पुणे/मुंबई। ‘मिस इंडिया अर्थ 2019’ का खिताब जीतकर देश भर में सुर्खियां बटोरने वाली सायली सुर्वे एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई ग्लैमर वर्ल्ड की उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी का एक बड़ा फैसला है। पुणे के पिंपरी-चिंचवड की रहने वाली सायली ने निकाह के बाद प्रताड़ना का शिकार होने पर आखिरकार इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म में घर वापसी कर ली है। शुद्धिकरण के बाद अब उन्हें नया नाम ‘आद्या सुर्वे’ दिया गया है।
लव मैरिज बनी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल
सायली सुर्वे ने कुछ साल पहले अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर मीरा-भयंदर के मशहूर उद्योगपति आतिफ तासे से प्रेम विवाह किया था। सायली ने हाल ही में मीडिया के सामने अपने दर्द को बयां करते हुए कहा कि आतिफ से शादी करना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती साबित हुई। सायली का आरोप है कि निकाह के कुछ ही दिनों बाद उन पर जुल्मों का सिलसिला शुरू हो गया था।
जबरन धर्म परिवर्तन और 10 साल का नरक
सायली ने खुलासा किया कि निकाह के बाद उनका नाम बदलकर ‘अलीजा आतिफ तासे’ रख दिया गया था। उन पर लगातार धर्म बदलने का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। सायली के मुताबिक, पिछले 10 सालों में उनके चार बच्चे हुए। उन्होंने बताया कि वह केवल अपने बच्चों के भविष्य की खातिर सालों तक ससुराल में जुल्म सहती रहीं।
पुलिस से नहीं मिली मदद, हिंदू संगठनों ने दिया साथ
पीडिता का आरोप है कि उन्होंने प्रताड़ना के खिलाफ कई बार पुलिस थाने के चक्कर काटे और शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन रसूखदार पति के कारण उन्हें कहीं से कोई मदद नहीं मिली। आखिरकार, वह कुछ हिंदू संगठनों के संपर्क में आईं। संगठनों के सहयोग और समर्थन के बाद सायली ने इस्लाम त्याग कर अपने मूल धर्म ‘हिंदू धर्म’ में लौटने का फैसला किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ शुद्धिकरण
सोशल मीडिया पर सायली सुर्वे (अब आद्या सुर्वे) का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह पारंपरिक हिंदू वेशभूषा में यज्ञ और हवन करती नजर आ रही हैं। वैदिक रीति-रिवाज और शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्होंने आधिकारिक तौर पर सनातन धर्म अपना लिया है। सायली ने कहा कि अब वह अपने बच्चों के साथ एक नई और सुरक्षित जिंदगी की शुरुआत करना चाहती हैं।















