बांदा : मेडिकल कालेज में जूनियर चिकित्सकों ने तीमारदारों से की मारपीट

– रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में हुई घटना, पुलिस बनी रही मूकदर्शक

– पीड़ित कोतवाली पहुंचे, पुलिस ने उन्हें डपटकर भगाया

भास्कर न्यूज

बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में जूनियर चिकित्सकों ने तीमारदारों के साथ जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं एक महिला के पेट में लात भी मार दी। इससे उसको अंदरूनी चोटें आ गईं। घटना से इमरजेंसी में अफरा-तफरी मच गई। शोरशराबा सुनकर चौकी प्रभारी भी मौके पर पहुंच गए। चिकित्सकों का कृत्य देख पुलिस भी मूकदर्शक बनी खड़ी रही। हंगामा काफी देर तक चलता रहा। बाद में पीड़ित कोतवाली पहुंचे, घटना की जानकारी पुलिस को दी। लेकिन पुलिस ने उन्हें डपटकर भगा दिया। तीमारदारों का आरोप है कि चिकित्सकों ने इलाज नहीं किया। गर्भवती महिला को प्रयागराज में भर्ती कराया गया।

नरैनी कोतवाली क्षेत्र के लहुरेटा गांव निवासी नीतू (24) पत्नी शिवबरन प्रसव पीड़ा से परेशान थी। उसके जेठ कमलेश यादव, जेठानी गोमती ने रविवार की रात उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में दाखिल कराया। वहां पर जूनियर चिकित्सकों ने नीतू को देखने के बाद उसे भर्ती कर लिया। जूनियर चिकितसकों ने प्रसव के दौरान प्रसव के दौरान होने वाले कागजी खानापूरी कराई जा रही थी। हस्ताक्षर करने के लिए नीतू का जेठ कमलेश पहुंच गया। वहां पर मौजूद चिकित्सक ने उससे अभद्रता कर दी। कमलेश ने इसका विरोध किया। वहां पर खड़े अन्य तीमारदारों ने भी चिकित्सक की अभद्रता का विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते तीमारदार और चिकित्सकों में नोकझोंक होने लगी। शोरगुल सुनकर अन्य चिकित्सक भी वहां पहुंच गए। एक चिकित्सक ने नीतू की जेठानी गोमती (36) पत्नी कमलेश के पेट में लात मार दी, जिससे वह गिर पड़ी। उसे गंभीर चोटें आईं। अन्य तीमारदार देवांक पाठक गंगा पुरवा और कमलेश ने विरोध किया तो उनके साथ भी चिकित्सकों ने मारपीट की।

इससे मेडिकल कालेज में अफरा-तफरी मच गई। मरीज और तीमारदार कमरे से बाहर निकल भागे। कमलेश का कहना है कि चिकित्सकों ने उन्हें बंद करके मारा है। सूचना पाकर मेडिकल कालेज पुलिस चैकी के प्रभारी मौके पर पहुंच गए। चिकित्सकों का उत्पात देख वह भी दंग रह गए। उनकी भी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं पड़ी। वह मूकदर्शक बने खड़े रहे। किसी तरह समझा-बुझाकर मामले को शांत किया गया। तीमारदारों का कहना है कि जूनियर डाक्टरों का यह पहला मामला नहीं है। अक्सर रात में आने वाले मरीजों के साथ अभद्रता करते हैं। इतना ही नहीं अगर तीमारदार कुछ बोलते हैं तो उनके साथ मारपीट करने में आमादा हो जाते हैं। पीड़ित गोमती रात में ही घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने कोतवाली गई थी। वहां पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें डपटकर भगा दिया। कहा कि सुबह आना। घायल पीड़िता वापस चली आई। कमलेश का कहना है कि चिकित्सकों ने नीतू का इलाज भी नहीं किया। उसे रेफर कर दिया गया। नीतू को प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेडिकल कालेज प्राचार्य डा. मुकेश यादव का कहना है कि डिलेवरी का केस आया हुआ था। चिकित्सकों ने मरीज के तीमारदार से सहमति पत्र लिखने के लिए कहा था। लेकिन महिला का पति नशे में था, वह गाली-गलौज करने लगा। किसी तरह समझा-बुझाकर उसे शात करा दिया गया। वह महिला को लेकर चला गया। मेडिकल कालेज में किसी प्रकार की कोई मारपीट नहीं हुई है।

मेडिकल कालेज में नहीं है सिक्योरिटी व्यवस्था

बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में सिक्योरिटी की व्यवस्था नहीं है। इससे आए दिन तीमारदार और चिकित्सकों के बीच नोकझोंक होती रहती है। कालेज प्राचार्य डा. मुकेश यादव ने बताया कि सिक्योरिटी के न रहने पर मरीज के साथ कई तीमारदार अंदर घुस जाते हैं। इलाज में भी व्यवधान उत्पन्न करते हैं। सिक्योरिटी मिल जाए तो एक मरीज के साथ एक ही तीमारदार को अंदर जाने दिया जाए। ताकि भविष्य में झगड़ा आदि न हो सके। उनका कहना है कि कई बार उन्होंने सिक्योरिटी की मांग की, लेकिन सिक्योरिटी उपलब्ध नहीं हो सकी।

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