैनिक अभ्यास ‘मिलान 2026’ में हिस्सा लेकर वापस लौट रहा था।

समंदर में तबाही: 148 नाविक अभी भी लापता

अमेरिकी हमले में ईरानी वॉरशिप के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण हमले में 87 नौसैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि 148 नाविक अब भी लापता हैं, जिनके बचने की उम्मीद बेहद कम है। अमेरिका ने इस हमले का वीडियो जारी कर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है। हालांकि, चालक दल के 2 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि युद्ध अब केवल जमीनी सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है।

ट्रंप का ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’: 2000 ठिकानों पर प्रहार

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) का पुरजोर बचाव किया है। अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान के मिसाइल और नौसैनिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए 2000 से अधिक ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। वॉशिंगटन का साफ कहना है कि उनका मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना और उसके मिसाइल खतरे को जड़ से खत्म करना है। अमेरिकी सीनेट ने भी 47 के मुकाबले 53 वोटों से ट्रंप प्रशासन की सैन्य कार्रवाई पर अपनी मुहर लगा दी है।

इजरायल का लेबनान पर भीषण प्रहार, हिजबुल्लाह के गढ़ में धमाके

दूसरी ओर, इजरायली सेना (IDF) लेबनान और हिजबुल्लाह पर कहर बनकर टूट रही है। बेरूत के दक्षिणी इलाकों में तीन बड़े धमाकों से धरती दहल गई है। इजरायल ने पहली बार लेबनान के त्रिपोली में एक फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैंप को भी निशाना बनाया है। वहीं जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों, जैसे कैंप अरिफजान और अली अल सालेम एयरबेस पर मिसाइलों की बौछार कर दी है। सऊदी अरब ने भी अपनी सीमा में घुस रहे तीन ईरानी ड्रोनों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर मार गिराया है।

खाड़ी देशों में फंसे भारतीय: अपनों की सलामती की दुआएं

इस भीषण युद्ध के बीच बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में फंस गए हैं। अबू धाबी हवाई अड्डे पर हुए हमले में तेलंगाना का एक भारतीय नागरिक नंदेल्ली राजेश्वर राव गंभीर रूप से घायल हो गया है। राजेश्वर वहां हाउसकीपिंग सेक्शन में काम करता था। पोथिरेड्डीपल्ली गांव में उसका परिवार अब सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है। राजेश्वर के पिता प्रभाकर राव ने रुंधे गले से अपने बेटे की सुरक्षित वतन वापसी की अपील की है।

अमेरिकी नागरिकों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू

बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को निकालने के लिए पहली चार्टर फ्लाइट मिडिल ईस्ट भेज दी है। संयुक्त अरब अमीरात, कतर और सऊदी अरब में फंसे अमेरिकी नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर (+1-202-501-4444) जारी किए गए हैं। वहीं इजरायल ने अपने नागरिकों को मोबाइल फोन पर निर्देश जारी कर अगले आदेश तक सुरक्षित बंकरों और ठिकानों में रहने को कहा है।

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