जम्मू-कश्मीर: आतंकवादियों ने अगवा किए 4 में से 3 पुलिसकर्मियों को उतारा मौत के घाट

नई दिल्ली: घाटी में पुलिसवाले फिर आतंकियों के निशाने पर हैं. जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में अगवा किये गये तीन पुलिसकर्मियों की आतंकवादियों ने हत्या कर दी है. सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, गुरुवार की देर रात आतंकियों ने तीन पुलिसकर्मियों का अपहरण कर लिया था और अब खबर है कि उनकी हत्या कर दी गई है. हालांकि, अभी तक यह  पता नहीं चल पाया है कि किस आतंकी समूह ने इस नापाक हरकत को अंजाम दियाहै.  ये पुलिसवाले स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स थे. आतंकियों ने कुछ दिन पहले पुलिसकर्मियों को इस्तीफ़ा देने और ड्यूटी पर न जाने को कहा था, वरना अंज़ाम भुगतने की चेतावनी दी थी. पिछले महीने भी कई पुलिसकर्मियों को आतंकियों ने अगवा कर लिया था. हालांकि, बाद में एक आतंकी के पिता की रिहाई के बाद उन्हें छोड़ा गया था..

पुलिस के सूत्रों ने एनडीटीवी से बताया कि आतंकियों ने पुलिस वालों को कथित तौर पर चेतावनी दी है और उन्हें इस्तीफा देने को कहा है.  बता दें कि बीते दिनों अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तान के सैनिकों ने बीएसएफ जवान की बर्बरतापूर्ण हत्या कर दी थी. पाकिस्तानी सैनिकों ने बीएसएफ जवान की गला रेत कर हत्या कर दी थी और फिर उसके शरीर में दो गोली भी मारे थे.

बताया जा रहा है कि मंगलवार को आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को इस्तीफा देने या मरने के लिए तैयार रहने की धमकी दी थी. आतंकियों ने यह धमकी वीडियो के जरिये जारी कर दी थी. माना जा रहा है कि धमकी देने वाला आतंकी लोकल कमांडर है, जिसे कश्मीरी भाषा में बोलते हुए सुना गया.

इससे पहले बीते दिनों दक्षिण कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से आतंकवादियों ने 8 लोगों का अपहरण कर लिया. सूत्रों के अनुसार जिन लोगों का अपहरण वे सभी पुलिसकर्मियों के परिजन हैं. हालांकि, बाद में आंतिकयों ने उन्हें रिहा कर दिया था.

गांववालों ने आतंकियों का किया पीछा
पुलिस ने मृतकों की पहचान कॉन्स्टेबल निसार अहमद और दो स्पेशल पुलिस ऑफिसर फिरदौस अहमद और कुलवंत सिंह के रूप में की है। पुलिस ने बताया कि बतागुंड गांव के लोगों ने आतंकियों का पीछा किया और उनसे अनुरोध भी किया कि वे पुलिसकर्मियों को अगवा न करें, लेकिन आतंकियों ने हवा में फायरिंग कर गांववालों को धमकाया।

नदी पार कर मार दी गोली
गांववालों ने बताया कि आतंकियों ने इलाके की नदी पार की और पुलिसकर्मियों को गोली मार दी। निसार अहमद आर्म्ड पुलिस के साथ काम कर रहे थे। आतंकियों ने एक पुलिस कॉन्स्टेबल के भाई को भी अगवा किया था लेकिन बाद में छोड़ दिया। हिज्बुल मुजाहिदीन से कथित तौर पर संबंध रखने वाले एक ट्विटर हैंडल से इस अपहरण और हत्या की जिम्मेदारी ली गई।

कश्मीर जोन पुलिस ने ट्वीट कर तीनों पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी है। कश्मीर पुलिस ने अपने तीन बहादुर जवानों की हत्या की निंदा करते हुए इसे अमानवीय कृत्य कहा है और लोगों को आश्वस्त किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

उधर, बांदीपोरा में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां मुठभेड़ में 2 आतंकी ढेर किए जा चुके हैं। आपको बता दें कि हाल ही में आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन ने पुलिसकर्मियों से इस्तीफा देने या मरने के लिए तैयार रहने की धमकी दी थी। हिज्बुल के धमकी भरे पोस्टर जम्मू-कश्मीर के कई गांव में लगाए गए थे और सोशल मीडिया पर विडियो भी वायरल किए जा रहे थे।

पुलिसकर्मियों को इस्तीफा देने की धमकी
इसमें कहा गया था कि जो लोग पुलिस में नौकरी कर रहे हैं, वे चार के दिन के अंदर अपना इस्तीफा दें, नहीं तो नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें। 2 मिनट के इस विडियो में ऐसे लोगों के परिवारवालों को निशाना बनाने की धमकी भी दी गई थी। यही नहीं, इस्तीफे की कॉपी भी इंटरनेट पर अपलोड करने को कहा गया था।

पंचायत चुनाव बाधित करने की कोशिश
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा यह धमकी उस वक्त सामने आ रही है जब केंद्र ने जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव की घोषणा कर दी है। माना जा रहा है कि आतंकी संगठन कश्मीर में पंचायत चुनाव से पहले दहशत फैलाकर चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना चाहते हैं। घाटी में इससे पहले कई पुलिसकर्मियों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी गई थी। आतंकियों ने पुलिसकर्मियों के घरवालों को भी निशाना बनाया था।

पुलिसकर्मियों के परिजनों को किया था अगवा
सेना के जवान औरंगजेब के मामले की पूरे देश में चर्चा हुई थी, जिन्हें आतंकियों ने अगवा कर मार दिया था। बीते दिनों दक्षिण कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से आतंकवादियों ने 6 लोगों का अपहरण किया था। ये सभी पुलिसवालों के परिजन थे, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया था।

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