
नई दिल्ली, (हि.स.)। लोकसभा अध्यक्ष ने बुधवार को सदन के सदस्यों को सुरक्षा का आश्वासन देते हुए जानकारी दी कि सदन के अंदर दो लोगों द्वारा फैलाया गया धुआं खतरनाक नहीं था। उन्होंने सदस्यों को यह भी आश्वासन दिया कि वे सबसे अलग से बातचीत कर उनके सुझाव लेंगे कि कैसे सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।
लोकसभा में आज शून्यकाल के दौरान दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन के बीच में कूदकर हंगामा करने लगे। उन्होंने अपने जूतों से कुछ निकालकर सदन में पीले और हरे रंग का धुआं भी किया। वे तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगा रहे थे। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। उनके हंगामे के चलते कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
इसके बाद दो बजे दोबारा लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई । लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों को सूचित किया कि जांच करा ली गई है और धुआं सामन्य है। इसमें खतरा नहीं है। वे सभी को आश्वासन देेते हैं कि पूरी जांच होने के बाद सदन को जानकारी दी जाएगी।
इस दौरान विपक्षी सांसदों ने अपनी बात रखनी चाही। उनकी सुरक्षा चिंताओं पर अध्यक्ष बिरला ने उन्हें आश्वासन दिया और कहा कि यह सदन चलना चाहिए। संसद हमले के बाद भी यह सदन चला था। वे सभी सांसदों की सुरक्षा चिंताओं पर अलग से बातचीत करेंगे।
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संसद भवन के बाहर टियर स्मॉग के साथ दो प्रदर्शनकारी हिरासत में
नई दिल्ली (हि.स.)। नई दिल्ली जिला स्थित संसद भवन के सामने एक महिला और पुरुष ने नारेबाजी करते हुए बुधवार को टियर स्मॉग (रंगीन धुआं छोड़ने का उपकरण) का इस्तेमाल कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है। उनकी पहचान नीलम और अमोल शिंदे के रूप में हुई है। नीलम हरियाणा के हिसार की रहने वाली है जबकि अमोल शिंदे महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।
डीसीपी प्रणव तयाल ने बताया कि बुधवार सुबह संसद भवन के सामने एक महिला और एक पुरुष ने नारेबाजी करते हुए टियर स्मॉग छोड़ा। पुलिस ने फौरन दोनों को हिरासत में ले लिया। दोनों प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। इसलिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। पुलिस उन्हें वहां से संसद मार्ग थाने लेकर चली गई। महिला और पुरुष ने संसद भवन के बाहर पहले पटाखे फोड़े थे और उसके बाद भारत माता की जय, जय भीम, तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे भी लगाए।
उल्लेखनीय है कि आज ही के दिन 22 साल पहले (13 दिसंबर, 2001) संसद भवन पर आतंकवादी हमले का प्रयास हुआ था। इस समय भी संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। संसद के बाहर हुई इस घटना से ठीक पहले आज लोकसभा में दर्शक दीर्घा से दो लोग कूद गए थे। उस समय संसद की कार्यवाही चल रही थी। इसे संसद की सुरक्षा में बड़ी सेंध के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भी वीडियो जारी करके कहा था कि संसद में 13 दिसंबर को हमला हुआ था। इस बार भी वह हमला करवाएगा। फिलहाल पुलिस के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां आज के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं।














