
भारत के युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ओवल में चार मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले गुलाबी-गेंद टेस्ट में अपने खराब आउटिंग के बाद लगातार आलोचनाओं का शिकार हो रहे हैं. एडिलेड की पिच पर अधिकांश भारतीय बल्लेबाज़ फ़्लिप हो गए, जिसके बाद मेहमान टीम ने 8 विकेट से अपमानजनक हार का सामना किया.

लेकिन शॉ की दोषपूर्ण तकनीक और दोनों पारियों में आउट होने के अंदाज़ में उन्हें भारतीय बल्लेबाजी क्रम में सबसे कमजोर बना दिया. सीरीज के दो वॉर्म-अप गेम्स में प्रदर्शन करने में असफल रहे थे रहने के बाद उन्हें शुरूआती टेस्ट में बतौर ओपनर चुना गया था. जिसके बाद कई एक्सपर्ट्स का मानना था कि ओपनिंग के लिए शुभमन गिल या केएल राहुल को मौका दिया जाना चाहिए था.
एडिलेड टेस्ट में पृथ्वी शॉ की दोनों पारियों में विफलताओं ने उनके लिए हालात और खराब कर दिए हैं क्योंकि उनकी सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल और आलोचना की जा रही है. पहली पारी में, शॉ को मैच के पहले ही ओवर में बिना खाता खोले पवेलियन वापस जाना पड़ा था. मैच के पहले ही ओवर में तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने उनका मिडल स्टंप उखाड़ दिया था.

दूसरी में भी शॉ कुछ कमाल नहीं कर पाए और तेज गेंबाज पेट कमिंस की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौटे. जिसके बाद से वह लगातार आलोचनाओं का शिकार हो रहे हैं.
पृथ्वी शॉ की खराब बल्लेबाज की बल्लेबाज भारत के पूर्व महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर और पूर्व महान ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर शेन वॉर्न ने शॉ की बैटिंग तकनीक में खामियां गिनाई हैं.

विलो के साथ अपने खराब फॉर्म के लिए सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल और निशाना बनाए जाने के बाद, शॉ ने सभी हेटर्स को जवाब देने के लिए अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक स्टोरी पोस्ट किया. जिसमें लिखा था, “अगर कभी-कभी लोग आपको कुछ करने के लिए उकसाते हैं, तो इसका अर्थ है कि आप ऐसा कर सकते हैं, हालाँकि वे ऐसा नहीं कर सकते.”













