
सुशांत सिंह राजपूत मामले में बॉलीवुड दो खेमों में बंट चुका है. अब खुलकर जुबानी जंग हो रही है. जया बच्चन की ओर से संसद में दिया गया बयान अब उन पर भारी पड़ रहा है. राज्यसभा में जया बच्चन के बयान ‘जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं’ को लेकर एक बार फिर से कंगना रनौत ने निशाना साधा है. अभिनेत्री कंगना रनौत ने जया बच्चन को आड़े हाथों लिया और पूछा है कि आखिर जया बच्चन और उनकी इंडस्ट्री ने कौन सी थाली दी है?
दरअसल, जया बच्चन ने राज्यसभा में इशारों-इशारों में रवि किशन को कहा था ‘जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं.’ राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान जया ने गोरखपुर से सांसद और अभिनेता रवि किशन पर जिस थाली में खाया उसी में छेद करने वाला आरोप लगाया था. इसी बयान पर अब कंगना ने ट्वीट के जरिए हमला किया है.
कंगना ने कहा है कि बॉलीवुड में एक्ट्रेस को दो मिनट के रोल में आयटम नंबर और रोमांटिक सीन मिलते हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘कौन सी थाली दी है जया जी और उनकी इंडस्ट्री ने? एक थाली मिली थी, जिसमें दो मिनट के रोल में आइटम नम्बर्स और एक रोमांटिक सीन मिलता था, वो भी हीरो के साथ सोने के बाद. मैंने इस इंडस्ट्री को फेमिनिज्म सिखाया, देश भक्ति, नारीप्रधान फिल्मों से थाली सजाई, यह मेरी अपनी थाली है, जया जी आपकी नहीं।’
कंगना के ट्वीट पर गौर करें तो एक ऐसी भी बात लिखी गई है, जिस पर अब विवाद बढ़ सकता है. कंगना ने अपने ट्वीट में इस बात का जिक्र किया है कि बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक्ट्रेस को हीरो के साथ सोने पर ही दो मिनट का सीन मिलता है. कंगना का ट्वीट इस बात की ओर ही इशारा करता है कि एक्ट्रेस को हीरो संग सोना पड़ता है.
बता दें कि इससे पहले भी कंगना ने जया बच्चन के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी. कंगना रनौत ने ट्वीट कर कहा, ‘जया जी क्या आप तब भी यही कहतीं अगर मेरी जगह आपकी बेटी श्वेता को टीनएज में पीटा गया होता, ड्रग्स दिए गए होते और शोषण होता. क्या आप तब भी यही कहतीं अगर अभिषेक लगातार बुलींग और शोषण की बात करते और एक दिन फांसी से झूलते पाए जाते? थोड़ी हमदर्दी हमसे भी दिखाइए.’
राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने कहा, ‘जिन लोगों ने फिल्म इंडस्ट्री से नाम कमाया, वे इसे गटर बता रहे हैं. मैं इससे बिल्कुल सहमत नहीं हूं.’ मैं सरकार से अपील करती हूं कि वो ऐसे लोगों से कहे कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल न करें.’ यहां कुछ लोग हैं जो ‘जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं।’












