ई-बस दुर्घटना पर आयुक्त ने बैठक कर गठित की समिति

समिति को बसोंं की भौतिक व ड्राइवरों के प्रशिक्षण की जांच के दिये निर्दश।

कानपुर। ई-बस की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटनाओं पर आयुक्त डॉ. राजशेखर ने आरटीओ, आरएम रोडवेज, नगर निगम मैकेनिकल टीम और एचबीटीयू मैकेनिकल विभाग के अधिकारियों की बैठक कर तकनीकी समिति का गठन की। जो अगले तीन दिनों में फिटनेस के लिए सभी बसों की 100 फीसद भौतिक जाँच सुनिश्चित करेगी। जाँच टीम को जिम्मेदारी सौपी गयी, कि क्या ड्राइवर अच्छी तरह से प्रशिक्षित हैं या नहीं।प्रारंभिक विवरण के अनुसार सिग्नल पर चालक ने हैंड ब्रेक रिलीज़ किए बिना ऐक्सेलरेशन लिया। जब उन्होंने ऐक्सेलरेट को धीमा किए बिना हैंड ब्रेक छोड़ा, तो ई-बस ने पीछे से छह व्यक्तियों और कुछ वाहनों को टक्कर मार दी और डिवाइडर को क्षतिग्रस्त कर दिया।बस संचालन एजेंसी और बस निर्माण एजेंसी (पीएमआई) को इस मुद्दे को तुरंत देखने और एमडी सिटी ट्रांसपोर्ट को रिपोर्ट करने के लिए लखनऊ से कानपुर बुलाया।आयुक्त डॉ. राजशेखर ने एमडी सिटी ट्रांसपोर्ट, पीएमआई प्रभारी अधिकारी को अगले तीन दिनों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन के सम्बंध में संक्षिप्त और आवश्यक अतिरिक्त प्रशिक्षण देने की बात कही। 

हादसे के सिर्फ ड्राइवर या कंडक्टर ही दोषी नहीं

पिछले कुछ ही महीनों से ई-बस का संचालन शहर में हो रहा है। वहीं कोरोनाकॉल से ही अहिरंवा में ई-बस चॉर्जिग और ड्राइवर प्रशिक्षण की प्रक्रिया हो रही है।उसके बाद भी ड्राइवरो का प्रशिक्षण न प्राप्त कर सकना यह अविश्वसनीय कि अप्रशिक्षित ड्राइवर बसों को सड़क पर चला रहे है जो बस को कट्रोंल करने में आसमर्थ है। प्रश्न यह उठता है कि अप्रशिक्षित चालको को बस देना ऐसी क्या जल्दी सरकार या प्रशासन को थी, कि ई-बस सड़क उतर जाये, चालक को बस चलानी या उपकरणों का अंदाजा है भी कि नही। कहीं चुनाव के पहले आनन-फानन में बस चलाने का तो नहीं था। फायदा जनता को ही तो मिलना था तो इस निरीह जनता को बस से कुचलने का मार देना वो भी अप्रशिक्षित चालक से, इसके गुनहगार सिर्फ चालक या कंडक्टर नहीं है?

बस हादसे को लेकर संयुक्त वाहन चालक कर्मचारी संघ ने जताया शोक

घटना का संज्ञान लेते हुए नगर निगम के उ.प्र. वाहन चालक कर्मचारी संघ यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार ने इस हदय विकार घटना पर संवेदना प्रकट करते हुए कार्यवाही करने की बात कही है।उ.प्र. संयुक्त वाहन चालक कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि कानपुर नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी प्रा. लि. ने कई नवीन वाहन क्रय कर विभाग को दिया है। लेकिन जो वाहन 15 वर्ष पुराने और अपनी अवधि पूरी कर चुके है वह रबिश विभाग में खडे हुए है उनमें से कई वाहन ऐसे भी है जो संचालित हो रहे है जिनकी फिटनेस भी होना संभव नही है उसे ऑक्सन कर देना चाहिए बावजूद इसके वह वाहन सडको पर मौत बन कर दौड रहे है। अब ऐसी दशा में नगर निगम के संचालित पुराने वाहन से भी दुर्घटना होने की पूरी सभावना है। उन्होंने नगर आयुक्त व प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर मांग की है कि मानव जीवन सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए कार्यवाही करे ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

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